Link copied!
Sign in / Sign up
2
Shares

गर्दन के दर्द का इलाज - neck pain treatment in hindi, gardan ke dard ka ilaj

गर्दन का दर्द सच में आपको बहुत तकलीफ़ दे सकता है। इससे आपको अकड़न और असहजता महसूस हो सकती है और हो सकता है आपके लिए अपना सर हिलाना बहुत मुश्किल हो जाए। अगर आप भी अपने काम, लम्बे समय तक कंप्यूटर के आगे बैठे रहने और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण लगातार गर्दन में दर्द का सामना कर रहे हैं। बहुत से लोग गर्दन के दर्द से परेशान रहते हैं और गर्दन के दर्द का उपचार ढूंढते हैं। तो यह है कुछ एक्सरसाइज और घरेलू उपाय जो आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं।

योगासन करें - अध्ययन में पाया गया है कि सही योगासन करने से आपको गर्दन के दर्द से काफी राहत मिल सकती है। इसी तरह के एक मामले में, इस समस्या से जूझते लोगों ने यह महसूस किया कि लगातार योगासन करने से उनके दर्द में काफी कमी आई है। साथ ही उनके विकार दूर हुए और उनके जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि हुई। योग गर्दन की मांसपेशियों में मजबूती, उसकी गति में बढ़ोतरी और उसके लचीलेपन को बढ़ाता है। यह है कुछ आसान जिनके अभ्यास से गर्दन के दर्द को दूर किया जा सकता है।

ताड़ासन - इससे गर्दन में सूजन, अकड़न और दर्द से राहत मिलती है।

शोल्डर श्रग - यह भी गर्दन के दर्द से निजात दिलाने में मददगार होता है।

भुजंगासन - यह आसान पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है, जिससे आपको मजबूती और गर्दन के दर्द से राहत मिलती है।

संशोधित उत्तानासन - इस आसन से गर्दन और कंधे के दर्द से राहत मिलती है और आसपास की मांसपेशियों की अकड़न भी दूर होती है।

बलासन - इस आसान से वर्क आउट के दौरान आपकी गर्दन को आराम मिलता है।

2. नैक स्ट्रेचिंग और टिल्ट - अगर आप योग नहीं करना चाहते हैं और आपको इंस्ट्रक्टर की मदद की जरूरत है, तो यह स्ट्रेच आपको गर्दन के दर्द से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। अध्ययन में पाया गया है कि एक्सरसाइज़ करने से कुछ लोगों में 75% दर्द कम हुआ है।

नैक स्ट्रेचिंग - सीधे खड़े रहे हैं और अपनी ठोड़ी को आगे की ओर बढ़ाए ताकि आपको अपने गले पर दबाव महसूस हो सके। पांच सेकंड तक यह करें। अपनी गर्दन इसी तरह आगे और पीछे ले जाएं।

नैक टिल्ट - अपनी गर्दन को आगे पीछे और दाएँ बाएँ घूमाएं। धीरे और सौम्यता से यह पांच सेकंड तक करें।

3. पिलेट्स करें - शारीरिक थैरेपी, स्ट्रेचिंग और टिल्ट की तरह पिलेट्स से लम्बे समय से चले आ रहे गर्दन के दर्द, शरीर के पोस्चर को ठीक होने और गर्दन की गति को बढ़ने में मदद मिलती है। पिलेट्स से गर्दन और पीठ की ऊपरी मांसपेशियां भी मजबूत होती है।

हेड नौड - इस एक्सरसाइज़ से गर्दन की स्थिरता बढ़ती है। पीठ के बल घुटने फैलाकर लेटें और अपनी ठोड़ी को छाती पर लगाएं। धीरे धीरे इसी स्थिति में सर पीछे लगाएं। उसके बाद धीरे से गर्दन मैट पर रखे।

स्वान डाइव - इस एक्सरसाइज़ से आपके गर्दन के पीछे की मांसपेशियां मजबूत होती है। पेट के बल लेटें और हाथ बाहर की ओर निकालें। सांस छोड़ते हुए सर ऊपर उठाएं और सांस छोड़ते हुए सर नीचे रखें।

