Link copied!
Sign in / Sign up
5
Shares

गर्भवती को लगी थी गोली फिर भी बच गई नन्हीं सी जान - आतंक के बीच खिलखिलाई ज़िन्दगी


  किसी ने सच ही कहा है 'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई' और यह बात सच हुई तब जब आतंक के बीच एक नयी ज़िन्दगी ने जन्म लिया। रविवार को जम्मू के सुंजवान आतंकी हमले के दौरान एक घायल जवान की घायल पत्नी ने आर्मी अस्पताल में एक प्यारी सी बच्ची को जन्म दिया। पति-पत्नी दोनों को आतंकियों की गोली लगी थी और दोनों ही घायल हो गए थे लेकिन गोलीबारी के बीच साथी जवानों ने दोनों को सुरक्षित निकाला और आर्मी अस्पताल पहुंचाया और शनिवार की रात से लेकर रविवार तक डाक्टरों ने उसकी डिलिवरी के लिए काफी मेहनत की और तब जाकर नज़ीर अहमद की पत्नी शहज़ादा खान ने सी-सेक्शन द्वारा एक प्यारी सी बच्ची को जन्म दिया।

नज़ीर और शहज़ादा दोनों को ही गोली लगी थी लेकिन अब वो दोनों ही सुरक्षित हैं और साथ ही में उनकी नन्हीं परी भी। यह कोई चमत्कार से कम नहीं और बेशक हम कह सकते हैं की उनकी इस प्यारी सी बेटी उनदोनों के लिए काफ़ी लकी साबित हुई। सोशल मीडिया में उनकी तस्वीरें काफ़ी वायरल हो रही है। आप भी देखें इन खूबसूरत तस्वीरों को।

आतंक के बीच लिया नयी ज़िन्दगी ने जन्म

ज़िन्दगी मौत से कई बढ़कर है 

सैनिक की पत्नी भी सैनिक ही होती है क्यूंकि उनमें भी होता है कभी हार ना मानने वाला जज़्बा
 

जाको राखे साइयां मार सके ना कोई-मारने वाले से बचाने वाला हमेशा बड़ा होता है 

इस घटना से यह साबित हो जाता है की ज़िन्दगी किसी से नहीं डरती और ख़ौफ़ के बीच भी ज़िन्दगी मुस्कुराना नहीं छोड़ती है। अगर मारने वाला है तो बचाने वाले भी कम नहीं और एक बार फिर जवानों और डॉक्टरों ने यह साबित कर दिया की धरती पर वो भगवान् के भेजे हुए दूत हैं। सोशल मीडिया में तस्वीरें वायरल होने के बाद हर कोई इनके जज़्बे को कर रहा है सलाम और मांग रहे हैं इनकी सलामती की दुआ । 

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon