Link copied!
Sign in / Sign up
84
Shares

एक घर पर रहने वाली माँ बताती है कि वो पूरा दिन क्या करती है!

जब लोग एक घर पर रहने वाली माँ के बारे में सोचते हैं, तो उनके मन में कुछ दिलचस्प नहीं आता| ये सही भी हो सकता है, हमारे पास दुनिया का सबसे रोमांचक काम तो है नहीं, पर इस दुनिया का सबसे आसान काम भी नहीं है! एक घर पर रहने वाली माँ होने के कारण मुझसे कई बार लोग पूछते हैं कि, "तुम पूरे दिन करती क्या हो? क्या घर पर बैठे रहने से कभी बोर नहीं होती?" मेरा भरोसा कीजिये, प्रिय पड़ोसी, मेरे पास बोर होने का समय ही नहीं होता!

तो इस सवाल का जवाब देने के लिए मैंने सोचा कि क्यों न मैं अपनी दिनचर्या को लिखकर न जाने कितनी माताओँ से पूछे जाने वाले इस सवाल को विराम लगा दूँ|

तो मेरा दिन, ज़्यादातर लोगों की तरह अलार्म की घंटी से नहीं बल्कि, अपने साढ़े सात महीने के बच्चे, आरव, की रोने की आवाज़ से सुबह 6:30 या 7:00 बजे शुरू होता है| उसकी आवाज़ से उठने के बाद, मैं उसे शांत करके दूध पिलाती हूँ, फिर उसे बिस्तर पर लाकर अपने पति के साथ खेलते हुए देखती हूँ| जब तक करन, मेरे पति उसके साथ खेलते हैं, मैं अपने दांत ब्रश करती हूँ और अपने दिन के लिए तैयार हो जाती हूँ|

फिर मैं आरव को हॉल में ले आती हूँ और उसे एक गद्देदार दरी पर उसके खिलौनों के साथ छोड़ देती हूँ, इस समय करन अखबार पढ़ते हुए उसे देख लेते हैं| मुझे नाश्ता बनाने का अब थोड़ा सा समय मिल जाता है, जिसके बाद मैं अपने दिन के लिए एक अस्थायी दिनचर्या की लिस्ट बनाकर फ्रिज पर लगा देती हूँ| मैं अस्थायी इसलिए कह रही हूँ क्योंकि यहाँ बात एक साढ़े सात साल के बच्चे की है और लगभग हर बार, चीज़ें प्लान के मुताबिक नहीं होती| 8 बजे के आस पास करन काम पर चले जाते हैं और फिर घर पर बचते हैं सिर्फ मैं और आरव|

अब नाश्ते का समय हो जाता है तो मैं आरव को नाश्ते के लिए उसकी ऊँची कुर्सी पर बिठा देती हूँ| आमतौर पर मैं उसे रागी या मसले हुए फल फल खिला देती हूँ| उसे केले बहुत पसंद हैं| समय बचाने के लिए मैं भी उसके साथ ही नाश्ता कर लेती हूँ| हाँ, एक माँ बनने पर आपको ये छोटी छोटी बातें सीखनी ही पड़ती हैं| इसके बाद, सब साफ करके मैं उसे फिर उसकी गद्देदार दरी पर बिठा देती हूँ और उसके सारे खिलौने बाहर ले आती हूँ| उसके साथ थोड़ी देर खेलती हूँ, जब तक वो बोर नहीं हो जाता, फिर मैं आरव को वापस उसकी ऊँची कुर्सी पर बिठा देती हूँ या उसे थोड़ी देर खेलने देती हूँ, जब तक मैं गंदे कपड़ों के ढेर को छाँट कर धोने के लिए डाल  देती हूं |  इस समय आमतौर पर मैं टीवी पर न्यूज़ चला देती हूँ ताकि मुझे देश विदेश की खबरें मिल जाएं या फिर थोड़े गाने सुन लेती हूँ जो मुझे दिन भर के लिये लिए उत्साहित रखे| हालाँकि मैंने कई बार वाशिंग मशीन में टीवी का रिमोट डाला है पर उसका मुझे कोई अफ़सोस नहीं है|

