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गर्भ में शिशुओं से जुड़ी गर्भनाल(umbilical cord) सम्बंधित समस्याएं और उनका समाधान


गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटल डिसोडर, आपको इसके बारे में जानना चाहिए।

प्लेसेंटा आपके अजन्मे शिशु की जीवन रेखा होता है,हर चीज़ में मददगार होता है,इस बात को सुनिश्चित करने में की गंदगी को साफ करने के लिए उन्हें पर्याप्त ओक्सिजन और पोषण की पूर्ति हो। यही कारण है की जब प्लेसेंटा के साथ समस्या आती है तो चीजें और खराब हो सकती है अगर आप सही कदम नहीं उठाते है‌,चाहे बिस्तर पर आराम करना हो या दवा लेना। जानिए कुछ प्लेसेंटा डिसोडर के बारे में, ताकि आप किसी भी परेशानी के लिए तैयार रहें।

गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा डिसोडर

1. प्लेसेंटा प्रेविया

गर्भावस्था के शुरुआती दौर में प्लजसेंटा निचले स्तर पर होता है,यह धीरे-धीरे जन्म के लिए सर्विक्स को साफ रखने के लिए गर्भ के ऊपर जाता है‌। प्लेसेंटा प्रेविया वाले लोगों में,प्लेसेंटा सर्विक्स खुलने को थोड़ा या पूरा ढक देता हैं क्योंकि यह गर्भाशय के सबसे निचले हिस्से में बढ़ता है। यह स्थिति दो सौ में से एक गर्भावस्था में होती है। कुछ मामलों में प्लेसेंटा सर्विक्स के करीब होता है लेकिन वास्तव में ‌उसके मुख को नहीं ढकता हैं,इसे मार्जनल प्लेसेंटा प्रेविया कहा जाता है। इसके लक्षण में दूसरे तिमाही के अंत में या तीसरे तिमाही के शुरुआत में मरोड़ पड़ना या अचानक रक्तस्राव होना शामिल हैं। गंभीर रक्तस्राव के मामले में शिशु की डिलीवरी जल्द करवाने की जरूरत होती है। अगर नहीं,तो आमतौर पर इसे बिस्तर और पेल्विक में आराम,गतिविधि को कम करना और दवा के संयोजन से संभाला जा सकता है।

2. पलेसेंटल एब्रप्शन

एक ऐसी स्थिति,जो सभी गर्भावस्था में से केवल एक प्रतिशत को प्रभावित करती है। पलेसेंटल एब्रप्शन गंभीर है क्योंकि समय पूर्व जन्म और वृद्धि की समस्या की संभावना है या फिर सही तरह देखरेख ना करने पर शिशु का गर्भ में मरना। इसके कारण स्पष्ट नहीं है,इस समस्या में आपका जोख़िम बढ़ जाता हैं, अगर आपको उच्च रक्तचाप हैं, पेट में कोई चोट या फिर आप धूम्रपान या कोकीन ले। अगर आप प्लेसेंटा एब्रप्शन का अनुभव करें,तो इसका मतलब है की प्लेसेंटा यूटराइन वाल से अलग होना शुरू हो गया है, आमतौर पर इससे योनि से रक्तस्राव, अक्सर संकुचन और पेट दर्द होता है। थोड़ी राहत के लिए आमतौर पर डाक्टर आपको आराम करने का सुझाव देंगे। गर्भावस्था पर नज़दीकी से नजर रखी जाएगी, अगर अचानक कोई समस्या होती है तो आपातकालीन स्थिति में ट्रांसफ्यूजन जैसा उपचार आवश्यक होता है। गंभीर प्लेसेंटा एब्रप्शन के मामले में और प्रसव की तिथि निकट होने पर, डॉक्टर फौरन डिलीवरी करने की सलाह दे सकते हैं। कभी-कभार सी-सेक्शन का सुझाव दिया जा सकता है।

3. पलेसेंटल इन्सफिशन्सी

इसके कारण शिशु मां के शरीर से अपर्याप्त पोषण और आक्सिजन लेता है क्योंकि प्लेसेंटा उस प्रकार कार्य नहीं करता है, जैसा उसे करना चाहिए। इससे फैटल ‌स्ट्रेस , अधिक चुनौतीपूर्ण प्रसव और शिशु की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। इसके कोई दिखने वाले लक्षण नहीं है लेकिन डॉक्टर इसका पता लगाने में सक्षम होते हैं, अगर गर्भाशय की वृद्धि उम्मीद अनुसार नहीं होती है। अल्ट्रासाउंड द्वारा भी समस्या का पता लगाया जा सकता है। डाक्टर आपको शिशु की प्रत्येक दिन की गतिविधि के स्तर पर नजर रखने को कहेंगे। अगर आप अभी तक 37 हफ्तों पर नहीं है,तो डॉक्टर सिर्फ आप पर और शिशु पर करीब से नजर रखेंगें। शिशु की वृद्धि में सहायता के लिए मधुमेह और उच्च रक्तचाप का भी इलाज किया जा सकता है। अगर आपके 37 हफ्ते पूरे हो गए हैं तो शिशु की डिलीवरी की जा सकती है, अगर उन्हें लगता है वह ठीक नहीं है।

4. प्लेसेंटा एक्रेटा,इनक्रेटा और परक्रेटा

कुछ गर्भवती महिलाओं में प्लेसेंटा जो की यूट्राइन वॉल से जुड़ा होना चाहिए,वह और अधिक गहराई में जुडा होता है। इसके कारण निम्न में से तीन स्थितियां होती है,यह निर्भर करता है की जुड़ने का स्तर कितना गहरा और गंभीर है। यह 2500 गर्भावस्था में से किसी एक को होता है।

5. प्लेसेंटा एक्रेटा

कुछ गर्भावस्था में जहां यूट्राइन वॉल मे जुडाव बहुत गहरा होता है, प्लेसेंटा वास्तव में गर्भाशय की मांसपेशी को भेद नहीं पाता है। इसे प्लेसेंटा एक्रेटा कहा जाता है और ऐसे मामलों में तीन चौथाई होता है ‌

6. प्लेसेंटा इनक्रेटा

लगभग 15-17 प्लेसेंटा की असामान्यताएं प्लेसेंटा इनक्रेटा होती है। जो इससे प्रभावित होते हैं,उनका प्लेसेंटा बहुत गहराई में यूट्राइन वॉल से जुड़ा होता है। यह यूट्राइन मांसपेशी को भी भेदता है। हालांकि यह यूट्राइन सेरोसा जितनी गहराई में नहीं जाता है।

7. प्लेसेंटा परक्रेटा

केवल पांच प्रतिशत मामलों में यह थोड़ा गंभीर होता है और प्लेसेंटा ना सिर्फ यूट्रस वाल को रोकता है,यह वाल ‌के पार जाता है और आपके ब्लेडर जैसे अंगों से जुड़ने का प्रयास करता है।

अगर आप भी इन समस्याओं में से किसी का निदान कर रहे हैं तो डॉक्टर आपकी गर्भावस्था पर पूरा ध्यान देंगे। अगर आवश्यकता हुई तो गर्भाशय को बचाने के लिए सर्जिकल इंटरवेंशन की जरूरत हो सकती है। गंभीर मामलों में (hysterectomy) ही आपको और आपके शिशु को बचाने के लिए एकमात्र स्रोत हो सकता है।‌


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