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सी सेक्शन (C-SECTION ) में शिशु बाहर कैसे आएगा? आप पर इसका असर -

सीजेरियन या सी-सेक्शन एक विशेष ऑपरेशन होता है, जिसमें प्रसूती विशेषज्ञ आपके पेट और गर्भाशय काट कर शिशु को बाहर निकालते हैं। इस प्रकार बच्चे का जन्म होता है।

सीजेरियन से पहले क्या होता है?

सर्जरी से पहले आपको मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार किया जाएगा, जैसे कि:

1. आपको अस्पताल से मिलने वाला विसंक्रमित गाउन पहनाया जाएगा।

2. आपको अपने सभी आभूषण/श्रृंगार/ नाखून पॉलिश/कांटेक्ट लैंस या चश्मे निकालने होंगे।

इससे ऑपरेशन के दौरान आपकी त्वचा की रंगत पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

3. आपके आयरन के स्तर की जांच करने के लिए रक्त का नमूना लिया जाएगा। अगर, आपको एनीमिया है और आपका काफी अधिक खून बह जाता है, तो आपको खून चढ़वाने की जरुरत पड़ेगी। अस्पताल पहले से इसकी तैयारी करके रखेगा।

सर्जरी की शुरुवात:

1. आपको ऑपरेशन की मेज पर पीठ के बल लेटने को कहा जाएगा।

2. आपकी बाजू की नस में एक ड्रिप घुसाई जाएगी। इससे आपको तरल पदार्थ मिलता रहेगा और अगर ऑपरेशन के दौरान या बाद में आपको दवा की जरुरत हुई, तो इसके जरिये दी जा सकेगी।

3. आपको बेहोशी की दवा या एनेस्थेटिक दी जाएगी। एपीड्यूरल एनेस्थीसिया रीढ़ की हड्डी मे दिया जाता है। इस तरह के एनेस्थीसिया में आपके शरीर का निचला हिस्सा सुन्न हो जाता है।

सामान्य एनेस्थीसिया की तुलना में यह आप और आपके शिशु के लिए अधिक सुरक्षित है। सामान्य एनेस्थीसिया से आपको नींद आ जाती है।

4. एक पतली ट्यूब (कैथेटर) आपके मूत्रमार्ग के जरिये मूत्राशय में घुसाई जाएगी। इससे आपके मूत्राशय को पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा।

5. पेट के जिस हिस्से पर चीरा लगाया जाना है, वहां से बाल हटाए जाएंगे। फिर एंटीसेप्टिक से उस जगह को साफ किया जाएगा। इसके बाद उस जगह को विशेष विसंक्रमित कपड़े से ढक दिया जाता है। इसे बीच में से काट दिया जाता है, ताकि जिस स्थान पर ऑपरेशन किया जाएगा, केवल वही खुला रहे।

6. आपको एक कलाई बंद अपनी बाजू में पहनना होगा, ताकि आपके रक्तचाप पर नजर रखी जा सके।

एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ऑपरेशन से पहले, इसके दौरान और बाद में भी आपके दिल की धड़कन पर नजर बनाए रहेंगे।

7. आपके दिल की धड़कन की हाथ से या फिर इलैक्ट्रोनिक तरीके से निगरानी की जाएगी। अगर, इलैक्ट्रोनिक तरीके से निरीक्षण किया जा रहा है, तो आपकी छाती पर इलैक्ट्रोड्स लगाए जाएंगे।

8. हो सकता है उंगली से नब्ज की निगरानी के लिए फिंगर पल्स मॉनीटर पर लगाया जाए।

आपको निम्नांकित चीजें दी जाएंगी:

i) संक्रमण दूर रखने के लिए एंटीबायटिक्स का इंजेक्शन

ii) उल्टी रोकने के लिए मिचली दूर करने की दवाई

iii) सीजेरियन के दौरान और इसके तुरंत बाद प्रभावशाली दर्द निवारक दवाई

iv) लंबे समय तक रहने वाली पीड़ा के लिए दर्द निवारक दवाई

v) अगर, शिशु किसी संकट में हुआ, तो मास्क के जरिये आॅक्सीजन दी जाएगी

सीजेरियन के दौरान क्या होता है?

एक बार जब आपका निचला शरीर पूरी तरह सुन्न हो जाता है, तो डॉक्टर आपकी प्यूबिक बोन से थोड़ा ऊपर त्वचा में दो उंगलियों की चौड़ाई जितना आड़ा चीरा लगाते हैं।

मांसपेशियों की सतहों को खोला जाता है, ताकि गर्भाशय तक पहुंचा जा सके। आपके पेट की मांसपेशियों को काटने की बजाय अलग कर दिया जाता है। गर्भाशय के निचले हिस्से को देखने के लिए आपको मूत्राशय को थोड़ा नीचे की तरफ खिसका दिया जाता है।

इसके बाद गर्भाशय के निचले भाग में छोटा चीरा लगाते हैं। कैंची या उंगलियों के सहारे से डॉक्टर इस चीरे को थोड़ा बड़ा करेंगी। तेज चीरा लगाने की तुलना में इस तरह रक्तस्त्राव कम होता है।

आजकल गर्भाशय के केवल निचले हिस्से को खोला जाता है। इसी वजह से इस ऑपरेशन को कई बार लोअर सेगमेंट सीजेरियन सेक्शन (LSCS) भी कहा जाता है।

झिल्लियों के थैले को खोला जाता है और आपको अचानक तेजी से तरल पदार्थ बहने की आवाज सुनाई दे सकती है। इसके बाद शिशु को निकाला जाता है। आप यह महसूस कर पाएंगी कि नर्स या डॉक्टर की सहायक आपके पेट को दबा रहीं हैं, ताकि शिशु का जन्म हो सके। अगर, आपका शिशु ब्रीच स्थिति में है, यानि की उसके नितंब या पैर नीचे की ओर हैं, तो पहले उसका नितंब बाहर आएगा।

शिशु को बाहर निकालने में केवल कुछ ही मिनट लगते हैं। जन्म के बाद नर्स शिशु की नाभि ढूंढ कर चिमटी लगाकर उसे काट देंगी।

इसके बाद डॉक्टर चीरे पर टांके लगाए जायेंगे। मांसपेशियों और त्वचा की हर परत को चिमटी, स्टेपल या धागे से टांके लगाकर बंद कर दिया जायेगा। गर्भाशय को सिलने के लिए शायद दोहरे टांके लगाएंगी। अंत में, आपकी त्वचा के घाव को टांकों या स्टेपल के जरिये बंद किया जाएगा।

सब काम पूरा होने पर, आपको कमरे में भेज दिया जाएगा। आपके शिशु को भी जांच के बाद कमरे में भेज दिया जाए, तो आप और आपके पति अपने नवजात से मिल सकेंगे।

सीजेरियन आॅपरेशन एक बड़ा आॅपरेशन होता है, इसीलिए इसके साथ भी सदैव कुछ दर्द और असहजता तो रहती है। आॅपरेशन शुरु होने से पहले आपके शरीर के निचले हिस्से को सुन्न कर दिया जायेगा जिस कारण दर्द महसूस नहीं होगा। एनेस्थीसिया का प्रभाव समाप्त होने पर, चीरा लगने के स्थान पर आपको दर्द महसूस होगा। आपकी डॉक्टर दर्द कम करने के लिए आपको दवाएं देंगी।

अगर आपके पास विकल्प हो, तो क्या आप सीजेरियन ऑपरेशन करवाना चाहेंगी? अपना मत दें।

यह आपकी ज़िन्दगी का ऐसा फैसला है जो सिर्फ आपको लेना है - पढ़ें और लोगों को शेयर करने को कहें -

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