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गर्भावस्था के दौरान मसालेदार भोजन : क्या आपके और बच्चे के लिए सुरक्षित है? (Spicy Food During Pregnancy: Is It Safe For You And The Baby? In Hindi)

गर्भावस्था किसी भी महिला की जिंदगी का सबसे बेहतरीन समय होता है। इसमें बहुत ही खूबसूरत परिवर्तन होता है, जिसे आप अनुभव कर सकती हैं, साथ ही इस दौरान अतिरक्ति देखभाल और सावधानी बरतने की आवश्यकता भी होती है। और फिर क्या कोई गर्भावस्था में होने वाले मूड़ स्विंग्स और अचानक लगने वाली भूख को नजरअंदाज कर सकता है?

स्वादिष्ट मसालेदार खाने से कौन प्यार नहीं करता है? भारतीय मसालों की सुगंध से किसी को भी भूख लग सकती है। अगर आपको भी गर्भावस्था के दौरान मसालेदार भोजन लुभाने लगे तो यह प्राकृतिक क्रिया है लेकिन फिर दिमाग में उठ रहे सवाल आपको रोकते हैं कि क्या गर्भावस्था में मसालेदार भोजन अच्छा है? क्या होगा, यदि यह आपके बच्चे को प्रभावित करेगा? शायद गर्भावस्था में मसालेदार खाना एक अच्छा आइडिया नहीं है।

लेख की विषयसूची

- मिथक, जो आपने सुने हैं। (Myth that you might hear in Hindi)

- मसालेदार खाना खाने से क्या हो सकता है? (What might happen if you eat spicy food in Hindi)

- क्या गर्भावस्था के शुरूवाती चरण में मसालेदार भोजन करने की सलाह दी जा सकती है? (Is spicy food is recommended during initial stages of pregnancy in Hindi)

- क्या मसालेदार भोजन एक निर्धारित मात्रा में करना चाहिए? (Is there a limit to the amount of spicy food  that you eat in Hindi)

- मसाले खरीदने का सबसे अच्छा तरीका। (The best way to buy spices that cause no discomfort in Hindi) 

- गर्भावस्था के आहार में कैसे शामिल किया जा सकता है मसालेदार भोजन? (How to include spicy food items in  your pregnancy diet in Hindi)

- निष्कर्ष (conclusion)

इससे पहले कि आप गर्भावस्था के दौरान मसालेदार खाने न खाने से दुखी हों या खुद को रोकें, बेहतर होगा कि आप पहले इससे होने वाले प्रभाव के बारे में स्पष्ट जानकारियां जुटा लें, साथ ही जानें कि क्या यह आपके बच्चे को प्रभावित करता है।

इसे बेहतर तरीके से जानने के लिए पढ़ें

मिथक, जो आपने जरूर सुने होंगे (Myth that you might hear in Hindi) 

दोस्त, रिश्तेदार या पड़ोसी, जो आपसे ज्यादा अनुभवी होते हैं और आपको बताते हैं कि गर्भावस्था में क्या करना सही है और क्या गलत, हालांकि सबके विचार अलग–अलग होते हैं। शायद आप भी उन लोगों में शामिल हो सकते हैं जो मानते हैं कि गर्भावस्था में मसालेदार भोजन करना सही नहीं है।

गर्भावस्था के दौरान मसालेदार भोजन करने को लेकर कई मिथक हैं, जिनमें से कुछ यहां दिए गए हैं।

- पहले तीन महीने में मसालेदार भोजन करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है और यह बच्चे के विकास में बाधा बन सकता है।

- गर्भावस्था में मसालेदार भोजन करने से महिलाओं को गर्भपात होने का खतरा रहता है, इसलिए मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए।

- गर्भावस्था के दौरान मसालेदार भोजन करने से समय से पहले लेबरपेन हो सकता है, इसलिए इसे नहीं खाना चाहिए।

- गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक मसालेदार भोजन करने से बच्चे के जन्म के समय कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

लेकिन ध्यान रहें ये सिर्फ मिथ है, इनका कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है।

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क्या होता है, जब आप मसालेदार भोजन करते हैं? (What might happen if you eat spicy food in Hindi)

अक्सर लोग गर्भावस्था में मसालेदार भोजन करने से इसलिए मना करते हैं क्योंकि बहुत अधिक मसालेदार खाना खाने से कुछ शारीरिक असुविधाएं बढ़ सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान मसालेदार खाना खाने से ये साइड़ इफैक्ट हो सकते हैं।

पाचन संबंधी समस्या

गर्भवती महिलाओं में एसिड़ रिफॉक्स और जी जलने की समस्या बहुत आम होती है लेकिन गर्भावस्था के अंतिम चरण में मसालेदार भोजन करने से यह समस्या बढ़ जाती है।

मॉर्निंग सिकनेस

गर्भावस्था के शुरूवाती चरण में हॉर्मोन बदलते हैं। जिससे मूड़ स्विंग्स और मॉर्निग सिकनेस की शिकायत होती है। गर्भावस्था की पहली तिमाही में मसालेदार भोजन करने से मॉर्निंग सिकनेस बढ़ जाती हैं, इसमें सुबह–सुबह उठने के बाद भी थकावट महसूस होती है।

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गर्भावस्था का पहला त्रैमासिक एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस वक्त गर्भपात होने का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए कुछ लोग मानते हैं कि इस दौरान मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए।

