Link copied!
Sign in / Sign up
33
Shares

जानिए किस तरह गर्भ में आपका शिशु ले लेता है खाने का स्वाद

   गर्भावस्था अद्भुत अनुभव है। जबतक की आप यह महसूस करें तब तक आपका शिशु आपके भीतर विकसित होने लगता है। आपके भीतर बढ़ रहे अमूल्य नन्हे मुन्ने को देखभाल और संरक्षण प्रदान करने के लिए आपका शरीर विभिन्न बदलावों से होकर गुजरता है। जैसे ही गर्भ में आपका शिशु वृद्धि करता है, वैसे ही आपका पेट भी बढ़ता है, आपका हृदय ज्यादा खून का दौरा करता है, आपकी हड्डियाँ और जोड़ बढ़ते हुए वजन को संभालने की तैयारी करते हैं। मां का शरीर अपने अजन्मे शिशु को घर, भोजन, आराम और संरक्षण प्रदान करता है। जैसे ही आप अपनी गर्भावस्था में आगे बढ़ेगी, आपके अजन्मे शिशु का विकास भी अद्भुत होगा। और आप माने या ना माने, ऐसी कुछ चीजें हैं जिनका आनंद आपका शिशु आपके गर्भ के भीतर लेता है। यह सब मां को शिशु के साथ अटूट बंधन स्थापित करने में मदद करता है। यह सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपका शिशु गर्भ में किसका स्वाद लेता है? क्या आपका शिशु सभी खाने की चीजों का स्वाद ले सकता है, जो आप खाती है? क्या गर्भावस्था के दौरान आप जो भोजन खाती है, वह भविष्य में आपके शिशु की भोजन संबंधी पसंद को प्रभावित करता है?

क्या शिशु जन्म से पहले स्वाद का मज़ा ले सकता है?

जी हां, शिशु जन्म से पहले ही स्वाद का आनंद ले सकता है। वह 14-16 हफ्तों के समय अंतराल में भोजन का स्वाद लेने लगते हैं, जब उनकी स्वाद-कलिका की संरचना होने लगती है।

1-8 हफ्ते - मस्तिष्क की कोशिकाएं मस्तिष्क से शरीर के विभिन्न हिस्सों में फैलने लगती है, जिसमें शिशु का मुंह भी शामिल है।

8 हफ्ते - स्वाद-कलिका की संरचना शिशु की जीभ में होने लगती है। शुरुआती हफ्तों में जो मस्तिष्क कोशिकाएं फैलती है वह इन स्वाद-कलिका से संपर्क करती है। यह मुख्यता मीठा, नमकीन, कड़वा और खट्टा स्वाद महसूस कराती है।

14-16 हफ्ते - जीभ में स्वाद छिद्रों का निर्माण होता है। शिशु की जीभ में छोटे छिद्र होते हैं, जो भोजन के अणु को स्वाद-कलिका के सम्पर्क में आने की इजाज़त देते हैं, जिससे स्वाद मस्तिष्क की कोशिकाओं तक पहुंच पाता है।

गर्भाशय में शिशु अस्वादन कैसे करते हैं?

शिशु अपने आसपास मौजूद एमिनोटिक द्रव निगलते हैं। जैसे-जैसे शिशु बढ़ता है वह रोज़ाना और अधिक एमिनोटिक द्रव निगलने लगते हैं और इससे उनका संपर्क स्वाद ‌से होता है। यहां तक कि, सात महीने तक वह रोज़ाना एक लीटर एमिनोटिक निगलने लगता है!

गर्भाशय में आपका शिशु क्या स्वाद ग्रहण करता है?

संक्षेप में, एमिनोटिक द्रव का स्वाद दृढ़ता से मां के द्वारा खाए जाने वाले भोजन के स्वाद से जुड़ा होता है। जब आप कुछ खाती है तो आप जानती है कि आहार में मौजूद पौष्टिक तत्व एमिनोटिक द्रव तक पहुंचने का अपना मार्ग खोजते हैं। इसी तरह, हालांकि आपका पाचनतंत्र आपके शिशु के पाचनतंत्र से भिन्न होता है, भोजन के अणुओं को एमिनोटिक द्रव तक पहुंचने का अपना रास्ता मिल जाता है। हालांकि यह स्वाद उतना विशिष्ट नहीं होगा जैसा हमें लगता है, लेकिन फिर भी आपका शिशु नमकीन, मसाला, लहसुन का स्वाद और सबसे महत्वपूर्ण मीठी चीजों के तेज़ स्वाद को महसूस कर सकता है। यह स्वाद शिशु के लिए विशिष्ट नहीं होगा क्योंकि उनके सूंघने की शक्ति अभी विकसित नहीं होती है।

क्या इससे शिशु की भोजन संबंधी प्राथमिकता प्रभावित होती है?

 शिशु प्राकृतिक रूप से मीठा स्वाद पसंद करते हैं। यह प्रकृति के सुनिश्चित करने का तरीका है कि आपका शिशु स्तन का दूध पसंद करे। लेकिन शिशु के भोजन संबंधी पसंद से जुड़ी ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बात यह है कि उनमें भोजन के स्वाद और पसंद को लेकर विशिष्टता होती है। ज़ी हां बिल्कुल, शिशु शुरुआती महीनों में भोजन नहीं करता है लेकिन अध्ययन दर्शाता है कि जो भोजन आप गर्भावस्था के दौरान खाती है उसका घनिष्ट संबंध शिशु के भविष्य में भोजन संबंधी प्राथमिकता से होता है। उदाहरण के लिए जो मां गर्भावस्था के दौरान अधिक गाजर का रस पीती है, तो शिशु उस स्वाद का आदी होता है, इसलिए इस बात कि अधिक संभावना है की शिशु गाजर का रस अधिक पसंद करे। इसी तरह जो मां मीठा और अधिक जंक फूड खातीं है, इस बात की पूरी संभावना है कि शिशु भी वही पसंद करे। इसलिए गर्भावस्था के दौरान भोजन संबंधी पसंद और प्राथमिकता पर ध्यान दें।

गर्भावस्था के दौरान आपको क्या खाना चाहिए?

इस बात का ध्यान रखें कि आप संतुलित आहार लें और अपने आहार में उन फल और सब्जियों को सम्मिलित करें, जिनका सेवन गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित हो। भोज्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप उसका अधिक सेवन करें। शिशु को बेहतर स्वाद चखाने के लिए अपने आहार में परिवर्तन करतीं रहें। अधिक नमकीन, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड के सेवन से दूर रहें। अपने आहार में सामान्य भोजन शामिल करें। हर चीज़ में मीठा ना मिलाएं। ऐसे भोज्य पदार्थो का सेवन करें, जिनका स्वाद तेज़ हो क्योंकि इससे शिशु के उसे चखने की संभावना बढ़ती है।

Tinystep Baby-Safe Natural Toxin-Free Floor Cleaner

Dear Mommy,

We hope you enjoyed reading our article. Thank you for your continued love, support and trust in Tinystep. If you are new here, welcome to Tinystep!

Recently, we launched a baby-safe, natural and toxin-free floor cleaner. Recommended by moms and doctors all over India, this floor-cleaner liquid gets rid of germs and stains without adding harmful toxins to the floor. Click here to buy it and let us know if you liked it.

Stay tuned for our future product launches - we plan to launch a range of homecare products that will keep your little explorer healthy, safe and happy!

Click here for the best in baby advice
What do you think?
50%
Wow!
50%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon