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अवनि ने छुआ आसमान - बनी हर महिला के लिए मिसाल


आज इस बदलते दौर के साथ महिलाएं भी हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है। एक वक़्त था जब लड़कियों को चार दीवारी में रखा जाता था लेकिन बदलते वक़्त के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया की अगर लड़कियों को मौका दिया जाए तो वो सबसे आगे रहेंगी। शिक्षा हो या खेलकूद आज ऐसी कोई जगह नहीं जहां लड़कियां आगे ना हो और आज आज महिलाएं आसमान तक छू आयी। हां, यह सच है, इंडियन एयरफोर्स की फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी ने फाइटर प्लेन मिग-21 ‘बाइसन’ उड़ाकर पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। उन्होंने गुजरात के जामनगर एयरबेस से उड़ान भरी और पहली बार में इसे पूरा करके एक नया इतिहास रचा।

2016 के पहले भारतीय वासुसेना में महिलाओं को फाइटर प्लेन चलाने की इजाज़त नहीं थी लेकिन इस बात की इजाज़त मिलने के दो साल बाद ही अवनि ने पहली महिला फाइटर प्लेन पायलट बनने का ताज अपने नाम कर लिया। अवनि के साथ साल 2016 में भावना कांत और मोहना सिंह को भी चुना गया था और एक साल तक तीनों को फाइटर पायलट की ट्रेनिंग भी दी गई थी। सिर्फ अवनि ही नहीं बल्कि उनके साथ भावना कांत और मोहना सिंह ने भी भारत का सर गर्व से ऊंचा कर दिया।

 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया में अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल और पाकिस्तान में ही सिर्फ महिलाएं फाइटर पायलट बन सकती हैं।लेकिन साल 2015 में केंद्र सरकार ने महिलाओं को फाइटर पायलट में शामिल करने का फैसला किया । 

और इस फैसले के बाद अवनि ने फाइटर प्लेन मिग-21 ‘बाइसन’ उड़ाकर भारत देश का सर गर्व से ऊंचा कर दिया, क्योंकि दुनिया में सबसे ज्यादा लैंडिंग और टेक ऑफ स्पीड इसी फाइटर एयरक्राफ्ट की है। लेकिन अवनि ने दिखा दिया की महिलाएं आसमान तक छु सकती हैं और वक़्त आने पर वो हर क्षेत्र में अपनी जीत का झंडा लहरा सकती है। 

 

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