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छोटे बच्चों में त्वचा की 7 सामान्य समस्याएं |

सबको मालूम है, और ख़ासकर  माँ को, कि शिशु की त्वचा बहुत नाज़ुक होती है| इसे देखकर यह आश्चर्य की बात नहीं है कि बच्चे बीमार पड़ सकते हैं  उन्हें संक्रमण हो सकते हैं | इस सन्दर्भ में, यह अच्छा होगा कि आप तरह-तरह की बीमारियों के बारे में जान ले|अगर आपके बच्चे को इनमे से कोई बीमारी  हुई  तो इन रोगों को पहचानना , उनको रोकने के तरीके जानने से इनका सही तरह से उपचार करना आपके लिए  आसान हो जाएगा| \ कुछ समस्याएं  जिससे आपका बच्चा प्रभावित हो सकता है :

1. चुभती - जलती गर्मी

यह एक परिस्थिति है जहाँ घमौरियाँ  बच्चे के चेहरे, गर्दन, पीठ और बट पर आती है|  इसमें शरीर पर छोटी छोटी लाल फुँसिआ आ जाती है | यह तब होता है जब बच्चे का शरीर ज़रुरत से ज़्यादा गरम हो जाता है, जो गरम मौसम या गरम कपडे पहनने के कारण हो सकता है| आपको तुरंत अपने बच्चे को उस गरम जग़ह  से हटाकर कुछ ढीले कपडे पहनाने चाहिए, ऐसे कपडे जो उसके बदन से न चिपके| इससे घमौरियाँ बहुत कम हो सकती हैं|

2. बच्चों में मुँहासे

किसे पता था कि इतने छोटे बच्चों को मुहाँसे को भी  झेलना पड़ेगा? यह आप जितना सोचते हैं, उससे कई ज्यादा सामान्य है| यह छोटे दाने या वाईटहेड्स के रूप में बच्चे के चेहरे पर आते हैं| यह गर्दन और ठुड्डी पर भी आ सकते हैं| यह आमतौर पर अपने आप चले जाते हैं,. लेकिन आपसे जितना हो सके मुँहासे  विरोधी उत्पादों का इस्तेमाल न करें क्योंकि उनमें हानिकारक रसायन होतें है जो समस्यां और बढ़ा देते हैं | |

3. चेचक

भले ही आप अपने बच्चे को चेचक का टीका लगवाया भी हो पर कभी कभी संभव है कि उन्हें चेचक का संक्रमण हो जाये | यह बच्चों में बहुत सामान्य है और इसे दवाइयों से ठीक किया  जा सकता है| चेचक लाल छाले या दानों के रूप में आ सकता है ,जो पूरे शरीर पर फ़ैल  सकता है| इसका असर बुख़ार , भूख में कमी, घबराहट और जोड़ों में दर्द के रूप में बच्चे को हो सकता है| यह एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन अगर आदमी को अपने ज़िन्दगी में पहले ही चेचक हो गया हो, तो उसके वापिस होने की संभावना कम है|

4. एक्जिमा

एक्जिमा एक बीमारी है जहाँ त्वचा के कई जगहों पर, त्वचा सूखी, खुजली, परतदार, लाल बन जाती है जिससे खून बह सकता है|बीमारी की  गंभीरता उसकी   तीव्रता पर निर्भर करती  है| यह हाथ, गर्दन, चेहरे, कोहनी, और घुटनों के पीछे हो सकती है| यह 3-4 महीने बच्चे को हो सकती  है और इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे गरम या ठंडा मौसम, कुछ तरह के साबुन, आदि| इसका सबसे बढ़िया इलाज है त्वचा विशेषज्ञ  को दिखाकर त्वचा के उस जगह पर एक हलके लोशन से साफ़ करें, जो आपके बच्चे को आराम पहुँचाये |

5. मुँह के छाले

यह बच्चों और बड़ों में बहुत सामान्य है| यह फफोले के रूप में मुँह के चारो तरह होते हैं जो बाद में चले जाते हैं| यह सूजी हुई मसूड़ों के साथ शुरू होतें है औ| इससे बच्चों  में  बुखार आ सकता है |  इस समय  उनकी  लिम्फ ग्रंथियां सूज जातीं हैं ||  ये घाव 5-10 दिन तक रह सकते हैं| वे बढ़कर कम हो जाते हैं| इइस समय बच्चों में भूख  और प्यास की कमी हो सकती है ,इसलिए ध्यान रहे कि बच्चे में निर्जलीकरण  न होने पाये |  

6. हाथ, पैर और मुँह में बीमारी

इसके लक्षण फफोले, गले में दर्द और हल्का बुखार है | बीमारी के हिसाब से, फफोले बच्चे के हाथ, पैर और मुँह में फैल सकते हैं| यह बच्चे के पैर और बट तक फैल सकता है| यह काफी पीड़ा दे सकते हैं जो पानी पीने और खाने में मुश्किल कर सकते हैं| इसका इलाज हो सकता है, इसलिए अपने बाल रोग विशेषज्ञ से जल्द मिलें और याद रखें कि बच्चे को पानी पिलाते रहना है|

7. कंजक्टीवाइटिस

यह एक चीज़ है जो हम सबने सही है, जब हम बच्चे थे| बैक्टीरिया, एलर्जी, या वायरल संक्रमण के कारण यह बेहद संक्रामक है। इसमें आँख से   पानी गिरता रहता है जो काफ़ी चिपचिपा होता है । आँख लाल हो जाती है और पीड़ा देती है । बच्चे के साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें और जल्द ही नेत्र विशेषज्ञ की सलाह लें |

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