Link copied!
Sign in / Sign up
4
Shares

प्रेगनेंसी में एच.आई.वी(HIV) से जुड़े आम भ्रम


HIV का वायरस आम तौर पर असुरक्षित सेक्स में योनि द्वार के माध्यम से या फिर मल के छेद से अंदर से शरीर में प्रवेश करता है। यह मुखमैथुन से नहीं होता, परन्तु अगर मुँह से संक्रमित दाने,रक्त या फिर वीर्य संपर्क में आ जाये तो HIV हो जाता है।

अगर कोई HIV से संक्रमित हो जाये तो इसके लक्षण दिखने में 10 साल तक लग सकते हैं। सही समय पर इलाज शुरू कर दिया जाये तो इंसान के बचने और ठीक होने की उम्मीद बढ़ जाती है वरना बीमारी भीषड़ रूप धारण कर लेती है।

HIV के इर्द-गिर्द कई मिथ्यायें तैरती हैं। इसलिए आपको पुख्ता जानकारी देकर हम आपका स्वास्थ्य सुरक्षित रखना चाहते हैं।

1. मुख मैथुन से HIV नहीं होता

पति के लिंग को मुँह में लेने से खतरा कम ज़रूर होता है परन्तु पूरी तरह से मिटता नहीं है। अगर आपके मुँह में संक्रमित रक्त या वीर्य आ जाता है तो उसमें मौजूद HIV वायरस आपपर हमला कर देते हैं। आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है।

2. HIV होने पर उसके लक्षण देख कर जल्दी पता लगा सकते हैं

यह झूट है। HIV के लक्षण पूर्ण रूप से विक्सित होकर शरीर में दिखने के लिए दस साल तक ले सकते हैं। शुरुवात में तो आप खुद उन्हें किसी मामूली बीमारी का लक्षण समझ कर नज़रअंदाज़ कर देंगी।

फ्लू या ठण्ड लगने जैसे लक्षण बीमारी लगने के 2 से 4 हफ़्तों के अंदर दिखने लगते हैं। आपको बुखार चढ़ेगा, रात में बदन से पसीना बहेगा, मांसपेशियों में दर्द होगा, गले में खराश और टॉन्सिल की शिकायत आ जाएगी।

सबसे सही जानकारी आपको भरोसेमंद डॉक्टर की मेडिकल जाँच से प्राप्त हो जाएगी।

3. HIV होने के बाद स्वस्थ्य यौन सम्बन्ध नहीं बनाये जा सकते

दरअसल यह गलत है। जब मरीज़ एंटी-रेट्रोवायरल दवाइयां लेने लगता है तो वो एक साथी के साथ ही शारीरिक सम्बन्ध रखे। इससे उसे तकलीफ नहीं होगी। उसे अन्य मरीज़ के साथ यौन सम्बन्ध नहीं रखने चाहिये।

4. HIV Positive महिलाएं बच्चे पैदा नहीं कर सकतीं

झूट। एंटी-रेट्रोवायरल दवाइयां लेने से HIV वायरस माँ से शिशु तक नहीं पहुँच पाता है। इन दवाइयों को जितना जल्दी लेना शुरू कर दिया जाता है उतना ही माँ और शिशु के लिए बेहतर रहेगा।

5. गुदा मैथुन से आपको HIV नहीं होता

गलत। गुदा जब संक्रमित वीर्य के समपर्क में आता है, तो वह इंसान के शरीर के अंदर प्रवेश पा लेता है और मनुष्य में बीमारी वाले कीटाणु ले आता है। यह बीमारी धीरे धीरे शरीर में बढ़ने लगती है।

6. HIV संक्रमित व्यक्ति से गले लगने से AIDS हो सकता है।

यह बिलकुल गलत है क्योंकि HIV कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है।

7. HIV संक्रमित व्यक्ति जिस कमरे में है वहां पर साँस लेने से HIV संक्रमण फैल सकता है।

नहीं। यह आरोप गलत है क्योंकि HIV संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन सम्बन्ध रखने के कारण, या फिर संक्रमित रक्त या सुई से रक्त चढ़वाने के कारण फैलता है। यह साँस के माध्यम से नहीं फैलता।

याद रखें की सही और सच्ची जानकारी ही करेगी आपका बचाव। सावधानी बरतें और अपने प्रियजनों का ख्याल रहें। असुरक्षित व्यवहार करने से परहेज़ करें और कई लोगों के साथ असुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाने से बचें।

सेहत पर ध्यान देना सुखी जीवन के लिए अनिवार्य है। इस ब्लॉग को ज़रूर शेयर करें।


Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon