Link copied!
Sign in / Sign up
0
Shares

बनाये घर को बेबी प्रूफ


हर माता-पिता अपने नन्हे-मुन्ने के क्रॉलिंग का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, यह वो वक़्त होता है जब आपका बच्चा पहली बार आपके सहारे के बिना इंडेपेंडेंटली कुछ करना सीखता है। यह पल हर माँ-बाप के लिए बहुत ही खुशनुमा होता है, पर साथ ही साथ इस वक़्त माता-पिता की मेहनत डबल हो जाती है। उन्हें अपने बच्चे पर कड़ी नज़र रखनी होती है, क्यूंकि इस समय बच्चे नयी चीज़ों को लेकर बहुत ही ज़्यादा उत्सुक और उत्साहित होते हैं। रैक पर रखी चीज़ों को फेकना, नीचे से उठाकर कुछ भी खा लेना या अन्य कई चीज़ें करते हैं जो की बच्चों के लिए हानिकारक होता है, इसलिए माता-पिता को इस वक़्त सुपर एक्टिव होना चाहिए। क्यों न बच्चे के क्रॉलिंग से पहले ही आप अपने घर को ऐसा एडजस्ट करें की आपको आगे चलकर ज़्यादा मेहनत न करना पड़े। बहुत से माता-पिता अपने बच्चे के क्रॉल करने का इंतज़ार करते हैं और उसके बाद फिर अपने घर को एडजस्ट करते हैं। पर आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी 'प्रिवेंशन इज़ बेटर दैन क्योर' इसलिए क्यों न आप पहले ही अपने घर को बेबी प्रूफ बना लें।

अगर आप चाहते हैं की आपका बच्चा बिना किसी परेशानी के आपके घर में घूमें और आप भी बिना किसी डर के उन्हे खेलने देना चाहती हैं तो फॉलो करें नीचे दिए गए कुछ टिप्स।

1. अपने घर के इलेक्ट्रिक सॉकेट्स को कवर करें, खासकर जो सॉकेट्स नीचे हैं। हर बच्चा जब क्रॉल करना शुरू करता है तो उसकी आदत होती है की वो हर चीज़ छूना चाहता है। और अगर वो अपनी नन्ही-नन्ही उँगलियाँ इलेक्ट्रिक सॉकेट में डाल दे तो वो इलेक्ट्रिक शॉक का शिकार हो सकता है।

2. रैक को खाली रखें या भारी चीज़ें न रखें। बच्चों की आदत होती है की वो किसी भी रैक में या कहीं भी रखी चीज़ों को फेकना शुरू कर देते हैं। और इसी वजह से वो अपने आप को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। अगर उनके पैर पर या सर पर कोई भारी चीज़ गिर गई तो उन्हे गहरी चोट आ सकती है।

3. फर्श को हमेशा साफ़ रखें। जब बच्चे क्रॉल करना शुरू करते हैं उसी वक़्त उनके दांत आने का भी समय होता है जिस कारण उनके मसूड़ों में खुजली होते रहती है और इसी कारण वो कुछ भी मुँह में ले लेते हैं या कुछ भी उठाकर चबाने लगते हैं जिससे की बच्चों को इन्फेक्शन भी हो सकता है। इसलिए हर वक़्त अपना फर्श साफ़ रखें ताकि बच्चे को कुछ मुँह में डालने को न मिले।

4. छोटी-छोटी चीज़ें या छोटे खिलौनों को नीचे न रखें, क्यूंकि बच्चे खिलोनो से भी खेलते-खेलते उन्हे मुँह में ले लेते हैं जो की उनके गले में भी फंस सकती है इसलिए जब आपका बच्चा खेले तो उसपर नज़र ज़रूर रखें।

5. ड्रायर्स को लॉक रखें क्यूंकि बच्चे ड्रायर्स को भी खोल सकते हैं और उसमें रखी चीज़ों को फेक सकते हैं, या मुँह में ले सकते हैं और अगर डिटैचेबल ड्रॉयर हुई तो वो आपके बच्चे के पैर पर भी गिर सकता हैं।

6. फर्नीचर का भी रखें ध्यान क्यूंकि फर्नीचर के कोनों से भी आपके बच्चे के सर पर या पैरों में चोट लग सकती है इसलिए फर्नीचर के कोनों को किसी सॉफ्ट चीज़ से कवर करके ज़रूर रखें।

यह सब चीज़ें तो महत्वपूर्ण है ही पर इन सब चीज़ों के अलावा जो चीज़ ज़रूरी है वो है आपका समय और आपकी पैनी नज़र। इसलिए घर को बेबी प्रूफ करने का बाद निश्चिंत होकर न बैठ जाए । क्यूंकि यह बस कुछ सेफ्टी मेज़र्स है जो आप ले सकते हैं पर इनके आलावा आपको अपने बच्चे पर पूरी नज़र रखनी होगी ताकि कोई दुर्घटना न हो क्यूंकि आपने तो सुना ही होगा 'नज़र हटी दुर्घटना घटी'। बच्चे के इस पल को सेफली एन्जॉय करें।

हैप्पी पैरेंटिंग ! 

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon