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बच्चे को है बेड वेटिंग की आदत.... इन नुस्खों से दिलाएं छुटकारा


जब एक महिला मां बनती तो उसे कई बातों के लिए तैयार होना पड़ता है. जैसे कि रात को जागना। क्योंकि बच्चे को कब भूख लग रही है कब उसका डायपर बदलना है। उसके लिए रातों को बीच बीच में जागना पड़ता है. बात की जाये बच्चे के बिस्तर पर पेशाब करने की तो वो चार से पांच साल की उम्र तक बिस्तर पर पेशाब करता है. फिर धीरे धीरे बढ़ती उम्र के साथ उसकी यह आदत काम होती चली जाती है.

लेकिन इसी बीच कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो बड़े होने पर भी इस आदत को छोड़ नहीं पाते। अक्सर कुछ बच्चे ऐसे भी देखे गए हैं जिन्हे १५ साल की उम्र में भी बिस्तर गीला करने की समस्या होती है. इस समस्या का अगर सही समय पर इलाज न किया जाये तो यह आगे चलकर मुसीबत बन सकता है. अगर आपके बच्चे को भी ऐसी ही कोई समस्या है तो आप इसे गंभीरता से लेना शुरू कर दें.

एक स्टडी में पाया गया है कि सबसे ज़्यादा बिस्तर गीला करने की समस्या लड़कों को होती है. खासतौर पर गहरी नींद में सोने पर. यह एक ऐसी समस्या है जिसका असर न सिर्फ शरीर पर बल्कि बच्चे के मानसिक स्तर पर भी पड़ता है. अनजाने में बिस्तर पर पेशाब निकलने से बच्चे का आत्मविश्वास डगमगाने लगता है. ऐसे में एक माता पिता होने के नाते आपका फर्ज़ बनता है कि आप बच्चे का हौंसला बंधाए रखें। तो आज हम यह आर्टिकल उन सभी मम्मी पापा के लिए लेकर आए हैं जिनके बच्चो के

अनजाने में सोते समय बिस्तर गीला करने की आदत है. हम आपको बताएंगे कि कैसे आप आसानी से बच्चे की इस परेशानी को दूर कर सकते हैं...

1. शहद का प्रयोग

शहद ऐसी चीज़ है जैसे हर बच्चा शौक से खता है. शहद का इस्तेमाल काफी फायेदमंद होता है. आप इसका इस्तेमाल बच्चे के बिस्तर गीला करने की समस्या में भी कर सकती हैं. इसके लिए आप रात को सोते समय एक चम्मच शहद अपने बच्चे को खिलाएं या फिर सुबह के समय में आप एक ग्लास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद डालकर पीने के लिए दें.

2. ब्लैडर (मुत्राशय) ट्रेनिंग

आप अपने बच्चे को ब्लैडर (मूत्राशय) का प्रशिक्षण दें.इसके लिए बच्चों को दिन के समय में अधिक तरल पदार्थ दें और कुछ दिन तक पेशाब करने के बीच के समय अंतराल को बढ़ाना चाहिए. ऐसा करने से भी रात को बिस्तर गीला करने की समस्या दूर होगी.

3. नींद से उठाकर पैशाब कराना

आप एक काम और कर सकती हैं और वो यह कि आप अपने बच्चे को रात को नींद से उठाकार पैशाब कराएँ. इससे उसका ब्लैडर खाली रहेगा और वो बिस्तर गीला नहीं करेगा.

4. सरसो का इसतेमाल

आप अपने बच्चे के लिए सरसो के बीज का भी इस्तेमाmल कर सकती हैं. इसके लिए आप सरसो के बीज का पाउडर बनाकर गुनगुने दूध में एक चममच पाउडर डालकर सोने से एक घंटा पहले पीने के लिए दें. कुछ दिन ऐसा करने से आपको खुद ब खुद फर्क नज़र आएगा।

5. आंवला

आयुर्वेद में आंवला अनेक रोगों के लिए रामबाण माना जाता है. आप इसका इस्तेमाल बच्चे को हो रही इस समस्य से निजात दिलाने के लिए भी कर सकती हैं. इसके लिए आप आंवले के गूदे में काली मिर्च पावडर डालकर थोड़ा थोड़ा खिलाएं लेकिन ध्यान दें कि काली मिर्च उतनी ही मिलाएं जितनी आपका बच्चा खा सके. इसके अलावा आप आंवले के गूदे में ज़रा सी हल्दी और शहद डालकर अपने बच्चे को खिला सकती हैं.


 

 

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