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कैल्शियम की कमी स्वास्थ्य के लिए खतरा (Calcium Deficiency: Causes, Symptoms And Diseases In Hindi)

 

एक दिन में एक गिलास दूध पिएं....आपने अपने जीवन में कितनी बार दूध पीने वाली बात सुनी होगी? दूध में बहुतायत में कैल्शियम होता है और शरीर के लिए कैल्शियम एक बेहद महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है। कैल्शियम की कमी आपको कई प्रकार की बीमारियों की ओर ले जाती है। कैल्शियम की कमी के कारण आप बीमारियों से निपटने के लिए खुद को असहज महसूस करते हैं। कैल्शियम की कमी आपके नाखूनों, दांतों और हड्डियों में दिखाई देती है। ठीक से काम करने के लिए आपके शरीर को कैल्शियम की एक निश्चित मात्रा की आवश्यकता होती है। जब उसे आवश्यक मात्रा नहीं मिलती है, तो आप अपने अंदर कैल्शियम की कमी के लक्षणों को देखना शुरू कर देंगे। यह जानने के लिए कि क्या आपके शरीर को आवश्यकता के अनुसार कैल्शियम की सही मात्रा मिल रही है इसके लिए आप कैल्शियम की कमी के लिए परीक्षण से गुजर सकते हैं। वैसे देखा जाए तो बहुत कम ही लोग इस प्रकार का टेस्ट करवाना पसंद करते हैं क्योंकि बहुत कम लोग कैल्शियम की कमी और इसके लक्षणों के कारणों के बारे में जानते हैं। जब कैल्शियम की कमी की वजह से अन्य तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं तब लोग टेस्ट करवाते हैं और इसका इलाज करवाते हैं। अगर आप शुरु से ही अपने स्वास्थ्य की जरुरतों पर ध्यान दे तो आपको कैल्शियम की कमी होगी ही नहीं।

लेख की विषय सूची

कैल्शियम की कमी क्या है? (What is calcium deficiency in Hindi?)

कैल्शियम की कमी के कारण (Causes of calcium deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी के लक्षण (Symptoms of calcium deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी से हाइपोक्लेसेमिया रोग (Hypocalcemia: calcium deficiency disease in Hindi)

दूर करें कैल्शियम की कमी को (calcium deficiency treatment in Hindi)

कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए खाद्य पदार्थ (Food for calcium deficiency in Hindi)

निष्कर्ष (Conclusion)

कैल्शियम की कमी क्या है? (What is calcium deficiency in Hindi?)

हम सभी को यह बात पता है कि हमारे शरीर की संरचना का आधार हड्डियाँ होती है और इन हड्डियों की मजबूती के लिए अनेक तत्वों की आवश्यकता होती है जिनमें से कैल्शियम सबसे पहले नंबर पर आता है। कैल्शियम सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि शरीर के तमाम अंगों के लिए जरूरी होता है। कैल्शियम की कमी से हमारे शरीर में अनेक रोग हो जाते हैं। कैल्शियम की कमी के कारण ऑस्टियोपेनिया जैसे अन्य विकार उत्पन्न हो जाते हैं।

दैनिक जीवन में कैल्शियम का सेवन-आयु और लिंग के आधार पर नीचे एक चार्ट दिया गया है-

साल                 लिंग                            सेवन (mg)

0-6 महीने           न्यूट्रल                         400

6-12 महीने          न्यूट्रल                         600

1-5 साल              न्यूट्रल                          800

6-10 साल             न्यूट्रल                         800-1200

11-24 साल            न्यूट्रल                      1200-1500

25-65 साल           पुरुष                        1000

25-50 साल            महिला                     1000

65 साल से अधिक     पुरुष                       1500

50 साल से अधिक   महिला                        1500 

नोट-गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को रोजाना 1200-1500 मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करने की आवश्यकता होती है।

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कैल्शियम की कमी के कारण (Causes of calcium deficiency in Hindi)

‣दैनिक आवश्यकता के अनुसार कैल्शियम ना लेना ( खासकर बचपन में)

‣ दवाएं (कैल्शियम अवशोषण)

‣कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का उपभोग करने में असमर्थता (जैसे लैक्टोज असहिष्णुता)

‣ हार्मोनल असंतुलन (विशेष रूप से महिलाओं में)

‣ जेनेटिक्स प्रोब्लम्स

‣ पुअर विटामिन डी लेवल (विटामिन डी कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है)

‣ अन्य बीमारियों या विकार (Eg. pancreatitis, Hungry Bone Syndrome etc.)

कैल्शियम की कमी के लक्षण (Symptoms of calcium deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी के लक्षणों की पहचान करना काफी आसान है क्योंकि उनमें से कई दृश्य संकेतों के रूप में दिखाई देते हैं। इसकी कमी होने पर हमें स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की दिक्कतें महसूस होने लगती हैं। ये एक प्रकार का संकेत होता हैं जो आपको यह इशारा करते है कि आपके अंदर कैल्शियम की कमी हो गई है। तो आइये जानते हैं कैल्शियम की कमी के लक्षणों को -

‣ अत्यधिक थकावट- कैल्शियम की कमी के सबसे बड़े लक्षणों में से एक है - अत्यधिक थकान। कैल्शियम के निम्न स्तर वाले लोग बहुत जल्दी थक जाते हैं, उन्हें नींद नहीं आती है और सामान्य रूप से बहुत सुस्त हो जाते है।

