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गर्भावस्था के समय पान खाना कितना सुरक्षित- जानें


  गर्भावस्था के दौरान क्या आपको कम नींद आ रही है,आप अचानक भूख ना लगने के कारण परेशान हैं? क्या आपके पेट की समस्या के कारण आपकी गर्भावस्था प्रभावित हो रही है? क्या आपकी दादी/नानी ने आपको बेहतर पाचन-क्रिया के लिए गर्भावस्था के दौरान पान का पत्ता खाने की सलाह दी है? क्या आप इस बारे में नहीं जानती है की गर्भावस्था के दौरान पान का पत्ता खाना सुरक्षित है ?

 

 

  पान का पत्ता भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है। यह चार सौ साल ईसा पूर्व से इस्तेमाल किया जा रहा है। उस काल में भोजन के बाद इसका सेवन राजाओं और नवाबों के बीच आम था। पान के पत्ते का सेवन करने के कई अद्भुत लाभ हैं।

पान के पत्ते के लाभ :

 

 

वैज्ञानिक शौध के अनुसार पान के पत्ते के स्वास्थ्य के लिए कई अमूल्य लाभ हैं, वह भी इसके एंटीइनफेक्टिव, एंटीएल्सर, एंटी-इंफ्लेमेटरी, कार्डियोवस्कुलर,एंटीडायबटिक और अन्य गुणों के कारण। पान का पत्ता एक असरदार माउथ फ्रेशनर है यानी मुंह की दुर्गंध दूर करता है। पान के पत्ते का सेवन करने से ओरल हाइजीन बेहतर होता है। अध्ययन में सुझाया गया है की पान के पत्ते के एक्सट्रेक्ट में किमोप्रीवेंटिव इफेक्ट होता है और यह ट्यूमर की बढ़त रोकता है। पान के पत्ते के एंटीसेप्टिक और अन्य गुण भी होते हैं।

 

गर्भावस्था के दौरान पान के पत्तों का सेवन आम क्यो हैं?

 

पारंपरिक मान्यता है की पान के पत्ते का सेवन गर्भावस्था के दौरान करने से पाचन-क्रिया बेहतर होती है और भूख बढ़ती है। कुछ लोग यह भी मानते हैं की पान के पत्ते में विद्यमान गुण के कारण स्तनपान के दौरान इसका सेवन करने से दूध का बेहतर उत्पादन होता है। साथ ही पान का पत्ता एंटिओक्सिडेंट का उच्च सत्रोत होता है। यह खांसी, मसूड़ों से खून, डिहाइड्रेशन, जख्म, सूजन,कब्ज, मधुमेह,सर दर्द और पीठ के निचले हिस्से में दर्द से प्राकृतिक और असरदार रुप से राहत देता है।

गर्भावस्था के दौरान पान के पत्ते का सेवन करना सुरक्षित है?

पान के पत्ते के सेवन से जुड़े कई लाभ हैं लेकिन गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन ना करना ही बेहतर है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में बताया गया है की पान के पत्तों और सुपारी का सेवन गर्भावस्था के दौरान करने से कैंसर का जोख़िम बड़ सकता है। गर्भावस्था के दौरान पान की सुपारी का सेवन नियमित रूप से करने से कैंसर हो सकता है विशेषकर मुंह का कैंसर।

इंटरनैशनल जर्नल ऑफ मैडिसन एंड पब्लिक हेल्थ के अनुसार बांग्लादेश के ग्रामीण इलाके में रहने वाली महिला नियमित रूप से पान के पत्ते और सुपारी का सेवन करती थी और इसके कारण उसे फोलेट की कमी से जूझना पड़ा। गर्भावस्था के दौरान इसकी कमी के कारण न्यूरव ट्यूब डिफैक्ट, प्रीमैचयोर बर्थ,लो बर्थ वेट, पाचनतंत्र में समस्या और धीमी वृद्धि जैसी समस्या हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित रहना :-

पान के पत्तों के विपरीत प्रभाव जानने के बाद बेहतर होगा की गर्भावस्था के दौरान आप इसके सेवन से बचें। भूख बढ़ाने के कई अन्य तरीके हैं और गर्भावस्था के दौरान आपके पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए भी अन्य उपाय इस प्रकार है।

एक बार में कम भोजन करें। संतुलित आहार का सेवन करें। वसायुक्त भोजन के सेवन से बचें जो गरिष्ठ हो और जिसे पचाना आसान ना हो।

तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में पिएं और हर रोज आठ ग्लास पानी जरूर पिएं।

अपने डॉक्टर से परामर्श लें और गर्भावस्था के दौरान अपनी संपूर्ण सेहत और पाचन-क्रिया बढ़ाने के लिए कुछ शारीरिक गतिविधि जैसे योग करें।

अगर अब भी आपके पेट में तकलीफ हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

याद रखें की गर्भावस्था नाजुक दौर हैं जब आप और आपके शिशु की सेहत सबसे जरूरी होती ‌है। अपने शिशु को सुरक्षित रखने के लिए कुछ आदतों को छोड़ना आवश्यक है। अपनी जीवनशैली को स्वस्थ बनाने के लिए गर्भावस्था बहुत अच्छा समय है बाद में आप अपने बच्चे को भी यह सीखा सकतें हैं ‌। गर्भावस्था के दौरान कुछ तकलीफों के लिए पारंपरिक उपायों का बिना पूर्ण जानकारी के इस्तेमाल करने से बचें। यह सब करने से पहले आपको अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

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