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अभी-अभी बनीं है माँ, तो शिशु की इन अनकही बातों का रखें ख्याल

माँ बनना किसी भी महिला के लिए एक बहुत ही खुशकिस्मती की बात होती है और हर महिला के लिए यह एहसास अनमोल होता है। तो अगर आप भी नौ महीने के इंतज़ार के बाद, हाल ही में अपने घर में नन्हें मेहमान का स्वागत की हैं तो आपको यह ज़रूर पता होगा की आपके दिल के टुकड़े को बहुत देखभाल की ज़रूरत होती है, जिससे उन्हें कोई नुकसान ना हो। आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम हर नई माँ को कुछ ज़रूरी बातें बताने जा रहे हैं जिससे कि वो अपने शिशु का अच्छे तरीके से ध्यान रख सके ताकि शिशु का अच्छे और पूर्ण तरीके से विकास हो सके।

1. साफ़-सफाई है ज़रूरी

जब आपका शिशु इस दुनिया में आता है तब वो बहुत कोमल होता है और उनकी इम्यून पावर भी कम होती है जिससे की उन्हें इन्फेक्शन का खतरा ज़्यादा होता है। इसलिए हमेशा अपने शिशु को छूने से पहले हाथ को अच्छे से धो लें या सैनिटाइज़र लगा के साफ़ कर लें। इसके साथ ही साथ घर को साफ़ रखें और शिशु के खिलोनो को भी साफ़ रखें, कोई बाहर से आए तो शिशु को छूने से पहले उन्हें हाथ धोने को ज़रूर कहें। जान लें स्वच्छता आपके शिशु के लिए बहुत ज़रूरी है।

2. शिशु को सावधानी से संभालें

हमेशा याद रखें की आपका नवजात बहुत ही कोमल और नाज़ुक होता है, इसलिए जब भी आप अपने शिशु को गोद में लें तो उसके गर्दन और सर को अपने हाथों से ज़रूर सहारा दें। उन्हें बहुत ही सावधानीपूर्वक उठाएं और हमेशा गोद में लेते वक़्त उसके हाथ-पैर का ध्यान रखें और संभाल के उठाये।

3. शिशु के डायपर के बारे में रखें पूरी जानकारी

शिशु के लिए सही और स्वच्छ डायपर का चुनाव करना बहुत ज़रूरी है। आप शिशु के लिए कपड़े का नैप्पी बनाकर उपयोग कर रहे हो या बाज़ार में बिकने वाले डिस्पोज़ेबल डायपर उपयोग कर रहे हो, हमेशा ज़्यादा करके डायपर का स्टॉक रखें खासकर के ठंड के मौसम में क्यूंकि इस मौसम में शिशु ज़्यादा डायपर गीली करते हैं। इसके अलावा हर कुछ घंटो में डायपर चेक ज़रूर करें, साथ ही साथ शिशु की त्वचा को वाइप्स से अच्छे से साफ़ करके डॉक्टर द्वारा दी गई क्रीम या पाउडर ज़रूर लगाए ताकि शिशु को रैशेज़ ना हो।

4. शिशु के नाभि (अम्बिलिकल स्टंप) का रखें ख्याल

जन्म के बाद नवजात शिशु के नाभि के घाव को (अम्बिलिकल स्टंप) ठीक होने में वक़्त लगता है तो ऐसे में शिशु को हल्का-हल्का स्पोंज स्नान ही करवाए। हो सकता है शिशु अम्बिलिकल स्टंप पीला से काला पड़ जाए तो इसमें घबराने की बात नहीं क्यूंकि यह बहुत ही आम बात है। लेकिन अगर शिशु के नाभि के घाव को सूखने में वक़्त लग रहा है तो एक बार डॉक्टर से परामर्श ज़रूर करें।

5. सही तरीके से दूध पिलाना और डकार करवाना है ज़रूरी

नवजात शिशु के भूख का अंदाजा और सही वक़्त लगाना शुरू-शुरू में थोड़ा मुश्किल होता है इसलिए शिशु के भूखे होने के लक्षणों को पहचाने। हो सकता है आपका शिशु भूख लगने पर खूब रोता-चिल्लाता हो, या अपनी ऊँगली मुँह में लेता हो इसलिए शिशु के इन हरकतों पर ज़रूर नज़र रखें क्यूंकि नवजात शिशु हमारी या आपकी तरह बोलकर अपनी मुश्किल या अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर सकते। दूध पिलाने के बाद शिशु को हल्के हाथों से पीठ थपथपाकर डकार ज़रूर करवाएं ताकि शिशु के पेट में गैस ना हो या उसे कोई तकलीफ जैसे - पेट दर्द इत्यादि ना हो।

6. सही मात्रा में नींद है ज़रूरी

हो सकता है आपको या आपके किसी रिश्तेदार को आपके शिशु के साथ खेलने में उसे खेलाने में मन लग रहा हो लेकिन इस वजह से आप अपने शिशु के नींद के साथ समझौता ना करें। शिशु के सोने का एक नियमित और निर्धारित वक़्त तय कर लें, उस वक़्त जो हो जाए आप अपने शिशु को ज़रूर सुलाएं। कोशिश करें की आपके शिशु को प्रयाप्त नींद मिल रही हो, क्यूंकि अच्छे से सोने से ही आपके शिशु का सही विकास होगा, आपके शिशु के नींद पर ही उनका विकास निर्भर करता है। शिशु को प्रयाप्त नींद हो इसके लिए शिशु के कमरे में ज़्यादा लाइट ना जलाएं लेकिन ज़्यादा अँधेरा भी ना करें की आपके शिशु को अचानक नींद से जागने के बाद डर लगे या बेचैनी हो, इसके साथ ही साथ सोते वक़्त शिशु को लोरी भी ज़रूर सुनाएं ताकि उन्हें तुरंत नींद आजाए। शिशु को कमरे में अकेला ना छोड़ें, उनपर हमेशा ध्यान रखें ताकि जब वो अचानक उठे तो आप उनके पास रहें।

यह थी कुछ छोटी-छोटी परन्तु महत्वपूर्ण बातें जो हर नई माँ के लिए जानना ज़रूरी है क्यूंकि एक नवजात शिशु हमारी या आपकी तरह अपनी बातों को बोलकर व्यक्त नहीं कर सकता।वहीं एक नई माँ के लिए भी शुरू-शुरू कुछ बातों को समझना मुश्किल होता है, ऐसे में इन बातों को जानकर आपकी मुश्किल काफी हद तक सुलझ सकती है। माँ बनने की जो ख़ुशी होती है वो हर दर्द को गायब कर देती है और रह जाता है तो बस एक अनमोल एहसास जिसको शब्दों में बयां कर पाना किसी भी माँ के लिए मुश्किल होता है इसलिए इस एहसास को महसूस करें और अपने शिशु को ना सिर्फ प्यार दें बल्कि उनके अनकहे बातों को समझें और उनकी खिलखिलाहट में खो जाएं। 

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