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भाई-बहन की लड़ाई: माताओं की इसमें क्या भूमिका होनी चाहिए?

एक से ज़्यादा बच्चे की माँ बनने से उनके बीच की लड़ाई देखना आपके लिए ऱोज़ की बात होगी | | जब बच्चे दो या दो से ज़्यादा होते हैं तो, माँ का बराबरी से  अपने बच्चों पर एक ही समय पर ध्यान  देना  मुश्किल हो जाता है, जो भाई-बहनों के बीच जलन पैदा कर सकता है|

बच्चों के उम्र में अंतर के कारण ऐसा हो सकता है कि माँ छोटे बच्चे पर ज़्यादा ध्यान दें दे  और इस कारण भाई-बहनों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है |

माता-पिता का पहले से अपने छोटे बच्चे के तरफ ज़्यादा प्यार होता है , जिसमे लाड-प्यार ज़रूर होता है, इससे छोटे बहन/भाई की तरफ बड़े बच्चों में  जलन पैदा होती है और बड़ा बहन/भाई  अकेलापन भी महसूस करतें हैं | छोटे भाई को दिए गए आपके गिफ्ट्स  उसकी तरफ उनकी नाराज़गी बढ़ाते  है|

माँ का छोटे बच्चे  की तरफ ज़्यादा पक्षपात का कारण यही है कि छोटा बच्चा बड़े वाले बच्चे  से ज़्यादा माँ पर निर्भर है| जब सिर्फ बड़ा बच्चा था, तो उसे माँ के साथ अकेले समय बिताने का समय मिलता  था|

भाई-बहन के बीच लड़ाई का परिणाम होता  है अकेलापन| जब घर में तीन बच्चे हों, तो हर बच्चे की तरफ ध्यान रखना मुश्किल है| आपके बड़े बच्चों को  सबसे ज़्यादा फर्क  पड़ेगा और अगर आपने इसपर  तुरंत ध्यान नहीं दिया तो उनको आगे चलकर  और भी परेशानियां होंगी| इस समस्या को हल करने से बहन-भाइयों के बीच परेशानी कम हो सकती हैं|

माता-पिता के बच्चों से  पक्षपात और विशेष  ध्यान के कारण भाई-बहनों के बीच लड़ाइयां और जलन पैदा होती हैं| जैसे ही आपको इसका एहसास हो इसका हल निकालें|

इधर हैं कुछ  समाधान हैं जो भाई-बहनों के बीच की लड़ाइयों को कम करने में मदद कर सकते हैं:

1. माता-पिता होने के नाते इसका ध्यान रखें कि आप अपने बच्चों के बीच भेद-भाव न करें| इससे नफरत पैदा नहीं  होगी|

2. कभी भी एक बच्चे  की जिम्मेदारी दुसरे बच्चे के ऊपर न डालें, इससे उनपर छोटे भाई बहन का ध्यान रखने का  बोझ  आ जाता है और  यह  बड़े भाई/बहन को पसंद नहीं आता है |

3. अपने बच्चों को आपस में ही मुश्किलों का हल निकालने  दें, जब तक आपकी ज़रुरत नहीं हो ,आप इसमें दखल ना दें !

4. एक नए बच्चे का परिवार में आने से पहले, अपने बच्चे को नए बच्चे के लिए मानसिक रूप से  तैयार करें , जिससे  वो  समय रहते इसके लिए तैयार हो सकें |

5. अपने बच्चों में लड़का और लड़की के बीच भेदभाव नहीं करें  क्योंकि यह आगे उनके बहुत काम आएगा| अपने वाक्यों को ऐसा बनाकर बोले जिससे पक्षपात की  परिस्थिति न बने|   

6. अपने बच्चों में भेदभाव न करें और ध्यान रखें कि आपके बच्चों को पक्षपात का एहसास नहीं हो, नहीं तो यह आपके बच्चों में बुराई और नफरत की भावनाएं पैदा करेंगी|

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