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उम्र के अनुसार बी.पी कितना होना चाहिए- आपके हाई बी.पी(BP) होने के संकेत

  बी.पी नापने वाली मशीन में बी.पी की रीडिंग 120/80 mm Hg सामान्य बी.पी दर्शाती है। 120 दिखाता है सिस्टोलिक प्रेशर जो आपकी रक्त नली पर दबाव को दिखाता है। 80 डायस्टोलिक प्रेशर दिखाता है जो ह्रदय के पुनः भरने का भार दिखाता है।

ब्लड प्रेशर जब 90/60 तक आ जाये या उससे नीचे गिर जाए तो यह लो बी.पी का लक्षण है। इसको मेडिकल भाषा में हाइपोटेंशन कहते हैं। व्यक्ति का ब्लड प्रेशर जब 140/90 और उससे ऊपर बढ़ जाये तो इसका अर्थ है की उसे हाई BP या हाइपरटेंशन है। ब्लड प्रेशर उम्र के साथ बढ़ता जाता है। पुरुशों में महिलाओं की तुलना उच्च बी.पी होता है। अपनी जीवनशैली और खानपान पर ध्यान देने से आप बी.पी की समस्या पर नियंत्रण रख सकती हैं।

ब्लड प्रेशर क्या होता है?

 

  ब्लड प्रेशर का अर्थ इस प्रकार समझाया जा सकता है:- बदन में रक्त संचार होते समय रक्त आपकी नलियों पर कितना दबाव डालता है। रक्त संचार का उद्गम(स्त्रोत) आपका ह्रदय होता है। यहाँ से रक्त अन्य अंगों तक पहुँचता है।

ब्लड प्रेशर की परेशानियां?

यह तीन प्रकार की होती हैं:

a) लो बी.पी

b) सामान्य बी.पी

c) हाई बी.पी

जब स्वास्थ्य की बात आती है तब आपको कुछ संख्याओं पर ध्यान देना चाहिए। जैसे की इस चार्ट में दिया गया है।

  इसे पढ़िए और ध्यान दें। पहले कौलम में आप किस दौर में हैं, यह बताया गया है। हाई बी.पी को कई भागों में बाँटा गया है, पहले आपका ब्लड प्रेशर बढ़ता है, धीरे धीरे या और अधिक बढ़ता है, फिर यह सामान्य रेंज को पार कर जाता है जिस कारण आप खतरे में पड़ सकती हैं।

दूसरी तरफ यह बताया गया है की अपनी ब्लड प्रेशर रिपोर्ट आने पर आप खुद को किस श्रेणी में पातीं हैं। इसमें आपकी ब्लड प्रेशर और आपकी हाइपरटेंशन के बारे में सरल शब्दों में दिया गया है।

 

Hypotension (too low) Lower than 90/60 mmHg

Normal Lower than 120/80 mmHg

Prehypertension 120/80 to 139/89 mmHg

Hypertension stage 1 140/90 to 159/99 mmHg

Hypertension stage 2 Higher than 160/100 mmHg

Hypertension crisis 180/110 mmHg — ऐसे में आपातकालीन सेवा का सहारा लेना चाहिए।

इसके अतिरिक्त महिलाओं और पुरुषों के उम्र के साथ परिवर्तन आते हैं। इस चार्ट में इसके बारे में दिया गया है।

ब्लड प्रेशर किन चीज़ों से प्रभावित होता है?

i) धूम्रपान

ii) मोटापा

iii) खानपान- ज़्यादा नमक वाला खाना, अधिक तैलीय

iv) उम्र

v) जाती

vi) घरवालों की बीमारी

vii) कामकाज में आलस्य करना।

viii) पोटैशियम की कमी

ix) विटामिन डी की कमी

x) शराब

xi) तनाव

xii) किडनी की समस्या

बीमारी से बचाव हमारे हाथ में है। अगर हम ध्यान रखें तो हम सभी स्वस्थ्य रह सकते हैं। इसलिए बीमारी का कारण समझें और सेहतमंद बनें।

इस पोस्ट को शेयर कर सबमें जागरूकता बढ़ायें। अपने सुझाव या सवाल हमें कमेंट्स में लिख भेजिए।

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