Link copied!
Sign in / Sign up
7
Shares

क्यों जरुरी है सेक्स ऐजुकेशन में मिसकैरेज को शमिल करना

किसी भी औरत के लिये मां बनने से बेहतर और कोई सुखद अहसास नहीं है, लेकिन मां बनने की एक सही उम्र होती है। क्योंकि मां बनने के लिये जितना मानसिक तौर पर स्वास्थ्य होना जरुरी है, उतना शारीरिक तौर पर भर भी।  यह अहसास तब दुखदायी हो सकता है, जब कोई लड़की कम उम्र में मां बनती है तो उसका नतीजा मिसकैरेज या गर्भपात हो सकता है। ऐसा तभी होता है जब गर्भधारण को लेकर सही जानकारी नहीं होती है,आजकल की युवा पीढ़ी को सेक्स- ऐजुकेशन के बारें में अच्छी तरह से पता होना चाहिए। गर्भपात करवाना और करना दोनों ही गैरकानूनी माने जाते हैं। किसी भी देश का कानून यह इजाजत नहीं देता है, कि कोई भी महिला जबरदस्ती गर्भपात करवायें। 

विदेशों में गर्भपात को सेक्स-ऐजुकेशन में शामिल किया जाने की मांग-

एक रिपोर्ट के अनुसार स्कॉटलैंड में जिन लड़कियों का का गर्भपात हुआ है, उन्होनें इस बात की मांग की है कि सेक्स ऐजुकेशन में मिसकैरेज के बारें में भी जानकारी दी जाये। क्योंकि विदेश हो या अपना देश किसी भी महिला का गर्भपात कहीं भी हो सकता है, कुछ ऐसा ही घटना के बारें मे ब्रिटेन के टीवी शो में बताया गया है, कि एक लड़की का गर्भपात एक रेस्टोरेंट के बाथरुम हो गया। जब यह एपिसोड प्रसारित हुआ, तो सबसे बड़ी आलोचना यह थी कि यह "यथार्थवादी" नहीं था, और "ऐसा नहीं होता है।" लेकिन सच्चाई यह है कि गर्भपात कहीं भी हो सकता है और जरूरी नहीं कि महिलाओं के लिए सबसे सुविधाजनक समय हो। इस घटना के बाद चैरिटी मेलेरेज एसोसिएशन के राष्ट्रीय निदेशक के अनुसार कम उम्र के छात्रों को गर्भपात के बारे में तथ्य देने से युवा लोगों को यह जानने में मदद मिलेगी कि ऐसे समय में मदद कैसे प्राप्त करें।

इमेज क्रेडिट-www.healthline.com

[Back To Top]

आज के समय में जहां सेक्स-ऐजुकेशन दी जा रही है, और इस बारें मे स्कूलों और कालेजों में खुलकर बात की जाती है। फिर चाहे वह प्रेगनेंसी के बारे में हो, गर्भनिरोधक के बारे में बात होती है तो हमें प्रजनन क्षमता के बारे में भी बात करनी चाहिए और जब गर्भधारण होता है तो क्या होता है। साथ ही अगर प्रेगनेंट नहीं होना चाहते हैं तो इस चीज से कैसे बचें, अगर अनचाही प्रेगनेंसी है तो किस तरह से इसे रोकें। और भी ऐसी बहुत सी बातें हैं जिनके बारे में छात्रों को जानकारी लेना जरुरी है। स्कॉटलैंड में अमेरिका में, एबोर्शन करवाना एक वर्जित और अनुशासनहीन विषय है।

एक रिपोर्ट के अनुसार ना जाने कितनी महिलाओं को अकेले और डर से गर्भपात करवाने के लिए मजबूर किया गया है। या फिर किसी का मिसकैरेज बाथरुम में हो जाता है जो कि और भी असहनीय और दर्दनाक होता है। इससे भी बुरी बात यह है कि ऐसी कई महिलाएं हैं, जिन्हें यह नहीं पता कि गर्भपात कैसे होता है। इन्हीं सब परेशनियों से बचने के लिये मिसकैरेज जैसे गंभीर विषय को सेक्स-ऐजुकेशन में शमिल करने की मांग की जा रही है।

