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बच्चों के पेट दर्द के लिए 7 प्राकृतिक उपचार

बच्चों में पेट दर्द एक असामान्य बात नहीं है। यह आम तौर पर विभिन्न कारकों के कारण होता है जैसे अपचनीय या खराब भोजन, तनाव, आहार संबंधी मुद्दों आदी I ज्यादातर, इन्हें घरेलू उपचार के द्वारा ठीक किया जा सकता है, क्योंकि हर बार चिकित्सक के पास जाना जरुरी नहीं होता है।

1. पानी

अच्छे कारणों से आठ गिलास पानी पीने का एक उपाय सदियों से चलता आया है I पर्याप्त पानी पीने से शरीर को हाइड्रेट किया जाता है और आसानी से आंत्र आंदोलनों में मदद मिलती है, जो आमतौर पर अधिकांश छोटे बच्चों की समस्या है। अपने बच्चों को सोडा और अन्य वातित पेय से जितना संभव हो दूर रखना चाहिये ।

2. बाहरी गतिविधियाँ

आपका बच्चा पेट में दर्द के बारे में शिकायत करता है, तो उन्हें बिस्तर से बाहर निकलने और व्यायाम करने के लिए कहे I इसे नियंत्रित रखें, जैसे चलना या हल्के दौड़ वाला व्यायाम करने के लिए कहे । यह भोजन और पाचन के संचार में मदद करता है, कब्ज से बचने में मदद करता है। पेट दर्द में बच्चो को पेट पर केंद्रित जैसी गतिविधियों से बचाए जैसे लटकना या घुमना आदि ।

3. दही

किसी भी प्रकार के पेट के ऐंठन के लिए, दही दवा का काम करता है। यह पेट को शांत रखने और दस्त से लड़ने में मदद करता है। आंतों में अच्छे जीवाणुओं को शामिल करता है जो पाचन में मदद करते हैं और तार दस्त उत्प्रेरक को बाहर निकालते हैं। दही इस जीवाणु को पुनः प्राप्त करने में और पाचन को विनियमित करने में मदद करता है।

4. तेज मसाले

पेट के तनाव के मामलों में, मसाला या चटनी वाले भोजन से बचें और नरम खाद्य पदार्थ जैसे ओटमील, पास्ता आदि खाये क्योंकि इससे कम जलन होता है। मसालेदार भोजन से नरम खाद्य पदार्थ वाले भोजन आसानी से पच जाते है । अधिक नरम भोजन उल्टी को कम करने और पाचन में सुधार करने में भी मदद करता है ।

5. गर्म पानी की बोतल

गर्म पानी की बोतल ले और इसे एक कपड़े में लपेटें । इसे पेट के उस क्षेत्र में रख दीजिए जहाँ आपके बच्चे को बेहद्द दर्द हो रहा है। जब आप गर्म पानी की बोतल शरीर के दर्द वाले क्षेत्र में रखते है तो शरीर के उस क्षेत्र की त्वचा में गर्मी की मात्रा और रक्त प्रवाह भी बढ़ जाती है, यही कारण है कि उस क्षेत्र की त्वचा लाल हो जाती है । इससे शरीर के अंदर रक्त प्रवाह बढ़ने से बच्चे के पेट दर्द का तेजी से इलाज होता है।

6. अदरक

अदरक लगभग हर भारतीय परिवार के रसोईघर में पाया जाता है, इसलिए यह प्राप्त करना कठिन नहीं होना चाहिए। अदरक में जिंजरोल गुण होता है, जो बेहद उपयोगी ऑक्सीकरण रोधी है। यह बेचैनी और उबकाई में काफी मदद करता है। अदरक को हम अदरक रस, अदरक की चाय या जैसे भी अच्छा लगे बनाकर ले सकते हैं। अदरक में प्रज्वलनरोधी गुण होते हैं जो पेट के एसिड को बेअसर करते हैं और पाचन रस को स्रावित करने में मदद करते हैं।

7. बबूने के फूल वाली चाय

बबूने के फूल वाली चाय में प्रज्वलनरोधी गुण होते हैं जो पेट की मरोड़ वाली पीड़ा में मदद करते हैं। यह पेट की ऊपरी पाचन तंत्र के मांसपेशियों को शांत करता है जिससे पेट की ऐंठन और परेशानी से राहत मिलता है।

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