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गर्भवती महिला को कितना पानी पीना चाहिए ?

 

   मेडिकल वैज्ञानिक गर्भवती महिला को 8 से 10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं। इसके अतिरिक्त महिला फलों का जूस भी पी सकती है। हर महिला के बदन में पानी की विभिन्न मात्रा की आवश्यकता होती है। इसलिए आप अपनी खुराक को लेकर चिंतित न हों।

कैसे पता चले की महिला पर्याप्त पानी पी रही है ?

अगर आपकी मूत्र का रंग हल्का या गहरा पीला है तो इसका मतलब आपको कम पानी मिल रहा है। आप पानी की खुराक बढ़ा दें।

किन मौसम में कितना पानी पिएं ?

अगर आप गर्म जगह पर रहती है तो आपको 10 से ज़्यादा की आवश्यकता हो सकती है। अगर आप ठण्ड जगह पर रहती हैं जैसे की पहाड़ी जगह तो आपको कम पानी की आवश्यकता होगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्म पर्यावरण में ज़्यादा पसीना आता है। इस प्रकार पानी शरीर से पसीने के रूप में बाहर निकल जाता है। ठंड के मौसम में पसीना नही बहता सो पानी शरीर में रह जाता है! इसलिए महिला को कम पानी की ज़रूरत पड़ती है।

  किस तरह के पेय पदार्थ लाभदायक होते हैं ?

 

 

  स्वच्छ पानी आपके शरीर में पानी की कमी से बचाने के लिए पर्याप्त रहेगा। साथ ही दूध, लस्सी, छाछ, फलों का जूस, नींबू पानी, ग्रीन टी, लेमन टी भी आप पी सकती हैं।

कोल्ड ड्रिक्स पीना कैसा रहेगा ?

इनमें शुगर और कैलोरीज की मात्रा अधिक होने के कारण आप इनसे दूर ही रहें। महीने में एक दो बार आप 150 मिलीलीटर यानि एक कप ड्रिंक ले सकती हैं। इनके अत्यधिक सेवन से आप में मोटापा आ सकता है या मधुमेह भी पैदा हो सकता है।

चाय और कॉफी कैसा रहेगा ?

 

 

इनमें कैफीन की मात्रा होती है जिससे दिमाग को आराम और सुकून मिलता है। इनके सेवन से इंसान को नींद आने लगती है। पर इसका अधिक सेवन न करें। आप इनकी जगह लेमन और ग्रीन टी पिएं। ग्रीन टी में एंटी ऑक्सीडेंट्स होने के कारण आपकी त्वचा पर झुर्रियां देर से आती हैं और त्वचा खिली खिली रहती है। इनमें पाए जाने वाले रोग-प्रतिरोधक तत्व आपकी इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।

क्या अक्सर मूत्र करना बिमारी का लक्षण है ?

ऐसा नहीं है। आप जितना पानी पियेंगी उतना मूत्र पैदा होगा। इसमें घबराने वाली बात नही है। साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु का भार भी गर्भाशय पर पड़ता है जिससे की उसमें मूत्र को लम्बी देर तक रोकने की शक्ति कम हो जाती है। मूत्र रोकने की कोशिश न करें क्योंकि प्राकृतिक क्रिया के विरूद्ध जाने से आपकी किडनी खराब हो सकती है। जितनी बार मूत्र आये आप उतनी बात कर के आएं।

पानी तथा अन्य पेय पदार्थ लेने के फायदे

1. आपके सूजे पैर और हाथों की उंगली में सूजन कम होगी।

2. कब्ज़, मूत्राशय संक्रमण व हेमोराइड से बचने में मदद मिलेगी।

3. आखरी तिमाही में पानी की कमी से प्रीटर्म लेबर के संकुचन पैदा हो सकते हैं। इसलिए पर्याप्त पानी पिएं।

4. इससे उल्टी व सर चकराना कम हो जाता है।

अगर आपको पानी का स्वाद पसंद नही तो आप उसमे नींबू का रस निचोड़ कर डाल सकती हैं।

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