Link copied!
Sign in / Sign up
6
Shares

बच्चों को लेकर कुछ अंधविश्वास जिसपर आपको तुरंत विश्वास करना बंद करना चाहिए


अक्सर भारत अंधविश्वासों की भूमि मानी जाती है और इसके कई कारण जो ठहरे| हम सभी चीज़ों और बातों पर बिना सोचे समझे यकीन करने लगते हैं, फिर चाहे वो गर्भवस्था से लेकर बच्चे का जन्म और उसकी सेहत तक, माँ-बाप सभी की बातों को बिना परखें मान लेते हैं| क्योंकि इन अंधविश्वासों का हमारे बड़ों ने पालन किया, हम भी उन्हें बिना परखें पालन करने लगते हैं| लेकिन जब बात आपके बच्चे की आती है तो कुछ मिथक और अंधविश्वासों पर भरोसा करना बेहद्द हानिकारक हो सकता है|

बुरी नज़र से बचाने के लिए बच्चों को काला टिका लगाना

काजल के इस्तेमाल से अपने बच्चे को काला टिका लगाना एक आम प्रथा है जिसका हर भारतीय घरों में पालन होता है| लेकिन सचाई ये है की यदि ये काम सही तरीके से ना किया गया तो इसका आपके बच्चे की आँखों पर गलत असर पड़ सकता ह| काला टिका बच्चों की अच्छी दृष्टि या उन्हें बुरी नज़र से बचाने के लिए लगाया जाता है लेकिन इसका उनपर उलटा प्रभाव पड़ सकता है|

डॉक्टरों के मुताबिक़ काजल आपके बच्चों में आयी इंफेक्शन का कारन बन सकता है यदि उसे सही तरह से ना लगाया जाए, और तो और ये आपके बच्चे की आँखों की रौशनी पर भी असर कर सकता है| काजल में लीड की मात्रा होने के कारण बच्चों में एनीमिया होने का ख़तरा रहता है|

बुरे सपनों को दूर रखने के लिए बच्चे के तकिये के नीचे छुरी रखना

कई बच्चों को नींद की बीमारी होती है और उन्हें बीच रात में उठने की आदत होती है| लेकिंन बुरे सपनों को दूर रखने के लिए उनके तकिये के नीचे प्याज़ और छुरी रखना खुद में ही एक गलत प्रथा है- अब हमें आपको ये बताने की आवश्यकता नहीं की बच्चे के पास छुरी क्यों ना रखें क्योंकि इसकी समझ आपको हमसे अधिक होगी|

याद रखें की बुरे सपने कुछ समय के लिए रहते हैं लेकिन चोट अधिक समय के लिए रह जाती है। 

शाम के समय घर में झाड़ू ना लगाना क्योंकि इससे लक्ष्मी लौट जाती है। 

भारतीय प्रथा के अनुसार, देवी लक्ष्मी शाम के समय घरों में प्रवेश करती हैं और उस समय झाड़ू लगाना देवी के लिए अनुचित हो सकता है| ये बात इसलिए भी बोली जाती है क्योंकि शाम के लिए अंधकार के कारण हमारी आँखों से कई चीज़ें बच निकलती हैं, और ऐसे में झाड़ू देना मतलब काम की चीज़ को गलती से फेंक देना| खैर ये प्रथा पुराने ज़माने में सही थी लेकिन आज के समय में इसका पालन करना ज़रूरी नहीं, क्योंकि अब हमारे घरों में बिजली रहती है|

गंदे घरों को शाम के समाय साफ़ नहीं करने से ये आपके बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है| बच्चे उस अस्वच्छ घर में खेलेंगे और साथ ही बीमारी को न्योता देंगे, घर की ऐसी हालत मच्छरों और अन्य कीड़ों मकोड़ों का घर बन जाती है| ऐसी हालत घरों में बीमारी पैदा कर सकती है और आपके बच्चे पर इसका गलत प्रभाव पड़ सकता है| इसलिए पुराने ख़यालात को हम पिछले ज़माने में ही छोड़ दें तो सही होगा|

रात के समय नाखून नहीं काटना

ये एक ऐसी प्रथा है जिसे बड़े लोग खुद के लिए भी मानते हैं| इसका भी वही कारण है- शाम के समय अंधकार के कारण कम दिखना! पहले के ज़माने में नेल कटर अभी की तरह नहीं हुआ करते थे और रात के समय नाख़ून काटने से आपको चोट पहुँचा सकते थे|

सही समय पर बच्चों के नाख़ून काटना बहुत ज़रूरी होता है| जब भी आपको वो बढ़ते हुए दिखें- चाहे वो दिन हो या रात- ध्यान रखें की आप उन्हें जल्द से जल्द छोटे करें| यदि आपने ऐसा नहीं किया तो बढ़ते नाख़ून के कारण आपका बच्चा खुद को चोट पहुंचा सकता है|

बच्चा जब खाना शुरू करे तो उसे केवल दाल का पानी पिलाएं

हर दादी-नानी बच्चे का पहला खाना दाल के पानी को मानती हैं| लेकिन आपको ये समझना होगा की ये केवल पानी का दूसरा रूप है जिसमें बहुत कम पोषण तत्व होते हैं| हालांकि ये आपके बच्चे के पेट को काफ़ी जल्द भर देगा लेकिन उतनी ही जल्द उसके शरीर से पोषण तत्व निकल भी जाएंगे| दाल के पानी से बेहतर है की आप अपने बच्चे कप मसल कर दाल पिलाएं, इससे उसे ताकत मिलेगी। 

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon