Link copied!
Sign in / Sign up
11
Shares

डेंगू के बुखार के संकेत, लक्षण और बचाव व उपचार के लिए असरदार उपाय

बरसातों का मौसम शुरू होते ही लोगों को डेंगू के बुखार (Dengue Fever) का डर सताने लगता है क्योंकि बारिश से कई जगहों पर पानी भर जाता है और उसी जलभराव में डेंगू के मच्छर (Mosquito) पनपते हैं। डेंगू का बुखार दुनिया के उष्णकटिबंधीय (tropical) और उपोष्णकटिबंधीय (Subtropical) हिस्सों में फैलने वाला एक जानलेवा संक्रमण (Infection) हैं। डेंगू का रक्तस्रावी/हेमरैजिक (Hemorrhagic) बुखार डेंगू संक्रमण का गंभीर रूप है। डेंगू के बुखार के शुरुआती लक्षण डेंगू मच्छर के काटने के बाद तीन से पंद्रह दिन में देखें जा सकते हैं और इसमें तेज़ बुखार, सर में तेज़ दर्द और आंखों को घूमाने के दौरान आंखों के पीछे तेज़ दर्द आदि डेंगू के लक्षण हैं। इसके अलावा जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द, रैशेस (Rashes) और हल्का खून निकलना भी डेंगू के लक्षणों में से एक है। कई डेंगू के मरीज़ों ने कमर के निचले हिस्से और गरदन में तेज़ दर्द की भी शिकायत की है। डेंगू के बुखार में गरदन और पेडू-जांघ जोड़ों के लिम्फ नॉडस (Lymph Nodes) में सूजन आ जाती है। छोटे बच्चों और इससे पहली संक्रमित लोगों में बड़े बच्चों और वयस्कों की तुलना में डेंगू के लक्षण कम दिखाई देते हैं। साथ ही डेंगू के बुखार में शरीर में हिमोग्लोबिन (Hemoglobin) का स्तर कम होता है और प्लेट्लेटस काउंट (Platelets count) तेजी से गिरता है।

 

 

लेख के मुख्य बिंदु

1. डेंगू का बुखार - (Dengue Fever) in Hindi 

2. डेंगू का बुखार कैसे फैलता है और क्या डेंगू का बुखार संक्रमित होता है?- (How is Dengue Fever contracted? Is Dengue Fever contagious) in Hindi 

3. डेंगू का बुखार कितने समय में फैलता है? - (What is the incubation period for dengue fever?) in Hindi 

4. डेंगू बुखार के कारण - (causes of Dengue Fever) in Hindi 

5. डेंगू बुखार के लक्षण - (Dengue Fever symptoms) in Hindi 

6. डेंगू के बुखार का उपचार -  (treatment of Dengue Fever) In Hindi 

 

डेंगू का बुखार - (Dengue Fever) in Hindi 

डेंगू का बुखार एक बीमारी है जो डेंगू के मच्छर अर्थात् एडीज (Aedes Aegypti) मच्छर के द्वारा एक वायरस (virus) से फैलती है। यह एक गंभीर बीमारी है और आमतौर पर इसके लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं जैसे कि सर दर्द, बुखार, थकावट, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, लिम्फ नॉडस मे सूजन और चकत्ते। डेंगू का बुखार किसी को भी हो सकता है लेकिन यह गंभीर रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है जिनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होता हैं। किसी भी व्यक्ति एक से अधिक बार भी डेंगू हो सकता है। डेंगू के बुखार को अन्य नामों जैसे कि “ब्रेकबोन फीवर” (Breakbone fever) या “डांडी फीवर” (dandy fever) के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि डेंगू का मरीज़ जोड़ों और मांसपेशियों में तेज़ दर्द महसूस करता है। डेंगू का बुखार वायरल फीवर (viral fever) से ज्यादा गंभीर होता है। डेंगू का बुखार बहुत ही ख़तरनाक होता है और यह डेंगू के मरीज़ के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

 

 

डेंगू का बुखार कैसे फैलता है और क्या डेंगू का बुखार संक्रमित होता है? - (How is Dengue Fever contracted? Is Dengue Fever contagious)in Hindi 

डेंगू के बुखार का वाइरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जिसने पहले संक्रमित व्यक्ति को काटा हो। एडीज मच्छर बरसात के मौसम में प्रजनन करते हैं और यह गमले, प्लास्टिक के बैग और किसी भी चीज पर साफ़ पानी में अंडे देते है। एक एडीज मच्छर के काटने से डेंगू का बुखार आ सकता है। डेंगू का बुखार संक्रमित नहीं होता है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को सीधे प्रभावित नहीं करता है।

डेंगू का बुखार कितने समय में फैलता है? - (What is the incubation period for dengue fever?) in Hindi 

एडीज मच्छर के काटने के बाद यह वाइरस तीन से पंद्रह दिनों में फैलता है और इस दौरान डेंगू के बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं।

डेंगू बुखार के कारण - (causes of Dengue Fever) in Hindi 

डेंगू का बुखार चार में से एक डेंगू वायरस से होता है (डेंगू वायरस टाइप्स 1-4 या DEVN 1-4) एडीज मच्छर के संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद डेंगू का वायरस अन्य लोगों में इस मच्छर के द्वारा संक्रमित होता है।

 