‣ नाखून और त्वचा में परिवर्तन- कैल्शियम की कमी नाखून और त्वचा में भी दिखाई देती है। त्वचा अपनी नमी खो देती है और आपको बेहद सूखापन महसूस होगा। नाखून भी कमजोर होकर टूटने लगते है।

‣ दांत का कमजोर होना- कैल्शियम की कमी दांतों को उतनी ही प्रभावित करती है जितनी यह शरीर में नाखूनों और हड्डियों को प्रभावित करती है। जब शरीर में कैल्शियम का स्तर गिर जाता है तो शरीर दांतों से कैल्शियम को ग्रहण करने लगता है और यही वजह है कि दांत कमजोर हो जाते है। इसके कारण उत्पन्न होने वाली कुछ सामान्य दंत समस्याएं जैसे दांत में सड़न, दांत का टूटना, दांत का देर से निकलना आदि होने लगती हैं।

‣ मांसपेशियों में खिंचाव- मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द का महसूस होना, यह कैल्शियम की कमी का हल्का लक्षण है। हालांकि, अगर आपको मुंह, हाथ या पैर वाली जगह पर अधिक खिंचाव अनुभव हो रहा है तो आपको कैल्शियम की कमी की जांच कराने की जरुरत है। अगर जांच कराने के बाद कैल्शियम की कमी आए तो तुरंत डाॅक्टर से परामर्श लें।

‣ अवसादग्रस्त लक्षण- कैल्शियम की कमी से ग्रस्त लोग अपने मनोदशा के स्तर में भी बदलाव महसूस करते हैं। अनुसंधान अध्ययनों के मुताबिक कैल्शियम की कमी से अवसादग्रस्त लक्षणों में वृद्धि होती है।

कैल्शियम की कमी के कुछ अन्य लक्षण हैं-

‣ मेमोरी लाॅस

‣ कन्फ्यूज़न

‣ हेलुसिनेशन

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कैल्शियम की कमी से हाइपोक्लेसेमिया रोग (Hypocalcemia: Calcium deficiency disease in Hindi)

हाइपोक्लेसेमिया कैल्शियम की कमी से होने वाले रोगों में से एक रोग है। आपको यह बात जानकर हैरानी हो सकती है कि अकेले भारत में, हर साल हाइपोक्लेसेमिया के 1 मिलियन मामले रजिस्टर्ड होते हैं। एक व्यक्ति जो हाइपोक्लेसेमिया से पीड़ित होता है उसके रक्त में बहुत कम मात्रा में कैल्शियम होता है। हाइपोक्लेसेमिया रोग का निदान करने के लिए कैल्शियम का टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। कैल्शियम की कमी और हाइपोक्लेसेमिया के लक्षण समान हैं। हालांकि, हाइपोक्लेसेमिया के बहुत कम रोगियों को कैल्शियम की कमी के लक्षणों का गंभीर रूप से अनुभव होता है और इसलिए, निदान की पुष्टि करने के लिए कैल्शियम की कमी का टेस्ट की आवश्यकता होती है। उचित दवा और आहार से रोग का उपचार सरल है और पूरी तरह से छुटकारा पाने में लगभग 2-3 सप्ताह लगते हैं। हाइपोक्लेसेमिया रोग होने की वजह से आपको कुछ इस तरह की परेशानी हो सकती है-

‣गतिशीलता की कमी (अक्षमता)

‣ दौरे

‣ चिकित्सकीय समस्याएं

‣ आसान फ्रैक्चर (रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर भी)

‣ मांसपेशियों में दर्द

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दूर करें कैल्शियम की कमी को (Calcium deficiency treatment in Hindi)

कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए जरुरी है कि आप अपने भोजन में कैल्शियम युक्त आहार को शामिल करे। जैसे ही आप अपने जोड़ों में खिंचाव महसूस करे आपको सतर्क होने की जरुरत है। आइयें जानें किस तरह से आप कैल्शियम की कमी को दूर कर सकते हैं-

‣ आहार- कैल्शियम की कमी के लिए उपचार का सबसे अच्छा तरीका कैल्शियम से भरपूर खाद्य-पदार्थं है। अगर आपको कैल्शियम की कमी है तो अपने आहार में कैल्शियम युक्त खाद्य-पदार्थं की मात्रा को बढ़ा दें। ऐसा करके, आप धीरे-धीरे कैल्शियम की कमी को दूर कर देंगे और इसकी कमी से होने वाली दिक्कतों में भी आप सुधार महसूस करेंगे।

‣ दवा- कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए आप दवा का सहारा भी ले सकते हैं। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि इन कैल्शियम दवाओं को खाने से आपको किसी प्रकार का साइड इफेक्ट भी हो सकता है। किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए खाद्य-पदार्थं (Food for calcium deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी के लिए दूध एक बेहद ही फायदेमंद उत्पाद है लेकिन कैल्शियम की कमी वाले लोगों के लिए केवल दूध ही एकमात्र भोजन नहीं होना चाहिए। कैल्शियम में समृद्ध अन्य खाद्य-पदार्थों को भी शामिल करे जैसे-

‣ मछली (सरडीन्स और सामन)

‣ फलियां

‣ पालक

‣ सूखे फल (बादाम और नटस)

‣ अनाज

‣ ब्रोकोली

‣ गेहूं की रोटी

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निष्कर्ष (conclusion)

अगर आपको कैल्शियम की कमी है तो थोड़ी देर के लिए स्वाद भूल जाईये और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करें। अपने आहार में कैल्शियम युक्त खाद्य-पदार्थों को शामिल कर आप इसकी कमी से होने वाली तकलीफों से बच सकते हैं।

 

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