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बच्चे की मालिश करने का सही तरीका

माता पिता बनने के साथ साथ आतीं है ज़िम्मेदारियाँ - बच्चे के पालन पोषण से लेकर उसके विकास और वृद्धि में प्रमुख रोल अदा करने की | बच्चे के बढ़ते दिनों के ये हसीन लम्हें माता पिता के लिए यादगार होते हैं और जीवन काल के लिए वह इन्हें संजोते हैं | माँ बाप के लिए बच्चों का पालन पोषण केवल उन्हें खिलाने तक सीमित नहीं होता है बल्कि

उनसे जुडी बहुत सी गतिविधियों को ठीक से निभाने में भी होता है |

बच्चों को ठीक तरह से मालिश करना ऐसे ही एहम कार्यों में से एक है | सही क्रम से मालिश करना अपने आप में एक कला है | मालिश करने तरीका और इससे जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को अपनाने से बच्चों के बढ़ते विकास और सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है | इस बात को दुनिया भर में स्वीकार किया गया है |

एक नयी माँ के लिए अपने बच्चे से जुड़े हज़ारों सवाल मन में घर कर जाते है , मालिश करने के सही तकनीकों को लेकर ऐसे सवाल पैदा होना सहज है | मालिश के लिए कौन से तेल का इस्तेमाल सही होगा , सही तकनीक कौन सी है, कितनी अवधि के लिए मालिश करनी चाहिए, क्या करें और क्या नहीं करें - ऐसे हज़ारों सवाल हर नयी माँ के मन में जवाब खोजते रहते हैं | ये सहज बात भी है | एक बात हमेशा याद रखें कि बच्चों को मालिश करना उनके बढ़ते क्रम में सहायक होने के लिया किया जाता है | इस एहम कार्य को मनोरंजक गतिविधियों से ना जोड़कर ‘इससे जुडी नाज़ुकता को पहचाने |

नवजात शिशुों से लेकर क्रॉलिंग का रहे बच्चों के लिए भी मालिश अत्यावश्यक है |तकनीक और अवधि, उम्र के हिसाब से अलग होते है | एक नवजात शिशु दिन के अधिकांश भाग में सोता रहता है, इसीलिए स्नान से पहले हल्की मालिश उसके लिए काफ़ी होता है | नवजात शिशु बहुत ही नाज़ुक होते है , इसीलिए हल्के खुशबूदार और कोमल तेलों का ही इस्तेमाल करें | मार्केट में ऐसे तेल खरीदने के लिए हज़ारों ब्रैंड्स आपके हाथ लग जायेंगे, सही चुनाव करना आवश्यक है या घर पर तैयार किया तेल आज़माये | किसी मोटे से तौलिये पर बच्चे को लेटाकर मालिश करें | दोनों पैरों को फैला कर बच्चे को कोमलता से लिपटाकर मालिश करें | यू ट्यूब पर बच्चों मालिश से जुड़े हज़ारों वीडियो उपलब्ध है , जिनसे आप आसानी से सीख सकते है |

एक नवजात शिशु के लिए बहुत ही नाज़ुक गतियाँ, जैसे हाथों और पैरों पर हल्के से मालिश और उँगलियों को कोमलता से बाहर खींचना काफ़ी होती है | बच्चे आपके गोद से बाहर कदम रखने तक इसी गति से मालिश जारी रखें | इसके साथ नरम गति से उनके छाती और पीट पर रगड़ना ना भूलें |

बच्चे बड़े होते ही आप उन्हें मालिश करने के लिए अलग तरीकों को अपना सकते हैं | मालिश करते समय बच्चे को प्यार से छाती पर लगाना , उनसे हँसकर बातचीत करना, उन्हें आलिंगन करना, आदि से अपनी ममता और प्रेम जताना ना भूलें, इससे आपके बच्चे बेहद खुश नज़र आयेंगे | अब पैरों के मालिश से शुरू करके इस प्रक्रिया को पूरे विश्लेषण के साथ जानने की कोशिश करते है :-

१. पैरों के मालिश

हाथ में थोडी सा तेल लें और बच्चे के जांघ से शुरू करते हुए उनके पैरों तक पहुँचे , इसके लिए दूध दुहने की गति को अपनाए |

२. तलवों के मालिश

अपने अंगूठे से इस जगह पर गोलाकार गति से मालिश करें |

३. पैर के उंगलियों के मालिश

बच्चे के पैर के हर उंगली को हल्के से बाहर की तरफ़ खींचे , इस गति को तब तक जारी रखें जब तक उंगलियाँ आपके हाथ से फिसल ना जाए |

४. हाथों के मालिश

पैरों के जैसे ही हाथों की भी मालिश करें | बाँहों से शुरू करते हुए नीचे की तरफ धीमी गति से बढे |

५. कलाईयों के मालिश

कलाईयों को गोलाकार गति में घुमाते हुए मालिश करें |

६. हाथों के उंगलियों के मालिश

धीमे गति से हर उंगली को हल्के से बाहर की तरफ़ खींचे , इस गति को तब तक जारी रखें जब तक उंगलियाँ आपके हाथ से फिसल ना जाए |

७. छाती पर मालिश

अपनी दोनों हथेलियों से छाती पर बाहर की तरफ़ मालिश करें |

८. पेट की मालिश

अपने हथेलियों से पेट को कोमलता से मालिश करें |

९. पीठ की मालिश

बच्चे को उसके पेट पर आराम से सुलायें | रीढ़ की हड्डी के पास बाहर की तरफ़ हथेलियों से मालिश करें | इसके साथ पीठ पर ऊपर और नीचे की तरफ भी अच्छे से मालिश करना ना भूलें |

१०. नितंबों के मालिश

नितंबों पर कोमलता से दबाव डालते हुए तेल को आराम से फैलाते हुए मालिश करें |

११. चेहरे की मालिश

बहुत ही कोमलता के साथ तेल को गालों पर, ठोड़ी पर, नाक पर और माथे पर फैला कर मालिश करें | आपको सावधान रहना पड़ेगा कि तेल कहीं आपके बच्चों के आँखों में , नथनों में या मुँह में चला ना जाए | साथ ही तेल को कानों में घुसने से बचाए |

१२. सर पर मालिश

अपनी उंगलियों को अच्छी तरह इस्तेमाल करके अपने बच्चे को धीमे गति से और कोमलता के साथ मालिश करें |

हमें एक बात पर अवश्य ध्यान देना चाहिए कि मालिश करने से हम अपने बच्चे को बलवान बनाने की कोशिश कर रहें है | इसके साथ उसकी हड्डियों को मज़बूत बनाने में और एक सुखदायक और आरामदायक अनुभव भी उसे दे रहें है | खाने के पहले या बाद में बच्चे को मालिश ना करें , जब बच्चा निद्रालु महसूस करता हो, तब भी मालिश ना करें , ये सारी बातें अवश्य ध्यान में रखें |

अंत में हम यही कहना चाहेंगे की इस पूरे अनुभव को आप और आपके बच्चे पूरी तरह से आनंद लेने की कोशिश करें |

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