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घर में प्रेगनेंसी टेस्ट किट कैसे इस्तेमाल करें

गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत व अद्भुत समय होता है। अक्सर महिलायें गर्भवती हैं कि नहीं यह जानने के लिये घर पर ही प्रेगनेंसी टेस्ट किट का प्रयोग करती हैं जो की आपको डॉक्टर के पास जाने से बचाती है। आपका समय भी बचता है तथा आप अपने शरीर से जुड़े रहस्य को जान लेती हैं। हम आपको प्रेगनेंसी टेस्ट किट से जुड़ी कुछ बातें बताना चाहेंगे ताकि आप में जागरूकता बढ़े और उस से जुड़ी मिथ्याएँ मिटें।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट खरीदने से पूर्व ज़रूरी निर्देश

प्रेगनेंसी टेस्ट किट खरीदते वक्त यह ध्यान रहे कि आप नई पैकिंग का किट खरीदें क्योंकि पुराना किट गड़बड़ नतीजे दे सकता है। आप ऐसी ब्रांड का किट ख़रीदें जिसमें दो टेस्टिंग स्टिक मिलें ताकि आप नकारात्मक नतीजे आने पर एक हफ्ते बाद दोबारा टेस्ट कर सकें। खरीदने से पहले एक्सपायरी डेट अवश्य चेक करें। पैकिंग खुली न हो इसका भी ध्यान रखें। अगर वह फटी, फूली या अलग नाम या रंग की हो तो आप बदल कर दूसरा किट खरीदें। अगर आप के घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट किट पड़ा है तो आप देख लें कि वो ज़्यादा पुराना न हो और धुप या पानी से सुरक्षित हो।

प्रेगनेंसी टेस्ट किस आधार पर होता है ?

घर में प्रेगनेंसी टेस्ट गर्भवती महिला के शरीर में पाये जाने वाले हॉर्मोन ह्ययूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (एच.सी .जी) को टेस्ट करता है। अगर महिला की मूत्र में यह हॉर्मोन पाया जाता है तो वह निश्चिन्त रूप से गर्भवती है। इसे गर्भवती महिलाओं का हॉर्मोन भी कहते हैं। प्रेगनेंसी टेस्ट किट ज़्यादातर दवाईखानों पर मिल जाती है। बाज़ार में उपलब्ध कुछ टेस्ट किट्स आपके मासिक धर्म न होने को भी पकड़ लेती हैं जो की गर्भधारण का पहला संकेत होता है। यह सच है की गर्भधारण के दौरान शरीर में (एच.सी.जी) की मात्रा बढ़ जाती है पर कभी-कभार मासिक धर्म का न होना अन्य कारणों से भी हो सकता है जैसे की मानसिक तनाव या बीमारी।

अन्य दवाइयों का प्रेगनेंसी टेस्ट किट पर असर

अन्य दवाइयों का टेस्ट किट पर कोई ख़ास असर नहीं होता। क्योंकि किट का इस्तेमाल हम शरीर के बाहर करते हैं। दवाइयों को खाने से कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता जब तक की उनमें एच.सी.जी पैदा करने या बढ़ाने की शक्ति हो।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट कब इस्तेमाल करें ?

ज़्यादातर विशेषज्ञ ये मानते हैं की किट मासिक धर्म न होने के अगले दिन टेस्ट करें। लेकिन आप मासिक धर्म न होने के एक हफ्ते बाद टेस्ट करेंगी तो और बेहतर रहेगा क्योंकि इस समय आपके शरीर में एच.सी.जी लेवल्स बढ़ने की संभावना है। इंतज़ार करने में कोई हर्ज़ नही है और आपको सही नतीजा मिलेगा। एच.सी.जी हॉर्मोन औरत के शरीर में तब पैदा होता है जब उसका अंडाणु फर्टिलाइज़्ड होकर कोख से जुड़ जाता है। यह आमतौर पर सेक्स के पश्चात 6ठे दिन पर होता है। इसी कारण प्रेगनेंसी टेस्ट किट जल्दी इस्तेमाल करने पर आपको सही रिजल्ट यानि पोसिटिव प्रेगनेंसी नहीं पता चलेगी।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट किस समय इस्तेमाल करें ?

सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा टेस्ट करने के लिये। एच.सी.जी की मात्रा गर्भधारण के बाद से बढ़ना शुरू हो जाती है। यह 8वें से 11वें हफ़्तों में अधिकतम होती है तथा 12वें से 16वें हफ्ते में घट जाती है। आमतौर पर एच.सी.जी की मात्रा सुबह अधिक होती है इसलिए सुबह टेस्ट करना आपको पोसिटिव प्रेगनेंसी जाँचने में मदद करेगा।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट कैसे इस्तेमाल करें ?

किट प्रयोग करने से पूर्व आप उसमें दिये निर्देश का पालन ज़रूर करें नहीं तो गलत नतीजों के कारण आपको टेस्ट फिर से दोहराना पड़ेगा। आराम से शांत होकर सुविधानुसार टॉयलेट जाकर मूत्र को टेस्ट किट में डालकर चेक करें। अगर आपको इसके इस्तेमाल की विधि स्पष्ट नहीं हुई है तो घर में किसी भरोसेमंद से सलाह लें की किट को कैसे प्रयोग करते हैं। किट इस्तेमाल करने से पहले आप अपने हाथ गुनगुने पानी और साबुन से धुलना न भूलें। इससे अनचाहे कीटाणु आपके नतीजे को असर नहीं करेंगे और संक्रमण भी नहीं होगा। मूत्र को टेस्टिंग किट के संपर्क में आने के बाद आप 1 से 5 मिनट का इंतज़ार करें। कुछ किट्स दस मिनट का समय भी ले सकती हैं।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट के नतीजे

किट में दिये प्रेगनेंसी चिह्न को समझकर ही नतीजे पर पहुंचे। कुछ किट्स में + और - का चिह्न दिया जाता है जिसका अर्थ प्रेगनंट और नॉन-प्रेगनंट होता है। कुछ किट्स में रंग बदलता है या फिर एक विशेष प्रकार की रेखा दिखाई देती है। ये सब विभिन्न ब्रांड पर निर्भर करता है। अगर आपकी प्रेगनेंसी टेस्ट किट का रंग हल्का दिखाई दे तो आप प्रेगनेंट हो सकती हैं क्योंकि किट आपका एच.सी.जी हॉर्मोन खुद में सोक चुकी हैं।

डॉक्टर से कब मिलें

अगर आपका रिज़ल्ट पोसिटिव है तब आप चिकित्सक के पास जायें और जाँच करवायें। इसके लिये आपका रक्त जाँचा जायेगा। बताई गई दवाई खरीदें। सेक्स के बाद मासिक धर्म न होने पर भी अगर 2 बार टेस्ट में नेगेटिव रिज़ल्ट आये तब भी विशेषज्ञ से मिलें। वे आपको सही कारण बतायेंगे की आपके रिज़ल्ट पोसिटिव क्यों नहीं आ रहे। असंतुलित खानपान या शारीरिक पीड़ा आपके प्रेगनेंसी टेस्ट रिज़ल्ट को प्रभावित करते हैं।   

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