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सी-सेक्शन के बारे में चार मिथक, इनपर आपको बिलकुल यक़ीन नहीं करना चाहिए


जब भी आप सी-सेक्शन प्रक्रिया के बारे में सोचती है, तो आप सोचती है “ अप्राकृतिक”, “डरावना” व “ हानिकारक”। लेकिन साथ ही ऐसे बेबुनियाद मिथक भी है,जिसपर हम सभी यकीन करते हैं। यह हैं कुछ आम मिथक –

स्तनपान एक चुनौती है

भोजन कराने का अपना तरीका चुनना आपका व्यक्तिगत चुनाव हैं‌ लेकिन जब बात स्तनपान कराने की आती है, तो आपके सी-सेक्शन या नार्मल डिलीवरी होने से इसमें कोई समस्या नहीं होती है। यह सच है की जिन माताओं का सी-सेक्शन होता है, उन्हें स्तनपान की इस प्रक्रिया में कुछ मुश्किल आती है लेकिन ऐसा नहीं है की यह आपके लिए नामुमकिन हो। किसी प्रकार की डिलीवरी में यह देखा गया है की तीन से चौबीस महीनों के बीच स्तनपान की दर बिना जन्म के प्रकार से प्रभावित हुए, समान बनी रहती है। सिर्फ एक समस्या से मां को सामना करना पड़ता है, वह है सर्जिकल पेन जो सी-सेक्शन से होता है। इसके कारण आपको बच्चे को अलग तरह से पकड़ना होता है या शिशु को सही तरह से स्तनपान कराने के लिए डॉक्टर से सही पोजिशन की सलाह लें।

सी-सेक्शन के बाद नार्मल डिलीवर (योनि द्वारा जन्म देना) नामुमकिन है

कई लोग मानते हैं की एक बार सी-सेक्शन हो जाने पर नार्मल डिलीवरी नहीं हो सकती है। कोई भी मां जो सी-सेक्शन से गुजरी हों, उनमें इस बात की पूरी संभावना होती है की अगली बार वह‌ नार्मल डिलीवरी करने में सक्षम हो। लगभग 60% से 80% महिलाओं ने जिन्होंने सी-सेक्शन के बाद नार्मल डिलीवरी की संभावना की जांच करवाई थी, वह सभी सफल हुई थी। (Trial or labour after cesarean,TOLAC), यह एक तरीका है यह जांचने का की सी-सेक्शन के बाद आप नार्मल डिलीवरी में सक्षम है या नहीं, इसे (VBAC) भी कहा जाता हैं।

नार्मल डिलीवरी (योनि द्वारा जन्म देना) और सी-सेक्शन से ठीक होने का समय एक ही होता है

यह पूरी तरह गलत है। अधिकतर नार्मल डिलीवरी में अस्पताल में प्रसव के एक या दो दिन तक रहने के साथ रिकवर करने का समय एक या दो हफ्ते होता है। वहीं दूसरी तरफ सी-सेक्शन में अस्पताल में चार से पांच दिन रहने के साथ ही इसका रिकवरी का समय तीन से पांच हफ्ते होता है। सी-सेक्शन में अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है, साथ ही यह कुछ काम आप नही कर सकती हैं जैसे भारी व्यायाम, सेक्स करना, भारी सामान उठाना आदि।

 

सी-सेक्शन का चयन करने से नार्मल डिलीवरी (योनि द्वारा जन्म देना) से कम तकलीफ़ होती है

सी-सेक्शन तब होता है जब‌ उच्च जोखिम की स्थिति हो या कई बार प्रसव में कई समस्याएं होती हैं। अधिकतर डॉक्टर नार्मल डिलीवरी का ही सुझाव और प्राथमिकता देते हैं लेकिन तभी प्रोत्साहित करें जब जरूरत हो। यह एक अद्भुत विचार है की डिलीवरी के दिन आप चुनाव करने में सक्षम हो लेकिन सी-सेक्शन एक बड़ी सर्जरी है, जिससे आपको बचना चाहिए अगर आप नार्मल डिलीवरी चाहती है तो। किसी भी पेट की सर्जरी की तरह इस प्रक्रिया में अधिक रक्तस्राव, संक्रमण का जोखिम होता है, जिससे आपको बचना चाहिए। नार्मल डिलीवरी अनियोजित लग सकती है और इसमें सी-सेक्शन की तुलना में कुछ तकलीफ़ भी होती है लेकिन जोखिम को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने में मदद होगी।

 

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