अब आता है मेरे दिन का मनपसंद हिस्सा, आरव को नहलाने का समय! आरव को ये समय बहुत पसंद है, और मुझे भी| मैं उसे एक छोटे से टब में बिठा देती हूँ जहाँ वो अपने खिलौनों से खेलता है और मैं उससे दुनियाभर की बातें करती हूँ, फिर चाहे वो बच्चों की आवाज़ें हों या दुनिया भर की खबर| मैं कभी कभी सोचती हूँ कि वो मुझे समझता भी है या नहीं ,जब वो अपना सर हिलाकर हामी भरता है| अब मैं उसे कपड़े पहनाती हूँ और इस समय आरव अपनी सुबह की झपकी लेता है| इस समय में मैं अपने दिन के सभी छोटे छोटे काम कर लेती हूँ| नहा धोकर तैयार होने के बाद, आरव के खिलौने ढंग से रखती हूँ, खाना बनती हूँ और अगर थोड़ा और समय हुआ तो मैं अपने बगीचे से कुछ जड़ी बूटियां चुनकर अपने लिए चाय बना लेती हूँ|

ये आराम के कुछ पल बहुत मददगार होते हैं| अब तक आरव जाग चूका होता है और खिलौने बिखेरने का सारा भार अपने कंधो पर उठा लेता है|

खाने के बाद मैं उसे सुला देती हूँ| ये उसके दिन की सबसे बड़ी झपकी होती है, जिसका मतलब होता है कि इस बार मुझसे सचमें कुछ काम हो पाता है| अब मैं अपनी डेस्क पर बैठ कर कुछ काम करती हूँ, अपने मेल्स चेक करती हूँ और फिर एक कप कॉफ़ी के साथ अपना ब्लॉग लिखना शुरू करती हूँ| उसके उठते ही हम कुछ समय के लिए बाहर ज़रूर जाते हैं, भले ही सैर छोटी सी हो| बाकि दिनों पर हम पास के पार्क या किराने का सामन लाने चले जाते हैं अगर आरव का मूड अच्छा हो तो! अगर उसका मूड ख़राब हो तो मैं सामान घर पर ही मंगवा लेती हूँ क्योंकि अगर वो रोने लग गया तो मुझे सभी घूरने लगते हैं और वो मुझे पसंद नहीं|

वापस आने के बाद मैं खाना बनती हूँ और वो थोड़ा खेल लेता है| खाने के बाद, 8:30 बजे तक रुकने के बाद मैं उसे सुला देती हूँ| कुछ समय अपने पति के साथ बिताने के बाद आखिरकार मेरे दिन का अंत हो जाता है|  

तो ये था मेरे जीवन का एक आम दिन, लगभग सारी माताओं के दिनचर्या की झलक! अब आप शायद मुझ जैसी कई माओं से इस सवाल पूछने में एक बार तो सोचेंगे ,जिनकी जॉब प्रोफाइल में सब उनसे हाई आर्गेनाइजेशन स्किल्स और एक्सीलेंट कम्युनिकेशन तो चाहतें है और ओड आवर्स में भी पूरी एनर्जी के साथ काम करने की उम्मीद भी करतें है और साथ में यह प्रश्न भी बड़ी आसानी से पूछ लिया जाता है कि "तुम पूरे दिन करती क्या हो? क्या घर पर बैठे रहने से कभी बोर नहीं होती?

Tinystep Baby-Safe Natural Toxin-Free Floor Cleaner

Dear Mommy,

We hope you enjoyed reading our article. Thank you for your continued love, support and trust in Tinystep. If you are new here, welcome to Tinystep!

We have a great opportunity for you. You can EARN up to Rs 10,000/- every month right in the comfort of your own HOME. Sounds interesting? Fill in this form and we will call you.

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon