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गर्भपात के बाद अपनी सहेली को भावनात्मक सहयोग देने के पांच उपाय


गर्भपात का अनुभव सबसे भयानक चीजों में से एक है। यह माता-पिता के लिए बहुत दुखद होता है। कोई भी दुखी माता-पिता के दर्द को दूर नहीं कर सकता है। लेकिन अगर आपकी सहेली का गर्भपात हुआ है, तो इस प्रकार आप इस बुरे समय में उनकी मदद कर सकते हैं।

अपनी सहेली को सुनें– हो सकता है,आपको पता ना हो की आपकी सहेली ने जो खोया है उसके प्रति आप सहानुभूति कैसे जाहिर करें और यह ठीक है। कहने के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है जो उन माता-पिता को सहज महसूस करा सके जिनका गर्भपात हुआ है। अपनी सहेली को ध्यान से सुनें बिना पूर्वानुमान के। अपनी कहानी आपको सुनाकर उनके मन से बहुत बड़ा बोझ हल्का होगा और यह करने के बाद वह बेहतर महसूस करेंगे। यह बहुत सामान्य लेकिन प्रभावशाली तरीका है। जब वह आपसे बात करें,तो आपको बहुत बोलने की आवश्यकता नहीं है। बहुत ध्यान से सुनें,इस बात को सुनिश्चित करें की उन्हें आपका पूरा ध्यान मिले। उन्हें बेहतर महसूस कराने की कोशिश करें और ऐसे चीजें कहने से बचें जैसे “ सबकुछ किसी कारण से होता है” या “ऐसा शायद होना ही नहीं था”

उन्हें यह बताएं की उनकी भावनाएं पूरी तरह स्वाभाविक हैं – गर्भपात के कारण आपकी सहेली को कई तरह की चीजें महसूस हो सकती है और कभी-कभार उन्हें इस बात की पुष्टि करने की जरूरत होती है की वह क्या महसूस कर रहे हैं। उन्हें बताएं की खुलकर बात करना सही है और उन्हें थोड़ा प्रोत्साहित करें। उन्हें बताएं की शोक से निकलने के लिए समय निकालना ठीक है और उन्हें आश्वस्त करें की इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है की वह कैसा महसूस कर रहे हैं,वह आपको इसके बारे में बता सकते है।

गर्भपात के बारे में बात करने में संकोच ना करें - लोग अक्सर गर्भपात के बारे में बात करने में संकोच करते हैं क्योंकि वह किसी व्यक्ति को उदास नहीं करना चाहते हैं या वह नहीं चाहते हैं की वह एक ही तकलीफ़ से दोबारा गुज़रे। हालांकि इस तरह की स्थिति पर बात करना ही एकमात्र तरीका है इसपर नियंत्रण पाने का। आपके दोस्त खुद को अलग महसूस कर सकते हैं क्योंकि अधिकतर लोग इस विषय से बचने का प्रयास करते हैं। कभी-कभी अपने दोस्त को इस बारे में पूछने या जांचने से डरें नहीं की वह कैसा महसूस कर रहे हैं।हो सकता है आपकी सहेली हमेशा इस बारे में बात ना करना चाहती हो। इस विषय पर बात करने के लिए उनपर ज्यादा दबाव ना डालें। बस उन्हें यह बताएं की जब भी उन्हें आपसे बात करने की जरूरत महसूस हो,आप हमेशा उनके लिए मौजूद हैं।

घर के कामों में मदद के लिए प्रस्ताव दे – गर्भपात का आप पर भावनात्मक और शारीरिक दोनों प्रकार का प्रभाव पड़ता है। आपकी सहेली अपने घर के काम करने में हो सकता है सक्षम ना हो। आप उन्हें कुछ काम करने का प्रस्ताव दे सकती है जैसे कपड़े या बर्तन साफ करने का। आप किराने का सामान लाने या दवाईयां लाने का प्रस्ताव उन्हें दे सकती है। अगर आपकी सहेली का एक और बच्चा है,तो उसका ध्यान रखने का प्रस्ताव दें क्योंकि गर्भपात के बाद इसे संभालना मुश्किल होता हैं साथ ही वह भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं। आप शिशु की देखभाल कर सकती हैं या उन्हें बाहर घूमाने ले जा सकती है।

उन्हें निमंत्रण दें – हो सकता है आपकी दोस्त ऐसी स्थिति से दूर रहना चाहती हो, जहां उन्हें सामाजिक होना पड़े और यह स्वाभाविक है। उनके साथ जबरदस्ती ना करें, अगर वह इसके लिए तैयार नहीं है, हां उन्हें निमंत्रण ज़रुर दे ताकि वह अकेला महसूस ना करें। इसके बाद सामाजिक होने से उन्हें अपने दुख को भूलने में मदद मिल सकती है।

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