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बच्चों को दवाई से दूर रख कर उनकी बीमारियां ठीक करें- देखें इस वीडियो को


हम अपने बच्चों को हर छोटी-छोटी बीमारी में बिना सोचे समझे दवा देने की ताक में रहते हैं, चाहे उसे हलकी खांसी, सर्दी या बुखार ही क्यों ना हो| ये तीनों बीमारियां बच्चों में आम होती हैं और हर दो महीने में बच्चे इस बीमारी से झूंझते हैं तो इसमें परेशान होने वाली कोई बात नहीं है|

 

क्या आप उन माता-पिता में से हैं जो अपने बच्चे को हलकी बुखार और खांसी होने पर दवा देते हैं? क्या आप उनमें से हैं जो अपने बच्चे को बीमार होने पर इंजेक्शन लगवाते हैं? अगर ऐसा है तो फ़ौरन रुकें! दूसरे माता-पिता क्या कर रहे हैं ये ना देखें बल्कि अपने दिमाग़ का इस्तेमाल करें|

हमें ये सोचना चाहिए की अपने बच्चों को हर बीमारियों के लिए दवा देने से हम उनका इम्यून सिस्टम मज़बूत कर रहे हैं या फ़िर उन्हें आम बिमारियों से इस तरह बचा कर भविष्य के लिए उन्हें बीमारियों से लड़ने के लिए और कमज़ोर बना रहे हैं| सारी बीमारियां उतना हानिकारक नहीं होतीं बल्कि कुछ तो बीमारी के रूप में आपके बच्चे के लिए वरदान होती हैं|

आइये हम बताते हैं की सर्दी-खांसी क्या होती है?

सर्दी-खांसी ऐसी बीमारियां हैं जिसमें बच्चों की नाक बंद हो जाती है और बुरी तरह से उन्हें खांसी और सरदी से गुज़रना पड़ता है| बच्चों को ठंडा मौसन में आने वाले बदलावों, बैक्टीरिया इन्फेक्शन, वायरल इन्फेक्शन या अन्य बीमारियों के कारण होता है|

अधिकतर बच्चे हर महीने सर्दी, ज़ुखाम और बुखार से पीड़ित रहे हैं| इन बीमारियों का कारण होता है बदलता मौसम और तरह-तरह के इन्फेक्शन, खासकर बच्चे जब स्कूल जाना शुरू करते हैं तो उन्हें उन बीमारियों से अधिक खतरा रहता है क्योंकि वह उनका सामना कई तरह के बच्चों से होता है और जीन बच्चों का इम्यून सिस्टम कमज़ोर रहता है वो इन बीमारियों से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं|

आइये हम आपको बताएं आखिर क्या होता है इम्यून सिस्टम

हम इम्यून सिस्टम को काम करते नहीं देख सकते लेकिन हमें उसका काम तब समझ आता है जब वो काम करना बंद कर देता है या उसके काम में रुकावट आ जाती है| हमारे शरीर में जब कोई बैक्टीरिया या वायरस प्रवेश करता है तो हमारा शरीर सही ढंग से काम करना बंद कर देता है| रोज़ मर्रा जीवन में हम कई कीटाणुओं के संपर्क में आते हैं और इस समय हमारा इम्यून सिस्टम हमारी सुरक्षा हवा में मौजूद कीटाणुओं से करता है|

हमारा इम्यून सिस्टम जानता है हमारे शरीर के लिए कोनसा कीटाणु सही है और कोनसा हानिकारक है, और ये तभी होगा जब हम हमारे इम्यून सिस्टम को बीमारियों को पहचानने का मौका दें|

इम्यून सिस्टम हमारे शरीर में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को मारता है लेकिन बहुत कम बार वो कीटाणुओं द्वारा होने वाली बीमारी को पहचानने में चूक जाता है और यही कारण होता है की हमें सर्दी, खांसी या गंभीर बीमारियां जैसे चिकेनपॉक्स, निमोनिआ और MMR से पीड़ित होना पड़ता है| जैसे ही हमारे शरीर पर किसी कीटाणु से हमला होता है हमारा इम्यून सिस्टम सतर्क हो जाता है और वो उन कीटाणुओं को मारना शुरू करदेता है|

आपकी सहायता के लिए नीचे हमनें एक वीडियो दिया है जिससे आपको इम्यून सिस्टमन का काम सही से समझ आएगा:

आइये हम आपको बताएं की अपने बच्चे के इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाना कब सही रहेगा:

- 2 महीने के बच्चे को होने वाली किसी भी तरह की बुखार

- 2 महीने से अधिक उम्र के बच्चे को 102 या उससे अधिक बुखार होना

- तेज़ी से सांस लेना और हर सांस के साथ उनके सीने का फूलना

- यदि आपके बच्चे के होंठ नीले पड़ जाएँ

- यदि आपका बच्चा खाने या पीने से दूर भागता हो

- बच्चे के कान में दर्द होना

- चिड़चिड़ापन या अधिक नींद आना

- यदि बच्चे को 3 हफ़्तों से अधिक खांसी रहे

यदि आप अपने बच्चे को कोई दवाई खिला रही हैं तो डॉक्टर के द्वारा दी गयी सलाह के मुताबिक दें और कोई भी सिरप किचन में इस्तेमाल किये जाने वाले चम्मच से ना दें क्योंकि उनका साइज अलग-अलग तरह का होता है|

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