लेकिन हकीकत में गर्भावस्था के पहले तीन महीने में मसालेदार भोजन का बच्चे पर बिलकुल भी प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा गर्भावस्था के बढ़ते चरणों में भी बच्चे के लिए मसालेदार भोजन पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है। अगर आप गर्भावस्था के दौरान मसालेदार भोजन खाने में सहज महसूस कर रही हैं और आपको इस अपच या अन्य कोई शिकायत नहीं होती हैं तो आप गर्भावस्था के पहले चरण में हो या आखिरी चरण में, मसालेदार भोजन का लुत्फ उठा सकती हैं।

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क्या मसालेदार भोजन एक निर्धारित मात्रा में करना चाहिए? (Is there a limit to the amount of spicy food that you eat in Hindi)

 

खैर, अब जब आप गर्भावस्था में मसालेदार खाने के बारे में विभिन्न मिथकों के बारे में जान गए हैं तो आपके दिमाग में अलग सवाल यही होगा कि गर्भावस्था के दौरान कितनी मात्रा में मसलेदार भोजन करना चाहिए.. क्या इसकी कोई तय सीमा है।

अब, इस सवाल का कोई निश्चित जवाब नहीं है।

आप कितनी मात्रा में मसालेदार भोजन को पचा सकती हैं, यह पूरी तरह से आपकी व्यक्तिगत प्रवृत्ति पर निर्भर करता है। लेकिन जब तक आपको मसालेदार भोजन करने के बाद असहज या अपच का अनुभव ना हो, तब तक आपको इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

हालांकि कोशिश करें कि आप एक संतुलित मात्रा में ही मसालेदार भोजन का सेवन करें। साथ ही बाहर के मसाले खाने से बचें। आप बाजार से साबुत मसाले लाकर उन्हें घर पर ही पीसें और घर पर ही बने भोजन का सेवन करें।

मसाले खरीदने का सबसे अच्छा तरीका (The Best way to buy spices that cause no discomfort in Hindi)

अगर आप गर्भावस्था में मसालेदार भोजन के दुष्प्रभाव से बचना चाहती हैं तो इसके लिए आपको बाजार से मसाले खरीदते वक्त कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।

आपको ध्यान रखना होगा कि –

- बाजार में मिलने वाले खुले मसाले खरीदने से बचें। इसमें की प्रकार की अशुद्धियां होती हो सकती हैं, जो आपके शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

- हमेशा ताजे मसाले ही खरीदें और ध्यान रहें कि मसाले उस ब्रांड के हो, जिस पर आप पहले से ही भरोसा करते हों। जिन मसाले के पैकेट पर मुहर लगी हो, उनका उपयोग करना सुरक्षित होता है।

- मसाले खरीदने से पहले पैकेट पर एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग डेट और ‘बेस्ट बिफोर’ का टैग जरूर देंखें।

- घर पर ही मसाले पीसने का तरीका सबसे उत्तम है। ऐसे मसाले स्वच्छ और खुशबूदार होते हैं। भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए इनका थोड़ा सा उपयोग ही काफी होता है।

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गर्भावस्था के आहार में कैसे शामिल किया जा सकता है मसालेदार भोजन? (How to include spicy food in your pregnancy diet in Hindi)

अगर आपको लगता है कि गर्भावस्था के दौरान आपकी मसालेदार भोजन करने की लालसा बढ़ ही रही हैं और आप खुद को मसालेदार खाना खाने से नहीं रोक पा रहे हो तो यहां कुछ उपाय दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप अपने आहार में मसालेदार भोजन को शामिल कर सकते हैं।

बाहर के खाने से बचें

मसालेदार भोजन खाएं लेकिन जो घर पर ही बनाया गया हो, क्योंकि घर पर आप मसालों की गुणवत्ता और मात्रा को अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकती हैं। जितना संभव हो, उतना बाहर का खाना खाने से बचें।

एक ही बार खाएं मसालेदार भोजन

गर्भावस्था में मसालेदार खाने की लालसा की तृप्ति के लिए एक दिन में एक ही बार मसालेदार भोजन का सेवन करें। आप दोपहर या रात में अपनी कोई भी एक फेवरेट डिश बनाकर खा सकती हैं।

हल्के मसालों का इस्तेमाल करें

भारतीय व्यंजनों के अलावा आप मैक्सिकन या इटेलियन जैसे बाकी देशों के व्यंजनों को भी अपने भोजन में शामिल कर सकती हैं। इनमें जलोपनेस, जड़ी – बूटी और अयस्कों जैसे तत्व का उपयोग किया जाता है। ये ना केवल सुंगधित होते हैं बल्कि यह हल्के भी होते हैं।

अपने भोजन में आचार शामिल करें

कम मसालेदार आचार को अपने भोजन में शामिल करें। इसके एक ही टुकड़े में आपको बेहतरीन स्वाद प्राप्त हो जाता है। इससे आप ज्यादा मसालों का सेवन भी नहीं कर पाते हैं और संतुष्टि भी होती हैं।

निष्कर्ष (conclusion)

गर्भावस्था बहुत ही नाजुक समय होता है। जिसे आपको बहुत ही प्यार और ध्यान से बिताना होता है। इस समय आपके द्वारा किया गया भोजन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, आप जो भी खाते हैं, उसका असर आपके होने वाले बच्चे पर भी पड़ता है। यह भोजन आपके बच्चे को पोषण देता है और पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करता है। अब चूंकि गर्भावस्था में मसालेदार भोजन करना हानिरहित है तो आप बिना हिचकिचाहट के सुरक्षित रुप से इसका सेवन कर सकती हैं। 

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