पैरेंटस किस तरह की सावधानी बरतें

-आज के समय में अपने बच्चे को सही उम्र में सेक्स-ऐजुकेशन की जानकारी पैरेंटस को भी देनी चाहिए। क्योंकि यह एक ऐसा मुद्दा है जिसमें कि माता-पिता स्वंय ही संकोच करते हैं लेकिन इसके लिये पैरेंटस को खुद अपने बच्चे से दोस्ताना व्यवहार करना होगा, अपने बच्चे पर विश्वास दिखाना होगा। क्योंकि यह एक ऐसा विषय है जिसमें हर माता-पिता को सही तरीके से अपने बच्चे को बात समझनी होगी।

-अगर आप अपने बच्चे को सबसे पहली जानकारी गुड टच और बैड टच के बारे में दें। जब बच्चा युवा अवस्था में आने लगे तो उसके दोस्तों से लेकर उसके फोन पर भी नजर रखें। लेकिन इसकी लिये सख्ती करनें की जरुरत नहीं आप बच्चे से फ्रेडंली होकर रहे, अगर आप सख्ती दिखायेगें तो बच्चा आपको कुछ भी नहीं बतायेगा।

-आपका बच्चा स्कूल, में या अपने दोस्तों के साथ किस तरह की बातें कर रहा है, यह आप नहीं जान सकती है। अपने व्यस्त समय से कुछ समय अपने बच्चे के दोस्तों से बात करने के लिये निकालें।

-अगर आप की बच्ची टीनएजर है तो उसे सेक्सऐजुकेशन के बारे में खुलकर बात करें।

भारत में गर्भपात संबधी नियम-

भारत में गर्भपात संबधी कई नियम है, गर्भपात गैरकानूनी होता है, लेकिन 1971 से भारत में गर्भापात करवाना 1971 से वैध है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 गर्भपात को वैध बनाने के लिए जिम्मेदार है। हालांकि, कानूनी रूप से, यह केवल 20 सप्ताह तक गर्भाधान किया जा सकता है।

[Back To Top]

गर्भपात करवानें सबंधी नियम इस प्रकार हैं

एबोर्शन करवाना आपकी इच्छा पर निर्भर नहीं है, इसके लिये मेडिकल एक्ट के अनुसार कई तरह की शर्तें रखी गयी हैं।

- अगर गर्भधारण जारी रहता है तो मां के जीवन या उसके शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य के लिए कोई भी खतरा होता है

- यदि भ्रूण में कोई गंभीर असामान्यता है

- यदि गर्भनिरोधक की विफलता के परिणामस्वरूप गर्भावस्था हुई (लेकिन यह केवल विवाहित महिलाओं के लिए लागू है)

- यदि गर्भावस्था यौन उत्पीड़न या बलात्कार का एक परिणाम है।

अन्य कुछ नियम-

यह पूरी तरह से डॉक्टर पर ही निर्भर करता है कि महिला का गर्भपात करवाना सही है या नहीं। क्योंकि कुछ मामलों में महिला अगर शारीरिक रुप से स्वस्थ्य नहीं है तो उसे गर्भपात कराने की इजाजत नहीं है।

साथ ही, यदि गर्भपात पहली तिमाही (गर्भाधान के 12 सप्ताह तक) के भीतर होना है, तो महिला को केवल एक डॉक्टर से हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होती है। हालांकि, अगर वह 12-सप्ताह के बार (12 से 20 सप्ताह तक) से अधिक है, दो डॉक्टरों की मंजूरी आवश्यकता होती है।

यदि आप एक वयस्क हैं, तो आपको अपने परिवार या पति की सहमति की आवश्यकता नहीं है।

अक्सर, विशेष रूप से हमारे जैसे देश में, महिलाओं को कहा जाता है कि वे अपने पति या परिवारों की सहमति लें।

हालांकि, एमटीपी अधिनियम वयस्क महिलाओं को अपने लिए निर्णय लेने का अधिकार देता है। एक डॉक्टर और माँ के अलावा किसी की सहमति नहीं मांग की जा सकती है।

[Back To Top]

निष्कर्ष-

गर्भपात की वजह से एक महिला को शारीरिक और मानसिक कष्ट झेलना पड़ता है, जिसकी वजह से बहुत से महिलायें डिप्रेशन का शिकार हो जाती है। इसलिये सेक्स ऐजुकेशन के साथ-साथ गर्भपात के बारे में भी जानकारी देना उतना ही जरुरी है।

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon