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गर्भावस्था के समय आपका रोना बन सकता है खतरे की घंटी

 

कई समय पहले से ही विज्ञान ने हमें बताया है की गर्भवती मायें जो भी खाती-पीती हैं उसका सीधा असर उनके होने वाले बच्चे पर पड़ता है लेकिन भावनाओं का क्या हुआ?

US के एसोसिएशन फ़ोर साइकोलॉजिकल साइंसेज़ की स्टडी के द्वारा पता चलता है की एक गर्भवती महिला की भावनाएं सीधे उसके गर्भ में पलने वाले बच्चे पर पड़ता है और ये तो कुछ भी नहीं है, गर्भावस्था के समय आपकी भावनाएं आपके बच्चे के भविष्य को सवारती हैं| बड़ा होकर आपका बच्चा उन्हीं भावनाओं के बल पर ख़ुदको समाज के सामने प्रस्तुत करेगा| 

 

लेकिन हम आपको बताते हैं की कैसे आपके आँसू आपके गर्भ में पलने वाले बच्चे को प्रभावित करता है?खैर ये तो इस बात पर निर्भर करता है की आप किस तरह की माँ हैं और नीचे हमनें माओं की कुछ कैटिगरी बतायी है जिससे आपको सही से समझ आ जाएगा|

यदि आप तनाव से गुज़रने वाली माँ हैं

ठीक है हम समझते हैं की गर्भावस्था कोई आसान काम नहीं है| हर माँ को अपने-अपने तनाव से गुज़रना पड़ता है लेकिन हम बोलेंगे की आप ज़ादा परेशान ना हों क्योंकि आपके परेशान होने पर आपके बच्चे पर भी असर पद सकता है|

 

लेकिन फ़िर भी अगर गर्भावस्था के समय आप दुखी और परेशान रहती हैं तो उसका सीधा असर आपके बच्चे पर पड़ेगा जिसके कारण वो बड़ा होकर एक चिड़चिड़ा बच्चा माना जाएगा| गर्भावस्था के समय जब आप तनाव से गुज़रती हैं तो आपका शरीर एक स्ट्रेस हॉर्मोन रिलीज़ करता है जिसका सीधा असर आपकी गर्भ में पलने वाले बच्चे पर पड़ता है| ये होर्मोनेस अगर आपके बच्चे के सिस्टम तक पहुँच गए तो विकसित होकर बच्चे को भी तनाव से गुज़रना पड़ेगा|

अगर आप उदास माँ हैं

हेल्थ लाइन में पब्लिश हुई एक स्टडी के द्वारा पता चलता है की गर्भावस्था के समय तनाव से गुज़रना उतना ही आम होता है जितना गर्भावस्था के बाद तनाव से गुज़रना| इस डिप्रेशन को हलके में ना लें, ये एक गंभीर बात है और इसे नज़रअंदाज़ ना करें|

जो बच्चे एक डिप्रेस्ड माँ से जन्माते हैं उन्हें भी डिप्रेशन होने की आशंका रहती है जैसे की 18 साल की उम्र तक पहुँचते-पहुँचते वो चिड़चिड़े और गुस्से वाले बन जाते हैं|

अगर आप ऐसी माँ हैं जिसे अपनी गर्भावस्था से तकलीफ़ है

यदि आपकी गर्भ में पलने वाले बच्चे से आपको तकलीफ़ हो रही है तो इससे मामला और बिगड़ेगा| स्टडी के मुताबिक़ पता चलता है की मायें जिन्हें अपने होने वाले बच्चे से कोई लगाव या प्यार नहीं होता उनके बच्चों को बड़ा होकर कई मानसिक तनावों से गुज़रना पड़ता है|

अगर आप ऐसी माँ हैं जिन्हें गर्भावस्था के समय बुरे दिनों से गुज़रना पड़ता है

गर्भावस्था के उन 9 महीनों में कभी-कभी बुरे दिन से गुज़रना बिलकुल आम बात होती है, ऐसे दिनों से हर गर्भवती महिलाएं गुज़रती हैं| इसे आपको परेशान ना करने दें| ऐसे कुछ दिनों की कठिनाईयों का आपके अंदर पलने वाले बच्चे पर कोई असर नहीं होगा|

तो अब क्या करें?

यदि आप एक ऐसी माँ हैं जिन्हें गर्भावस्था के समय आये दिन तनाव या चिड़चिड़ेपन से गुज़रना पड़ता है तो ना दरें| ख़ुदको ख़ुश रखने का प्रयास करें! अपनी तकलीफ़ और कठिनाईयों को समझने की कोशिश करें और अपने डॉक्टर से ऐसी एंटी-डेप्रेस्सेंट जो की गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हों उनकी मांग करें|

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