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बच्चों को बीमारियों से दूर रखने के लिए ज़रूरी टिप्स और घरेलु नुस्खे

शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। उनकी किसी भी वस्तु को हाथ से छूने की प्रवृति और मुँह में खाने की आदत उन्हें कीटाणु और रोगाणुओं के संपर्क में ले आती है। इस कारण शिशु संक्रमित बन बीमार हो जाते हैं। इसीलिए अपने बच्चों को हर समय साफ रखना बहुत आवश्यक है।

शिशुओं को रोगमुक्त रखने के लिए उनकी सही तरीके से नहलाना चाहिए और उनकी सफाई पर ध्यान देना चाहिए। हम आपको शिशु को साफ और निरोगी रखने के 5 सरल तरीके बतायेंगे। इन्हें पढ़ें:

1. बच्चों के शरीर का सफ़ेद कवच (vernix) को थोड़ी देर रहने दें

जब बच्चा पैदा होता हैं तब उसकी त्वचा के साथ कुछ सफेद चिकना पदार्थ लगा होता हैं जिसे वार्निक्स कहा जाता हैं । यह बच्चे की त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है। वारनिक्स प्राकृतिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है और जन्म के दो घंटे तक उसकी संवेदनशील त्वचा को बाहरी रोगाणुओं से बचाए रखता है। इसे ध्यान में रखते हुए, कम से कम 6 घंटे तक अपने बच्चे को नहलाने से परहेज़ करें ।

2. बच्चो को बार-बार नहलाना

शिशुओं में त्वचा की परत बहुत पतली होती हैं, इसलिए ज्यादातर समय उन्हें कंबल में लपेटकर रखा जाता है। यह बहुत आवश्यक हैं कि आप अपने बच्चे को रात के समय ही नहलाने की कोशिश करे, लेकिन बच्चे को हर दूसरे रात नहलाने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। उनको साफ-सुथरा रखने के लिए सप्ताह में एक या दो बार नहलाना उनके लिए पर्याप्त होता है। लेकिन ध्यान रखें कि, जब बच्चे ने नैपकिन मे शौच कर दिया हो तो निश्चित रूप से उनकी अच्छी तरह सफाई कर देनी चाहिए ।

3. बहुत अधिक सफाई / शिशु उत्पादों का उपयोग करना

नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों की त्वचा संवेदनशील और कोमल होती है। उनके लिए अत्यधिक नहाने के उत्पादों, सफाई उत्पादों, मालिश उत्पादों आदि के लिए खरीदारी करने से बचें। बच्चों के लिए कुछ ही उत्पादों का उपयोग करना चाहिए ,क्योंकि बहुत सारे शिशु उत्पादों का उपयोग आपके बच्चे की त्वचा को बहुत ज्यादा भारी नुक्सान पहुँचा सकते है और इससे उन्हें एलर्जी भी हो सकती है ।

ध्यान दें :

आपके बच्चे के लिए एक नमी प्रदायक क्रीम और एक साफ़ करने वाला क्रीम (इत्र, डाई और पैराबेन से मुक्त) की भी आवश्यकता होती है।

4. बहुत गरम पानी के साथ नहलाना

जैसे कि छोटे बच्चो की त्वचा बेहद ही संवेदनशील होती है । बहुत गर्म या ठंडे पानी के साथ नहलाना उनकी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है और उनकी त्वचा में लाल रंग के चकते पड़ सकते हैं । सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे के नहाने का पानी का तापमान सही हो और अपने वॉटर हीटर के तापमान को कम पर नियमित रखें ।

5. शिशु की गर्भनाल के साथ कोई छेड़छाड़ न करें।

बच्चों की गर्भनाल प्राकृतिक रूप से सूख कर टूटने के बाद ही उसे निकालें।

6. शिशु के खानपान से जुड़ी बातें:

i) शिशु को साफ़ हाथों से खाना खिलाएं। इसके साथ ही शिशु के हाथ खाने के पहले और बाद में धोने का ख्याल रखें। कई बीमारियां संक्रमित या कीटाणु से प्रभावित हाथों के कारण होती हैं इसलिए इनकी सफाई आपके हाथ में है।

ii) बच्चों को खुले में खाना न दें और खिलाएं।

7. कुछ अन्य बातें:

i) बच्चों को पर्याप्त नींद लेने दें। इससे इनको आराम मिलेगी और उनका शरीर के नए सेल्स और कोशिकाओं का निर्माण होगा।

ii) बच्चों को अधिक टीवी देने की छूट न दें। उनको रौशनी में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।

तो आप शिशु का प्रति इन कुछ एहतियातों पर गौर करें और इनका पालन करें।

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