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गर्भावस्था के दौरान कैसे मनाएं दिवाली


दिपावली की तैयारियाँ अक्सर कुछ दिन पहले शुरू हो जाती है। कभी-कभार दिपावली से एक या दो महीने पहले। गर्भवती होने के नाते आपके दिमाग में कई सवाल आते होंगे, जिनके बारे में आपने पहले कभी नहीं सोचा होगा जैसे पटाखों से होने वाले प्रदूषण का आप पर और आपके बढते शिशु पर क्या प्रभाव होगा? लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की आप त्योहारों का आनंद नहीं ले सकती है। जानिए आप कैसे त्योहार को खुश-नुमा बना सकती है।

गर्भावस्था के दौरान दिपावली पर अपने घर को सजाना और साफ-सफाई करना सुरक्षित है?

दिपावली एक ऐसा समय है,जब अधिकतर लोग अपने घर को सजाते हैं और साफ-सफाई करते हैं लेकिन कुछ काम ऐसे हैं,जो गर्भवती मां के लिए सुरक्षित नहीं है। और गर्भावस्था के दौरान आप आसानी से थक जाती है इसलिए ना कहना ज्यादा बेहतर है अगर आपके अंदर अधिक काम करने की ऊर्जा नहीं है चाहे आपके पास समय भी हो। यह है कुछ बातें जो आपको ध्यान रखनी चाहिए:

गर्भावस्था आपको थोड़ा अनगढ़ बना देती है। जैसे आपका पेट विकसित होगा आपके गुरूत्वाकर्षण का केंद्र बदल जाता है और आपके लिगामेंट्स प्रसव की तैयारी के लिए ढीले पड़ जाते हैं। इससे आपके गिरने या चोट लगने की संभावना बढ़ती है। इसलिए यह समय संतुलन बनाने के प्रयास करने का समय नहीं है जैसे की सीलिंग फैन साफ करना। इसी कारण से यह काम भी ना करें जैसे भारी सामान उठाना या इधर-उधर लें जाना। इससे आपकी कमर या शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द हो सकता है।

सफाई के लिए रासायनिक उत्पादों का प्रयोग ध्यान से करें क्योंकि कुछ उत्पाद गर्भवती माताओं के लिए हानिकारक होते हैं।

घर में पेंट या फर्नीचर में पोलिश से आपको रासायनिक दुर्गंध आ सकती है जिससे आपको वमन का अनुभव हो सकता है। अगर आप घर में पेंट या पोलिशिंग करवाने का विचार कर रही है तो इसे तब करें जब आप घर के बाहर हों।

अपने हेल्पर, परिवार या दोस्तों से मदद लेने में झिझक महसूस ना करें क्योंकि यह आपके काम को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान बिना ज्यादा काम किए मैं कैसे दिपावली की तैयारी कर सकती हूं?

दिपावली की तैयारी करना बहुत थकान का काम हो सकता है। चाहे वह अपने घर का काम हो,परिवार से मिलना,तौफे बांटना या खरीददारी करना,इन सभी गतिविधियों के लिए आपको अपने ऊर्जा के स्तर के अनुसार काम करना होगा।

अगर आपने अपने गर्भवती होने की सूचना सभी को नहीं दी है तो दिपावली से अच्छा शुभ अवसर नहीं हो सकता है उन्हें यह बताने के लिए इससे वह आपको समझेंगे भी।

इन सभी बातों के बीच ध्यान रखें की आप अच्छे से भोजन करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। थोड़ी देर बाद कुछ पोष्टिक स्नैक्स लें और हो सके तो दिन में थोड़ा झपकी ले, इससे आप अपनी ऊर्जा वापस पा सकते हैं।

काम पर जाना या रिश्तेदारों के घर जाना इस दौरान मुश्किल हो सकता है। अगर आप कामकाजी मां है तो अपने दफ्तर में बात करें क्या पता अपने काम का समय बदलने या कुछ दिन घर से काम करने में सक्षम हो।

खरीददारी के लिए कम भीड़भाड़ वाले समय और जगह पर जाएं।

गर्भावस्था के दौरान मैं दिपावली कैसे मना सकती हूं?

आप आनंद ले सकती है और पूजा कर सकती हैं, पकवानों का लुत्फ उठा सकती है और हमेशा की तरह तौफे और पटाखे ले सकती है लेकिन आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा:

सही तरह से तैयार हो और आरामदायक कपड़े और जूतियां पहने। सूती कपड़े पहने क्योंकि कृत्रिम कपड़े आसानी से आग पकड़ते हैं।

ऐसे पटाखे ना फोड़े जिन्हें जलाने के बाद आपको थोड़ी दूर भागना पड़े। फुलझडियां जलाएं। इससे आपके गिरने या चोट लगने की संभावना कम होगी।

यदि संभव हो तो पटाखों की जगह दीया और इलैक्ट्रिकल लाइट का इस्तेमाल करें। इससे प्रदूषण कम होगा,जिसकी चपेट में आप और आपका शिशु आ सकता है।

अगर बड़ों का आशीर्वाद लेने के लिए आपको बार बार नीचे झुकना पड रहा है तो पीठ के बल झुकने के बजाय अपने घुटनों के बल झुकें और अपने पति को आपको सहारा देने के लिए साथ रखें। अगर आपका पेट ज्यादा बाहर है तो झुकें नहीं हाथ से ही सबको प्रणाम करें, आपके परिवार के सदस्य यह ज़रूर समझेंगे।

गर्भावस्था के दौरान दिपावली में क्या खाना सुरक्षित है?

कोई भी त्योहार खास व्यंजन और मिठाइयों के बिना पूरा नहीं होता है। यह कुछ बातें आपको ध्यान रखनी चाहिए:

एक ही बार में बहुत अधिक खाने से बेहतर होगा की आप थोड़ी-थोड़ी मात्रा में समय-समय पर खाए। अपच, एसिडिटी और हार्ट बन गर्भावस्था के दौरान होने वाली समस्याएं हैं जो अधिक खाने से उत्पन्न होती है। मीठा, वसायुक्त, मसालेदार और तला हुआ भोजन करने से एसिडिटी हो सकती है। त्योहार के अधिकतर व्यंजन मीठे या तले हुए होते हैं इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में खाएं।

अगर आपको गेस्टेशनल डाइबिटीज है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें की आपको क्या खाना चाहिए और त्योहार के दौरान थोड़ा बचाव करें।

अगर आप रेस्टोरेंट में या दिवाली मेला में चाट खा रहे हैं तो साफ-सफाई का ध्यान रखें। गर्भावस्था के दौरान प्रतिरक्षा तंत्र थोड़ा कमजोर होता है इसलिए संक्रमण की संभावना बढ़ती है।

इस बात का ध्यान रखें की आप कितना कैफ़ीन पी रही है या खा रही हैं क्योंकि कैफ़ीन सिर्फ कोल्ड ड्रिंक,चाय या कॉफी में नहीं होता है बल्कि चॉकलेट में भी होता है। यह प्लेसेंटा से होकर सीधे आपके शिशु तक जाता है। गर्भावस्था के दौरान केवल 200 mg कैफ़ीन ही सुरक्षित माना गया है।

अल्कोहल से दूर रहें और स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद ड्रिंक पिए।

इन सभी सावधानियों के साथ आप त्योहार का आनंद उठा सकती है और इसी के साथ आप सुनिश्चित भी रहेंगी की आप अपने और शिशु के स्वास्थ्य के लिए सबकुछ बेहतर कर रही है।

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