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जानिए हार्ट अटैक से कैसे अलग है कार्डियक अरेस्‍ट ?

आपने कई बार लोगों के मरने की वजह का कारण कार्डियक अरेस्‍ट सुना होगा। बॉलीवुड में ऐसी कई हस्तियां हैं जो इसका शिकार हुई है। कई लोग इस बात से अंजान है कि आखिर कार्डियक अरेस्‍ट असल में है कौन सी बीमारी। या फिर कई इसे हार्ट अटैक ही समझते हैं। यह दिल की एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिसे मेडिकल की भाषा में कार्डियक अरेस्ट कहते हैं। दिल हमारे शरीर का काफी महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा होता है। हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट ऐसी बीमारी है जिसमें कई बार अचानक से हमारी मौत हो जाता है। ऐसे में आज के माहौल में हमें वक्‍त वक्‍त पर डॉक्‍टर से अपना चेकअप कराना काफी जरूरी होता है। साथ ही यह भी जानना जरूरी है कि आखिर हार्ट की किस बीमारी से ग्रस्‍त हैं। आइए जानते हैं आज कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्‍या फर्क होता है।

1) जानिए क्‍या है कार्डियक अरेस्ट ? - what mean by cardiac arrest in hindi 

2) जानिए क्‍या है हार्ट अटैक ? - what is mean by Heart attack in hindi 

3) दोनों में अंतर -  distance between heart attack and cardiac arrest in hindi 

4) जानिए इसके कुछ बचाव - what  precaution you should be take in hindi 

5) कार्डियक अरेस्ट के लक्षण - symptoms of cardiac arrest in hindi 

 

जानिए क्‍या है कार्डियक अरेस्ट ?- what mean by cardiac arrest in hindi 

कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब ह्रदय के भीतरी विभिन्न हिस्सों के बीच सूचनाओं का आपसी आदान प्रदान बिगड़ जाता है जिससे दिल की धड़कन पर बुरा असर पड़ता है। इसके इलाज के लिए कार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन (CPR) दिया जाता है। जिसकी मदद से इससे हार्ट रेट नियमित किया जाता है। डिफाइब्रिलेटर के जरिए बिजली के झटके दिए जाते हैं। जिससे दिल की धड़कनों को वापस लाने में मदद मिलती है। मरीज इस समय बेहोश हो जाते हैं। अगर कुछ ही देर के अंदर मरीज को डॉक्टर के पास नहीं ले जाया गया तो उसकी मौत हो सकती है। कार्डियक अरेस्ट के दौरान दिल की धड़कन रुक जाती है। दिल की धड़कन अनियंत्रित होने की भी कई वजहें हो सकती हैं। जैसे हो सकता है मांसपेशी में कोई समस्या आ गई हो या कि मांसपेशी ठीक हो मगर उसे मिलने वाला खून दूषित हो आदि।

जानिए क्‍या है हार्ट अटैक ? - what is mean by Heart attack in hindi 

हार्ट अटैक कोरोनरी आर्टिरीज में ब्लॉकेज के कारण आता है। जिसमें दिल का रक्त प्रवाह रुक जाता है। जबकि कार्डियक अरेस्ट अचानक होता है, जिसमें अप्रत्याशित तरीके से दिल काम करना बंद कर देता है, सांस लेना थम जाता है या बेहोशी आ जाती है। इसका कारण आपके दिल में इलेक्ट्रिकल डिसटर्बेंस से पंपिंग कार्य रुक जाना हो सकता है, जिससे बाकी शरीर में रक्त का प्रवाह रुक जाता है। यानी हार्ट अटैक होने पर दिल के भीतर की कुछ पेशियां काम करना बंद कर देती हैं। धमनियों में आए इस तरह आई ब्लॉकेज को दूर करने के लिए कई तरह के उपचार किए जाते हैं, जिनमें एंजियोप्लास्टी, स्टंटिंग और सर्जरी शामिल हैं, और कोशिश होती है कि दिल तक खून पहुंचना नियमित हो जाए।

दोनों में अंतर - distance between heart attack and cardiac arrest in hindi  

हार्ट अटैक में अचानक ही हृदय की किसी मांसपेशी में खून का संचार रुक जाता है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में हृदय में खून का संचार बंद कर देता है। हार्ट अटैक के वक्त भी हृदय बाकी शरीर के हिस्सों में खून का संचार करता है और व्यक्ति होश में रहता है, लेकिन कार्डियक अरेस्‍ट में सांस नहीं आती और व्यक्ति के कोमा में जाने की संभावना अधिक रहती है। यदि कोई हार्ट अटैक का मरीज है उसको कार्डियक अरेस्ट का खतरा अधिक रहता है।

जानिए इसके कुछ बचाव -  what  precaution you should be take in hindi 

यदि आपके सामने किसी को कार्डियक अरेस्ट आ गया हो तो ऐसे में सबसे पहले देखना चाहिए कि मरीज सही से सांस ले पा रहा है या नहीं, अगर नहीं ले पा रहा है तो ‘सीपीआर’ प्रणाली पर काम करना चाहिए। इस प्रक्रिया में मरीज के सीने पर हाथों से दबाव दें। मरीज के सीने को एक मिनट में कम से कम 100 से 120 बार तक दबाएं। हर 30 बार दबाने के बाद उसकी सांस को चेक करते रहें। ऐसे में बिना वक्‍त बर्बाद किए किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

यदि कोई इस बीमारी से ग्रस्‍त है तो उसे अच्छे और पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। ऐसे में कोशिश करें कि आप फास्टफूड्स से सेवन से बचें, सिगरेट-शराब या किसी भी नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करें। वक्‍त पर सोएं और पूरे 8 घंटे की नींद लें। रोजाना थोड़ा बहुत व्यायाम करें। कोशिश करें कि आप गाड़ी की जगह थोड़ी दूरी के लिए पैदल चलकर जाएं। साथ ही वक्‍त - वक्‍त पर डॉक्‍टर से अपना चेकअप कराते रहे।

 

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण - symptoms of cardiac arrest in hindi 

आमतौर पर कार्डियक अरेस्ट की समस्या उन्हें ज्यादा होती है जिन्हें पहले एक बार हार्ट अटैक आ चुका है। कार्डियक अरेस्ट आने से पहले कोई भी लक्षण नजर नहीं आते हैं और इसी वजह से मौत का खतरा काफी बढ़ जाता है। अगर आपको अचानक सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, सीने में भारीपन या जकड़न और बेवजह पसीने आने जैसे लक्षण नज़र आते हैं तो इन्हें बिल्कुल भी अनदेखा ना करें। ये सभी कार्डियक अरेस्ट के लक्षण हैं। अगर किसी व्यक्ति का बीपी अचानक डाउन हो जाए। शरीर पीला पड़ने लगे और वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिर जाए। इसी के साथ उसकी धड़कन अनियमित हो जाए और पल्स बंद हो जाए तो यह कार्डिएक अरेस्ट का लक्षण हो सकता है। कार्डियक अरेस्ट के कारण, शरीर में ऑक्सीजन का वितरण रूक जाता है। जिसके कारण दिल पर बुरा असर पड़ता है और मरीज की जान भी जा सकती है। साथ ही 30 साल की उम्र के बाद ऐसिडिटी या अस्थमा के दौरे पड़ना कार्डिएट अरेस्ट का कारण बन सकता है।

आपको बता दें कि भारत में एक साल में कार्डिएक अरेस्ट के मरीजों की संख्या 10 लाख से ज्यादा है। कार्डिएक अरेस्ट सबसे ज्यादा खतरा 41-60 साल या 60 साल से अधिक के उम्र के लोगों में होता है। 

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