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सी-सेक्शन करवाने से पहले इन खतरों और बातों को जानें


अगर आप सी-सेक्शन करवाने की सोच रही हैं तो ये जानलें की ये एक बड़ी सर्जरी है जिसमे नार्मल डिलीवरी के मुताबिक़ काफ़ी खतरा और मुश्किलें आ सकती हैं| सी-सेक्शन आपके बच्चे की सांस लेने की काबिलियत पर असर डालता है, यदि आप अपने डॉक्टर की सलाह मान कर सी-सेक्शन करने का निर्णय करती हैं तो वो अवश्य बिलकुल सही फ़ैसला होगा| आपका डॉक्टर आपको सी-सेक्शन करने की सलाह देगा अगर आपको डायबिटीज़ इस प्लेसेंटा को लेकर कुछ तकलीफ़ है या फिर गर्भ में आपके बच्चे का पोजीशन आपको नार्मल डिलीवरी करवाने की अनुमति ना देता हो|

आइये हम बताते हैं आपको सी-सेक्शन करवाने का खतरा और उसके साइड इफ़ेक्ट:

1. सी-सेक्शन एक मेजर सर्जरी है

हालांकि सी-सेक्शन हमें लगता है की नार्मल डिलीवरी की जगह पर किया जाता है लेकिन ऐसी बात बिलकुल भी नहीं है, बल्कि सी-सेक्शन को पेट का बड़ा ऑपरेशन माना जाता है और इसी वजह से सी-सेक्शन करने से पहले आपको एनेस्थीसिया(बेहोशी का इंजेक्शन) दिया जाता है फिर चाहे वो जनरल ये लोकल ही क्यों ना हो| ये ऑपरेशन करते समय आपके पेट में एक कट बनाया जाता है और उसे सुन करने के लिए आपको एनेस्थीसिया दी जाती है| बच्चे को जन्म देने के 12 घंटों बाद आपको अपने पेट में इतनी गहरी दर्द महसूस होगी की आपका बाथरूम जाना मुश्किल हो जाएगा|

2. सी-सेक्शन भविष्य में आपके गर्भावस्था पर प्रभाव डाल सकता है

अगर आपका सी-सेक्शन हुआ हो तो वो भविष्य में आपकी अन्य गर्भावस्था पर प्रभाव डाल सकता है| इससे सम्बंधित कुछ परेशानियां हैं यूटेरिन का फटना, प्लेसेंटा परिविआ जब आपका प्लेसेंटा आपके सर्विक्स को ढक लेता है और एब्नॉर्मल प्लेसेंटल अटैचमेंट|

3. सी-सेक्शन को ठीक होने में वक़्त लगता है

सी-सेक्शन करवाने का मतलब है दोनों माँ और बच्चे का अस्पताल में लम्बे समय तक रहना क्योंकि एक मेजर सर्जरी के बाद आपको अपने शरीर को वापस अपने पुराने रूप में आने के लिए कुछ समय देना अवश्य है ताकि आप वापस अपनी पुरानी रूटीन में ढल पाएं| आपको अपने ज़ख्म को इन्फेक्शन से भी बचाना बहुत ज़रूरी है यदि आपको अपनी सर्जरी से खून या पस निकलता दिखे तो डॉक्टर से फ़ौरन संपर्क करें|

4. गर्भ में जुड़वां बच्चे होने से सी-सेक्शन करवाने की ज़रूरत पड़ सकती है

यदि आपके गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं तो आपको सी-सेक्शन करवाने की ज़रूरत पड़ सकती है ये इसलिए क्योंकि जुड़वां बच्चे जो समय से पहले जन्म ले लेते हैं शायद ही नार्मल डिलीवरी की जोखिम को झेल पाएं|

5. सी-सेक्शन होने का ये मतलब नहीं होता की भविष्य में आपकी नार्मल डिलीवरी नहीं हो सकती

फैली हुई अफवाओं के मुताबिक़ ये कहा जाता है की जिन महिलाओं का सी-सेक्शन होता है ये ज़रूरी नहीं की भविष्य में उनकी नार्मल डिलीवरी ना हो, ये बात अवश्य सही है और ये इस बात पर निर्भर करता है की आपका पहला सी-सेक्शन किस तरीके से किया गया था| सी-सेक्शन करने की वजह यदि आपका स्वस्थ या कोई मेडिकल कंडीशन थी तो चांस है की भविष्य में भी आपका सी-सेक्शन होगा लेकिन ऐसी भी महिलाएं हैं जो नार्मल डिलीवरी की क्षमता रखती हैं|

6. एनेस्थीसिया के कारण आपका बच्चा नींद में रह सकता है

सी-सेक्शन करवाने के लिए आपको एनेस्थीसिया दिया जाता है और परिस्तिथि के मुताबिक़ आपको लोकल या जेनेरल एनेस्थीसिया के बीच चुनाव करना होगा जो की अधिक मामलों में आपको जेनेरल एनेस्थीसिया लेना होगा जिसका असर आपके साथ आपके बच्चे को भी होता है तो ये ठान लें की आपका नवजात शिशु पैदा होते साथ काफ़ी नींद में रहेगा| बच्चे पर एनेस्थीसिया का असर डिलीवरी के 6-12 घंटों तक रहता है|

इन बातों को ध्यान में रखें और सी-सेक्शन के बारे में अधिक चीज़ें जानें, इस ब्लॉग को दूसरी महिलाओं के साथ शेयर कर के उन्हें इस बारे में शिक्षित करें!

 

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