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गर्मी में सेहत से जुड़े वो मिथ, जिन पर हर कोई आसानी से करता है भरोसा


तापमान बढ़ रहा है और उसके साथ बढ़ रही हैं खुद को और अपने परिवार को गर्मी और बीमारियों से बचाने की चुनौती। गर्मियों में अगर सेहत के प्रति लापरवाही बरती तो बीमारियां जल्दी से जकड़ लेती हैं इसलिए लोग गर्मियों में अपनी सेहत का ख्याल ज्यादा रखते हैं, लेकिन कुछ समर मिथ ऐसे हैं, जिनपर लोग आसानी से भरोसा कर उसे फॉलो करने लगते हैं। अगर आप भी उन मिथ पर यकीन करते हैं तो आप भी ये आर्टिकल पूरा पढ़े।

 

हर ड्रिंक बुझाती है प्यास

 

 

गर्मियों में पेय पदार्थों का सेवन ज्यादा किया जाता है और करना भी चाहिए। क्योंकि गर्मियों में हमारे शरीर में पानी की कमी हो सकती हैं लेकिन मिथ है कि हर पेय पदार्थ यानी ड्रिंक आपके शरीर में पानी की कमी को पूरा करती है। ये बात पूरी तरह से गलत हैं। कुछ पेय पदार्थ जैसे कैफीन युक्त ड्रिंक या सोड़ा, फ्रूट डिंग्स, जिनमें अधिकर शर्करा होती हैं, आपके शरीर के लिए अच्छी नहीं होती है। ऐसी ड्रिंक को पचाने के लिए कोशिकाओं को ज्यादा पानी खर्च करना पड़ता है और आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती हैं। इसलिए गर्मियों में सिर्फ 100 प्रतिशत शुद्ध फलों का रस, वेजिटेबिल जूस, लो फैट दूध, नीबू पानी और ज्यादा से ज्यादा साधारण पानी ही पिएं।

 

आसमान में बादल छाए तो सनस्क्रीन ना लगाएं

अगर आप भी इसमें यकीन रखते तो तुंरत इस बात से आप अपना भरोसा उठा लें और बादल लगे हों या कड़कती धूप, बिना सनस्क्रीन लगाएं बाहर ना जाएं। सूरत की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणें बादलों को आसानी से आर – पार कर सकती हैं और आपकी त्वजा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए घर से निकलने से पहले हमेशा सनस्क्रीन लगाएं और ध्यान रखें आपकी सनस्क्रीन में जिंक अक्सॉइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड़ हो।

 

एयरकण्डीशन बनाता है बीमार

कुछ लोगों का कहना है कि एयरकण्डीशन से ठंड लग सकती हैं या बीमार हो सकते हैं लेकिन यहां हम आपको बता दें कि ठंड या बीमार होने के पीछे ठंड़ी हवा नहीं बल्कि वायरस होता है। इसलिए यह पूरी तरह से मिथ हैं। हालांकि यदि एसी का फिल्टर समय से ना बदला जाएं तो संक्रमण होने का खतरा बना रहता है।

 

अधिक पसीना आने से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर आते हैं

 

कुछ लोगों का मानना है कि गर्मियों में जितना अधिक पसीना आएगा, उतना अच्छा है क्योंकि इससे कैलोरी भी बर्न होती हैं और शरीर के अंदर के विषाक्त पदार्थ बाहर आ जाते हैं लेकिन बता दें कि ज्यादा पसीने से आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

 

स्विमिंग पुल में डूबकी लगाने के बाद शॉवर की जरूरत नहीं

कई लोग समय की कमी के कारण या यूं फिर स्विमिंग का मजा लेने के लिए पुल में जातें हैं और उन्हें लगता है कि अब शॉवर लेने की जरूरत नहीं लेकिन ये आपकी गलतफहमी है, पुल में डेडस्किन और बैक्टिरिया खत्म नहीं होते हैं इसलिए जो भी हो आपको रोज शॉवर लेना जरूरी हैं।

 

ठंडे पानी से नहाने से मिलता है आराम

कुछ लोग बाहर की गर्मी से आकर सीधे ठंडे पानी से नहाने चले जाते हैं, उन्हें लगता है कि इससे शरीर को ठंड़क मिलेगी लेकिन ये आपका वहम है। अगर गर्मी से आकर सीधे ठंडे पानी में नहाने जाएंगे तो शरीर बिलकुल अलग तरीके से काम करता है। इससे शरीर की रक्त कोशिकाएं कस जाती हैं और ठंडक शरीर के सिर्फ बाहर तक ही रहती हैं, अंदर नहीं जा पाती हैं, इसलिए आप ठंडे की बजाए नल के सामान्य पानी से नहाएं। ये ज्यादा असरदायक रहेगा। गर्मी से राहत पाने के लिए नहाने से बेहतर कुछ ठंडा पेय पदार्थ पिए।

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