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ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माओं के लिए ये जानना है बेहद ज़रूरी...ना करें नज़रअंदाज़


माँ बनना हर महिला के लिए एक खुशकिस्मती की बात होती है जिसको नौ महीने तक अपने गर्भ में महसूस किया उसे अपने बाँहों में उठाने का सुख और वो एहसास हर माँ के लिए खास होता है। लेकिन एक माँ बनने के साथ-साथ कई ज़िम्मेदारियाँ भी आती है, एक माँ ही होती है जो अपने नवजात के हर मुश्किल को समझ सकती है और उसे हर मुश्किल से दूर रखती है। एक नवजात शिशु माँ के दूध पर ही निर्भर करता है और ब्रेस्टफीडिंग से ही एक माँ और शिशु का रिश्ता गहराता है लेकिन शिशु को ब्रेस्‍टफीड कराने वाली माओं को कुछ महत्वपूर्ण बातें मालूम होनी चाहिए क्यूंकि कभी-कभी ब्रेस्‍टफीड कराते वक़्त एक छोटी लापरवाही भी शिशु के स्वास्थ के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम आपको कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहे है जिसे हर स्तनपान कराने वाली माओं को ध्यान में रखना चाहिए।

1. ब्रा का करें सही चुनाव

गर्भावस्था के वक़्त से ही महिलाओं के पहनावे में बदलाव नज़र आने लगते हैं और यह माँ बनने के बाद भी दिखाई देता है। लेकिन माँ बनने के बाद सिर्फ ऊपरी कपड़ों में ही नहीं बल्कि इनरवियर में भी बदलाव होने चाहिए। स्तनपान कराने वाली माओं को कभी भी टाइट ब्रा या टाइट कपड़े नहीं पहनने चाहिए क्यूंकि इससे ना सिर्फ दूध पिलाने में असुविधा होगी बल्कि यह सेहत के लिए भी हानिकारक है। जो महिला ब्रेस्टफीड कराती है उनके स्तन पहले की तुलना में ज़्यादा संवेदनशील होते हैं और टाइट कपड़े या ब्रा पहनने से ब्रेस्ट में दर्द या रैशेज़ हो सकते हैं। इसलिए अगर आप ब्रेस्टफीड कराती हैं तो ढीले कपड़े पहने और आजकल नर्सरी ब्रा का भी चलन है जो खासतौर पर ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माओं के लिए है तो ऐसे ब्रा का चुनाव करें।

2. सफाई है ज़रूरी

शिशु बहुत ही कोमल और नाज़ुक होते हैं  इसलिए उनकी साफ़-सफाई का भी पूरा ख्याल रखना ज़रूरी होता है क्यूंकि उन्हें इन्फेक्शन जल्दी होती है। इसलिए माँ को अपने शिशु का पूरा ध्यान रखना होता है और साफ़-सफाई का ख्याल स्तनपान कराने के वक़्त भी रखना चाहिए। जब भी महिला शिशु को स्तनपान कराने जाए तो उससे पहले सिर्फ हाथों को ही नहीं बल्कि निप्पल्स और ब्रेस्ट को भी साफ़ कर लें । रुई, टिश्यू या गुनगुने पानी में साफ़ कपड़े को भिगोकर अपने निप्पल्स को साफ़ कर लें इससे शिशु को इन्फेक्शन नहीं होगा क्यूंकि कभी-कभी शरीर में पसीने के वजह से अनदेखे कीटाणु उत्पन्न होते हैं जो स्तनपान के वक़्त शिशु के अंदर जा सकते हैं इसलिए स्तनपान कराने के पहले हमेशा ब्रेस्ट और निप्पल्स को साफ़ कर लें।

3. साबुन का ना करें इस्तेमाल

नहाते वक़्त कोशिश करें की अपने ब्रेस्ट और निप्पल में साबुन ना लागएं क्यूंकि साबुन में कई तरह के केमिकल्स होते है जो आपके ब्रेस्ट और निप्पल्स को रुखा बना देंगे और आपके निप्पल्स कड़े भी हो सकते हैं। इसके अलावा अगर गलती से भी आपके निप्पल्स या ब्रेस्ट में साबुन लगा रह गया तो यह आपके दूध के साथ शिशु के पेट में भी जा सकता है और आपके शिशु को बीमार कर सकता है इसलिए नहाते वक़्त अपने ब्रेस्ट और निप्पल्स को गरम पानी से ही साफ़ करें।

4. स्वस्थ खाएं

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माओं को अपने खाने का ख़ास ख्याल रखना होता है क्यूंकि इस वक़्त जो भी चीज़ माँ खाएंगी उसका सीधा असर उनके शिशु पर होगा। इसलिए हेल्दी चीज़ें खाएं ताकि आपके शिशु को पूरा पोषण मिले इसके अलावा पूरी तरीक़े से अच्छी मात्रा में आहार लें क्यूंकि इस वक़्त ऊर्जा की ख़पत ज़्यादा होती है तो पूरी तरीके से खाना ज़रूरी है ताकि माँ को कमज़ोरी ना हो।

5. मालिश भी है ज़रूरी

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माओं को कभी-कभी ब्रेस्ट में पेन की भी शिकायत होती है जो की ब्रेस्ट में गांठ बनने की वजह से भी होता है इसलिए रोज़ाना हल्के-हल्के से अपने ब्रेस्ट की मसाज या मालिश करें इससे गांठ नहीं बनेंगे और ब्लड सर्कुलेशन तेज होगा जिससे की दूध की सप्लाई भी सही होगी। लेकिन अगर मालिश के बाद में आपके ब्रेस्ट में दर्द है तो बिना देर किये हुए एक बार डॉक्टर से ज़रूर मिलकर सलाह लें।

ब्रेस्टफीडिंग कराना ना सिर्फ शिशु के लिए फायदेमंद है बल्कि माँ के लिए भी उतना ही फायदेमंद होता है । माँ का दूध पिने से शिशु स्वस्थ होता है और उसकी इम्यून पावर बढ़ती है, तो वहीं जो माँ ब्रेस्टफीडिंग करा रही है वो कैंसर या अन्य बीमारियों से भी सुरक्षित रहती है। इन सबके अलावा माँ का दूध एक शिशु और उसकी माँ के बीच का बॉन्ड और ज़्यादा मज़बूत करता है और दोनों का रिश्ता और ज़्यादा गहरा होता है। 

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