डेंगू बुखार के लक्षण - (Dengue Fever symptoms) in Hindi 

1.बुखार (Fever)

2. सर दर्द (Headache)

3. मांसपेशियों में दर्द (Muscle pain)

4. पेट में दर्द (Abdomen pain)

5. मसूड़ों से खून आना (gum bleeding)

6. हड्डियों में दर्द (bone pain)

7. ठंड लगना (chills)

8. सांस लेने में तकलीफ़ (difficulty breathing)

9. चक्कर आना (fatigue)

10. भूख ना लगना (loss of appetite)

11. कमर के निचले हिस्से में दर्द (Lower back pain)

12. जी मिचलाना (Nausea)

13. नाक से खून आना (nosebleed)

14. आंखों के पीछे दर्द (pain behind eyes)

15. रैशेस (rashes)

16. उल्टी आना (vomiting)

17. लिम्फ नॉडस मे सूजन (swollen lymph nodes)

18. त्वचा में रक्तस्रावी/हेमरैजिक (skin hemorrhages)

19. कम हिमोग्लोबिन (low Hemoglobin)

 

 

बुखार - 

बुखार उस तापमान को कहा जाता है जब शरीर का सामान्य तापमान 38 डिग्री से बढ़ जाता है। डेंगू के बुखार में ठंड लगती है और शरीर में कमज़ोरी महसूस होती है।

सर दर्द - 

डेंगू के बुखार से पीड़ित रोगी को सर में बहुत तेज़ दर्द महसूस हो सकता है।

मांसपेशियों में दर्द -  

डेंगू के बुखार में शरीर की मांसपेशियों में अकड़न महसूस होती है और इसलिए जोड़ों में तेज़ दर्द होता है।

पेट दर्द -  

डेंगूं के मरीज़ को पेट में दर्द हो सकता है।

हड्डियों में दर्द - 

मरीज़ को हड्डियों में दर्द महसूस हो सकता है।

ठंड लगना - 

तेज़ बुखार के कारण मरीज़ को ठंड लगती है।

सांस लेने में तकलीफ़

डेंगू के बुखार के ज्यादा बढ़ जाने पर रोगी को सांस लेने में तकलीफ होती है।

चक्कर आना

बुखार और कमज़ोरी, के कारण मरीज़ को चक्कर आ सकता है।

भूख ना लगना

डेंगू का एक अन्य मुख्य लक्षण यह है कि मरीज़ को भूख कम लगती है।

कमर के निचले हिस्से में दर्द

डेंगू के बुखार में मरीज़ कमर के निचले हिस्से में दर्द महसूस कर सकते हैं।

जी मिचलाना

बुखार, ठंड लगना और दर्द के कारण जी मिचलाने की समस्या होती है।

नाक से खून आना

गंभीर समस्या के कारण मरीज़ की नाक से खून निकल सकता है।

आंखों के पीछे दर्द

सर में भारीपन और बुखार के कारण आंखों में तेज़ दर्द होता है।

रैशेस/चकत्ते

शरीर के बड़े हुए तापमान और वाइरस के कारण रोगी के शरीर में चकत्ते हो सकते हैं।

उल्टी आना

बुखार के कारण पाचन-क्रिया के कमजोर होने से रोगी को उल्टी हो सकती है।

लिम्फ नॉडस मे सूजन

डेंगू के बुखार में मरीज़ के लिम्फ नॉडस मे सूजन आ जाती है।

त्वचा में हेमरैजिक

डेंगू के बुखार में त्वचा में हेमरैजिक हो जाते हैं।

कम हिमोग्लोबिन

डेंगू में हिमोग्लोबिन कम हो जाता है और शरीर में खून की कमी होती है।

 

 

डेंगू के बुखार का उपचार - 

यह लक्षण दिखाई देने पर आप फौरन खून की जांच करा सकते हैं और इससे आपको डेंगू होने या ना होने का पता लग जाएगा। डेंगू का बुखार वायरस से फैलता है और इसलिए डेंगू के बुखार का उपचार करने के लिए कोई निश्चित एंटीबायोटिक (antibiotics) नहीं है। डेंगू के बुखार में एंटीवायरल मेडिकेशन (antiviral medication) का प्रयोग भी नहीं किया जा सकता है। डेंगू के सामान्य बुखार का उपचार उसके लक्षण और संकेतों पर निर्भर करता है।

डेंगू के लिए घरेलू उपचार

डेंगू के घरेलू उपचार के लिए आराम और ओरल हाइड्रेशन (oral hydration) यानी कि अधिक से अधिक पानी, इलैक्ट्रौल (Electrol) और ओआरएस (ORS)पीना उचित रहेगा।

डेंगू के लिए असरदार दवाईयां

डेंगू के बुखार को कम करने के लिए एस्प्रिन (Aspirin), पैरासिटामोल (paracetamol) और नोनस्ट्रोराइडल एंटि-इंफ्लेमेटरी ड्रग (nonsteroidal anti-inflammatory drug) का सेवन डॉक्टर के परामर्श से करना चाहिए।

डेंगू से बचाव के लिए आवश्यक है कि आप अपने घर के आसपास साफ-सफाई रखें और पूरे बाज़ू के कपड़े पहने। साथ ही गढ्डों और किसी भी सामान में जलभराव ना होने दें और डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon