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गर्भ में लड़की या लड़का है? इस रहस्य के पीछे का असल सच - धड़कनें करेगी बयां -


चाहे आप पुत्री को जन्म दें या पुत्र को, माँ तो माँ होती है। परन्तु हम मनुष्यों की जिज्ञासा की भी कोई सीमा नहीं होती। महिला या पुरुष, दोनों में से एक को महिला की गर्भावस्था में कभी न कभी यह ख्याल तो आता है की उसके गर्भ में पल रहा जीव लड़की है या लड़का।

इसके लिए एक रोचक बात को देखा गया है। कई समय से महिलाओं में यह खुसुर-फुसुर होती रही है की उनके शिशु की हार्टबीट( ह्रदय गति) से उसके लिंग का पता चल सकता है।

कहा जाता है की अगर आपके शिशु की हार्ट बीट 140 bpm(बीट्स पर मिनट) से कम है तो उस महिला को लड़का होने वाला है। उसी जगह अगर शिशु की हार्टबीट 140 bpm से अधिक है तो उस महिला को लड़की होगी।

विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए तो शिशु की ह्रदय गति गर्भावस्था के छठे हफ्ते से आरम्भ हो जाती है। परन्तु इसका पता अल्ट्रासॉउन्ड से अधिक बेहतर रूप से लगाया जा सकता है।

शिशु की हार्ट बीट में आते हैं उतार-चढ़ाव:

शिशु की ह्रदय गति शुरुवात में धीमी होती है, जैसे की 90 से 110 bpm की रफ़्तार से। इसके बाद वह बढ़ती जाती है। नवे हफ्ते में शिशु की हार्ट बीट अत्यधिक तेज़ होती है। यह उसकी चर्म गति पर होती है। गर्भ में पल रहे शिशु की ह्रदय गति 140 से 170 के बीच होती है। यह लड़की या लड़के के लिंग पर निर्भर नहीं होती।

विभिन्न स्त्रोतों में आपको विभिन्न जानकारियां मिलेंगी। परन्तु सच तो यह है की मेडिकल टेस्ट्स से ही पुख्ता जानकारी प्राप्त हो सकती है।

वैसे लिंग का पता लगाने के लिए टेस्ट करना और करवाना क़ानूनन जुर्म है। लिंग परीक्षण दरअसल तब किये जाते हैं जब माँ या शिशु में से कोई जानलेवा या गंभीर रोग का शिकार बन सकता है या बनने की सम्भावना रखता है। इन परीक्षणों से डॉक्टरों को बीमारी का इलाज करने में सहायता मिलती है।

सच तो यह है की अल्ट्रासॉउन्ड में भी शिशु का लिंग पता लगाने में परेशानी हो सकती है। कारण है शिशु की अवस्था। अगर शिशु के हाथ या पैर इस तरह से हैं की शिशु का निचला हिस्सा स्पष्ट रूप से नही दिख पा रहा है तो परीक्षण में नतीजे नहीं मिलेंगे।

बेहतर यही होगा की पुत्र और पुत्री को समान दृष्टिकोण से देखें क्योंकि दोनों ही भगवान की अद्भुत देन हैं। मनुष्य को प्रकृति से छेड़ छाड़ नहीं करनी चाहिए।

इस पोस्ट के माध्यम से सबमें बराबरी का सन्देश फैलायें। बेटे और बेटी में फर्क न करें।

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