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जानिए ब्रेस्ट कैंसर की कौन सी थेरपी ने बचाई इस महिला की जिन्दगीं


ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो आजकल महिलाओं में बहुत तेजी से फैल रही है। कैंसर फिर चाहे शरीर के किसी भी अंग का हो उसके लक्षण देरी से पता चलते हैं, जिसकी वजह से इस बीमारी का इलाज सही समय पर नहीं हो पाता है। ब्रेस्ट कैंसर की वजह से ना जाने कितनी महिलाये मौत का शिकार हो जाती है। लेकिन अब ब्रेस्ट कैंसर से घबराने की जरुरत नहीं है, क्योंकि यूएस नेशनल कैंसर इंस्टीटूयट (US National Cancer Institute) के डाक्टरों की एक टीम नें कीमीथेरपी के बजाए इम्यूनोथेरेपी खोज निकाली है। जिसमें की रोगी की अपनी प्रतिरक्षक कोशिकायें कैंसर बनाने वाली कोशिकाओं को खोजकर नष्ट करके इस बीमारी को शरीर से खत्म कर देती हैं। ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो आजकल महिलाओं में बहुत तेजी से फैल रही है। कैंसर फिर चाहे शरीर के किसी भी अंग का हो उसके लक्षण देर से पता चलते हैं, जिसकी वजह से इस बीमारी का इलाज सही समय पर नहीं हो पाता है। 

 

 

 

इस थेरपी को लेनी वाली फ्लोरिडा की इंजीनियर जूडी पर्किन्स हैं, जो कि काफी समय से ब्रेस्ट कैंसर का शिकार थीं। जूडी जब 49 वर्ष की थी तब उन्होनें इस बीमारी से बचने के लिये कीमोथेरपी चुनी थी। इस दौरान जूडी ने कई कीमोथरेपी ली करवाई, लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। और डॉक्टरों ने यह कह दिया कि जूडी तीन महीने से ज्यादा जिंदा नहीं रह पायेंगी जूडी एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मेरी हालत बहुत बिगड़ गई थी, मुझे इतना दर्द था कि मैं अपने हाथ तक नहीं उठा सकती थी, मैं पूरी तरह से निराश थी। और मैंने कैंसर से लड़ना छोड दिया था। लेकिन अब मैं इम्यूनोथेरेपी की वजह से बिल्कुल फिट हूं। इम्यूनोथेरेपी से मेरे ज्यादातर ब्रेस्ट के ट्यूमर खत्म हो चुके हैं। इस थेरपी की वजह से जूडी का कैंसर दो साल के लिये खत्म हो गया है। देखा जाए तो यह थेरपी बहुत हद तक कीमीथेरपी से काफी बेहतर है क्योंकि कीमोथेरपी के साइड डिफेक्स बहुत खतरनाक होते है, जिसमें कि बालों का गिरना, चक्कर आना, उल्टियां होना, और मानसिक तनाव आदि।

ब्रेस्ट कैंसर ऐसी बीमारी है जिसमे ज्यादातर महिलायें बताने में झिझकती हैं, जिसकी वजह से यह बीमारी बहुत भयंकार रुप ले लेती है। ब्रेस्ट कैंसर के कई कारण होते हैं, आइय़े जानते हैं ब्रेस्ट कैंसर के मुख्य कारण क्या है।

सबसे पहला कारण है देर से शादी होना, क्योंकि हर उम्र में महिलाओं के हार्मौन्स बदलते रहते हैं, शादी के बाद शरीर में कई तरह हार्मौनल बदलाव आते हैं। यह बदलाव ब्रेस्ट कैंसर का भी रुप ले सकते हैं।

आजकल बहुत से ऐसे मायें हैं जो ब्रेस्ट फीड नहीं करवाना चाहती हैं जिसकी वजह से ब्रेस्ट में गांठ बन जाती है। और यह गांठ कैंसर बनकर शरीर में बुरा प्रभाव डालती है।

पीरियड्स का समय से होना महिलाओं की हेल्थ के लिये अच्छा माना जाता है। लेकिन कुछ महिलाओं को पीरियड्स बहुत लंबे समय तक होते हैं, 40 की उम्र के बाद अधिकतर महिलाओं को पीरियड्स बंद हो जाते है। लेकिन यदि इस उम्र में भी आपको पीरियड हो रहे हैं तो जरा सचेत हो जाये, और तुरंत डाक्टर से सलाह लें।

आजकल के समय में हर किसी को अपनी नौकरी की चिंता रहती है, ज्यादातर शादीशुदा महिलायें अपने कैरियर बनाने के लिये फैमिली प्लांनिग 30 की उम्र के बाद ही करती है। जिससे प्रेग्नेंसी में देरी की वजह से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा हो सकता है।

ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिये महिलाओं को खुद ही सचेत रहना होगा। 30 की उम्र के बाद शरीर में कई तरह के हार्मोंनल बदलाव होते हैं, जिसका असर ब्रेस्ट पर भी पडता है। इसलिये अपने ब्रेस्ट की जांच स्वंय करें यदि किसी भी तरह की गांठ या दर्द महसूस हो तुरंत डाक्टर के पास जायें।

लाइफस्टाइल में बदलाव होना भी बहुत जरुरी है, ड्रिंक, स्मोकिंग, जंक फूड से बचे।

योगा, मेडिटेशन, को अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाये, तनाव से दूरी रखें, हेल्दी खाना खायें, रनिंग, जागिंग यह ऐसी फिजिकल एक्टिविटी है जो हर महिला को करनी चाहिये इससे ना केवल आपका वजन कम होगा, बल्कि आप बीमारियों से भी दूर रहेंगें।

स्वस्थ रहें मस्त रहें

 

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