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गोद भराई की ख़ुशी में अनदेखा ना करें अपनी सुरक्षा को


माँ बनना हर महिला के लिए एक यादगार अनुभव होता है, किसी भी महिला के लिए यह एक बहुत ही ख़ुशी का वक़्त होता है। सिर्फ होने वाली माँ के लिए ही नहीं बल्कि पुरे परिवार के लिए यह एक बहुत ही ज़्यादा महत्वपूर्ण और ख़ुशी का मौका होता है क्यूंकि आनेवाला शिशु परिवार के हर सदस्य को एक दूसरे के और करीब ले आता है। पूरा परिवार उस नन्हे मेहमान के आने के ख़ुशी में बहुत कुछ करता है और उन्हीं में से एक है गोद भराई की रस्म। इस रस्म में घर के सदस्य एवं ज़्यादातर महिलाएं ही हिस्सा लेती है, हर समुदाय में यह रस्म गर्भावस्था के अलग-अलग वक़्त पर किया जाता है। इस रस्म में गर्भवती महिला नये कपड़े, गहने डालकर तैयार होती हैं और इस रस्म में दूसरी महिलाएं और घर के बड़े गर्भवती महिला के गोद में फल-मिठाई डालते हैं ।लेकिन बदलते वक़्त के साथ इसमें थोड़ा बदलाव भी हो रहा है, आजकल लोग गर्भवती महिला को गिफ्ट्स में खिलौने और शिशु के कपड़े भी देने लगे हैं। गोद भराई को बेबी शावर भी कहते हैं और आजकल लोग इसके लिए स्पेशल थीम रखते हैं, इसके अलावा केक व् पार्टी का आयोजन करते हैं और इतना ही नहीं नाच-गाने का प्रोग्राम भी होता है।

 

 

क्यों होती है गोद भराई की रस्म?

यह रस्म अलग-अलग जाति व समुदाय में अलग समय -अलग समय में मनाया जाता है जहाँ कुछ लोग इस रस्म को गर्भावस्था के 7 महीने पूरे होने पर मनाते हैं तो वहीं कुछ लोग 8 महीने पूरे होने पर करते हैं। गोद भराई ना सिर्फ मौज-मस्ती के लिए बल्कि आने वाले शिशु के अच्छे सेहत के लिए भी किया जाता है। इसमें बड़े-बुज़ुर्ग होने वाली माँ को और उसके होने वाले शिशु को आशीर्वाद देते हैं, इसके आलावा इसमें विशेष पूजा रखवाई जाती है जिससे शिशु और माँ दोनों स्वस्थ रहें।

गर्भवती महिला को किन बातों का रखना चाहिए ख्याल?

यह तो थी बातें की गोद भराई क्यों मनाई जाती है और यह क्यों ज़रूरी है पर अब सवाल यह उठता है की गोद भराई किसी भी गर्भवती महिला के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण ओकेज़न है, यह एक बहुत ही आनंद व् उत्साह का वक़्त होता है और बहुत से लोग इसमें शामिल होते हैं व् कुछ रस्में भी करनी पड़ती है इसलिए इस वक़्त होने वाली माँ को अपना खास ख्याल रखना होता है।

1. गोद भराई का फंक्शन काफी व्यस्तता से भरा होता है इसलिए इस फंक्शन से पहले गर्भवती महिला को अच्छे से आराम कर लेना चाहिए ताकि फंक्शन के दौरान उन्हें थकावट ना हो।

2. गोद भराई में होने वाली माँ नए कपड़े व् गहने पहनती हैं इसलिए गर्भवती महिला को बहुत सोच समझकर अपना ड्रेस सेलेक्ट करना चाहिए क्यूंकि इस ओकेज़न के दौरान गर्भवती महिला को बहुत देर बैठना पड़ता है इसलिए ध्यान रहे की ज़्यादा भारी या टाइट कपड़े या हेवी गहने न पहने जिससे की अनकम्फर्टेबल फील हो।

3. भूखे ना रहे और खूब पानी पिएं और पार्टी के खाने से बचें। अगर कुछ खाती भी हैं तो थोड़ा लिमिट में और सोच-समझकर खाएं जिससे की होने वाले शिशु के सेहत पर कोई बुरा असर ना हो।

4. गर्भवती महिला को बार-बार बाथरूम जाने की ज़रूरत होती है इसलिए पार्टी के दौरान गर्भवती महिला से बार-बार इन सब बातों के बारे में पूछें क्यूंकि ज़्यादा लोगों के होने से उन्हें हिचक हो सकती है और वो ज़्यादा देर तक यूरिन रोक ले सकती है। इसलिए गर्भवती महिला को अपने साथ अपने किसी परिवार के सदस्य व् दोस्त को रखना चाहिए ताकि वो अपनी बात उन तक पहुंचा सके और अगर उन्हें कोई असुविधा हो तो वो उनसे मदद ले सके।

5. पार्टी में ज़्यादा लाउड म्यूजिक ना बजवायें या ज़्यादा शोर-शरावा ना होने दें क्यूंकि इससे होने वाले शिशु पर असर हो सकता है।

कैसे करें गोद भराई का आयोजन?

- आजकल थीम पार्टीज़ का खूब चलन है इसलिए अगर आप अपने किसी दोस्त या घर के सदस्य के लिए गोद भराई का फंक्शन रखने का सोच रही हैं तो आप अपने या होने वाली मम्मी के किसी पसंद का थीम रख सकती हैं।

- आप स्पेशल बेबी शावर केक का आर्डर दे सकती हैं, इसके अलावा पार्टी में बच्चों के टॉयज, बलून्स, कार्टून कैरेक्टर्स भी आप ऐड कर सकती हैं।

- आजकल रिटर्न गिफ्ट का भी चलन है इसलिए आप पार्टी में आये हुए मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट में मिठाई, ड्राई फ्रूट्स और अगर मेहमानों के बच्चे हैं तो बेबी टॉयज़ भी दे सकती हैं।

माँ बनना किसी भी महिला के लिए एक सौभाग्य की बात है इसलिए इस पल को गोद भराई के फंक्शन के साथ ज़रूर यादगार बनाएं।

हैप्पी प्रेगनेंसी !

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