4. मालिश करें - माना जाता है कि मालिश से रक्त संचार बढ़ता है, जिससे मोच और दर्द से राहत मिलती है। इससे आपकी मांसपेशियों को राहत मिलती है, जिससे इसकी गतिविधि बढ़ती है। आप मालिश तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अध्ययन में पाया गया है कि मारजोरम, काली मिर्च, लेवेंडर और पिपरमिंट तेल का इस्तेमाल करने से आपका दर्द कम होता है।

सर्कुलर मोशन - अपना अंगूठा रीढ़ की हड्डी और कंधों के हिस्से के बीच रखें।

हल्का दबाव बनाते हुए, अपने अंगूठे को मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी की ओर घुमाएं।

गल्डिंग स्ट्रोक - अपने दोनों अंगूठे रीढ़ की हड्डी और कंधों के बीच रखें। अपने अंगूठे घूमाते हुए गर्दन और पीठ की मांसपेशियों पर हल्का दबाव बनाते हुए इसे घूमाएं।

5. कोल्ड और हॉट पैक लगाएँ - कोल्ड या हॉट पैक किसी भी दर्द से प्रभावित जगह पर लगाने से दर्द से राहत, असहजता से छुटकारा और अकड़न कम होती है।

हॉट पैक - इस उपाय से रक्त संचार बढ़ता है और मांसपेशी में जकड़न से राहत मिलती है। इस उपाय को आजमाने के लिए तौलिए को गर्म पानी में डुबोएं (ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल न करें) और इसे गर्दन पर लगाएँ। अगर आप हिट पैड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे सीधे गर्दन पर न लगाएँ बल्कि कपड़े में लपेट कर इसे गर्दन पर लगाएं।

कोल्ड पैड - इससे आपको सूजन, जलन और तकलीफ़ से छुटकारा मिलता है। कोल्ड कम्परेसर बनाने के लिए तौलिए को ठंडे पानी में डालें और उसे पंद्रह मिनट के लिए रेफ्रीजिरेटर में प्लास्टिक बैग में रखे। इसके बदले आप आइस बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. सही तकिए और बिस्तर पर सोएं - जब बात गर्दन की आती है तो आपके तकिए से भी बहुत फर्क पड़ता है। आप 7-8 घंटे सोने में बिताते हैं। इसलिए आपको सही तकिए का इस्तेमाल करना चाहिए। अध्ययन में पाया गया है कि सही तकिए में सोने के बाद लोगों को गर्दन की तकलीफ़ से छुटकारा मिला और वह बेहतर नींद भी ले पाए। कम स्तर और हल्का सख्त तकिया आपकी गर्दन के लिए आदर्श होता है इससे आपकी गर्दन को आवश्यक सहारा और गर्दन पर मोच से राहत मिलती है। इसका मतलब यह होता है कि सोने के दौरान आपकी गर्दन को आपके पूरे शरीर के समान स्तर पर रखना। साथ ही सही तरह का बिस्तर आपकी रीढ़ की हड्डी को ठीक रखता है।

7. एक्यूप्रेशर करें - इससे भी गर्दन के दर्द से राहत मिलती है। जोंग जूं और ट्रिपल एनर्जाइजर 3, अपने हाथ की 4 और 5 उंगली के बीच का हिस्सा दबाएं। जियांग जोंग शू, अपने कंधे और गर्दन के बीच का हिस्सा दबाएं। इनसे दर्द से राहत मिलती है। शेन मे शामिल, अपने पैरों में ऐड़ी और टखने के बीच के हिस्से को दबाएँ।

8. सही पोस्चर में बैठें - अक्सर गलत तरीके से बैठने और पोस्चर से भी गर्दन में दर्द होता है। इसलिए सही तरह से बैठें और गर्दन व पीठ पर अधिक दबाव न बनाए।

9. पानी की कमी न होने दें - आपको गर्दन में दर्द और इसका संबंध विपरीत लग सकता है लेकिन रीढ़ की हड्डी में कार्टिलेज होता है और उसमें 70-80% पानी होता है। इसलिए जब आपके शरीर में पर्याप्त पानी होगा तो कार्टिलेज उचित तरह से कार्य कर पाएगा। इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा ज़रुरी है।

ऊपर बताए गए उपाय से आपको राहत मिलेगी। योग और एक्सरसाइज ध्यान और धीरे से करें। अगर दर्द ज्यादा महसूस हो तो यह न करें। और अधिक तकलीफ़ होने पर डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें। 

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon