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अपने पति से होने वाले झगड़ों से कैसे बचें


लड़ाई होना प्रत्येक रिश्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चाहे वह दोस्ती का रिश्ता हो, माता-पिता का अपने बच्चों के साथ, बायफ्रेंड- गर्लफ्रेंड का या विवाह का और हमें इससे निपटना होता है। यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसपर शर्मिंदा हुआ जाए। ये सिर्फ यह साबित करता है की हम सभी भिन्न है। कोई भी व्यक्ति एक जैसे नहीं होते हैं और हम सभी सीख रहे हैं की कैसे समझौते और सामंजस्य के साथ एक-दूसरे के साथ जिया जाए।

यह जानकारी आपके झगड़ों को कम दुखदाई नहीं बनाएगी। हम सभी चाहते हैं की हम ऐसी लड़ाइयों से बच सकें या उनसे इस प्रकार निपट सकें की हमें पूरा दिन एक-दूसरे से बात किए बिना या चुप रहना पड़े। पति-पत्नी की लड़ाई किसी भी रिश्ते में अधिक होती है। यह इसलिए होता है क्योंकि आप साथ में रहते हैं और जिंदगी साझा करते है, जिसका मतलब है की आप दोनों की अपनी जरूरतें है। पति-पत्नी होने के नाते यह और भी आवश्यक हो जाता है की आप एक स्वस्थ रिश्ता बनाए रखने के लिए असरदार रूप से इससे निपटें। तो आप कैसे अपने पति से होने वाले झगड़ों से बच सकती है?

समझ – हो सकता है आपको लगे की जो कुछ ऊपर बताया गया है वह आप पहले से ही जानती है। हम में से प्रत्येक की अपनी आवश्यकताएं होती है और इसलिए यह सामान्य है। अगली बार जब भी आप अपने आप को अपने पति के साथ लड़ते हुए पाएँ तो यह बात ध्यान रखें। यह बात याद रखें की उनकी अपनी जरूरतें भी हैं। चाहे वह अपने दोस्तों के साथ नाइट आउट हो या देर रात को वर्क काल, उनकी भी कुछ ज़िम्मेदारी और जरूरतें है। इस बात को समझने की कोशिश करें की वह कहां से आते हैं और उनकी ज़िम्मेदारी क्या है।

दूरियाँ – कभी-कभार हो सकता है आपको लगे की लड़ाई का रुख कहीं और ही हो रहा है। आप दोनों ही अपने दृष्टिकोण को एक-दूसरे के समक्ष रखने का असफल प्रयत्न करते हैं। एक बिंदु पर लड़ाई और बढ़ सकती हैं। यह ऐसे स्तर पर पहुंच सकती है जहां आप एक-दूसरे पर निजी व्यंग्य कसते हैं। यह प्राथमिक चिन्ह है की आपको अब रूक जाना चाहिए। कभी-कभार लड़ाई से दूरी बना लेना बेहतर होता हैं और इसका यह मतलब नहीं है की आप हार मान रहे हैं बल्कि यह है की आप अपने रिश्ते को लड़ाई से ऊपर समझते हैं। इसका मतलब यह है की आप एक-दूसरे को शांत होने का पर्याप्त समय देते हैं और यह बिल्कुल सही है। एकदम किसी हल पर ना पहुँचना शर्मिंदगी की बात नहीं है।

समझौता – समझ को‌ अलग प्रकार से समझौता भी कहा जाता है। इसका मतलब यह है की आप दोनों को समझना होगा की आप दोनों की अपनी निजी जरुरतें है और आप दोनों को वास्तविक हल निकालने की जरूरत है,जो आप दोनों को सामान्य लाभ पहुँचाए। स्वस्थ रिश्ते के लिए समझौता बहुत आवश्यक है। यह हर स्थिति में आसान और संभव तो नहीं हो सकता है लेकिन कोशिश करना जरूरी है। यह जताता है की आप दोनों एक-दूसरे का ध्यान रखते हैं और आप दोनों इस बात को आश्वस्त करते हैं की आप रिश्ते में बराबर के हिस्सेदार हों। यह आपके पति को जताएगा की आपकी जरूरतों के साथ ही उनकी जरूरतें भी आवश्यक है।

प्राथमिकता – जब आप झगड़े के बीच में हों तो हो सकता है आपको यह मुश्किल लगे लेकिन रूकने की कोशिश करें और सोचें की आपके लिए क्या ज्यादा जरूरी है। इस बात का ध्यान रखें की आपकी जिम्मेदारियां आपके दिमाग में हों। अगर झगड़ा सबसे ज्यादा जरूरी है तो उसका हल निकालने की कोशिश करें। हालांकि अगर आपको लगे की लड़ाई का कारण आपकी प्राथमिकताओं की सूची में महत्वपूर्ण नहीं है तो लड़ाई समाप्त करने का प्रयास करें। इसका मतलब यह है की आपको अपना अहम किनारे रखकर सौम्यता से माफी मांगते हुए झगड़े को खत्म करना होगा। अपने पति से ऐसी बातों पर लड़ना उचित नहीं है जो आपकी नजरों में गैर जरूरी हैं क्योंकि इससे आप दोनों का मूड खराब होगा और बिना बात के विवाद भी रहेगा।

बात फैलाएं नहीं – हो सकता है जब आप दोनों घर से बाहर हो तब आपके पति ने कुछ ग़लत या खराब चीज़ की हो। अगर ऐसा कुछ है तो आपको उसके बारे में बात करनी चाहिए लेकिन इस बात का ध्यान रखें की आप इसके बारे में घर पर अकेले में बात करें क्योंकि यह झगड़े में परिवर्तित हो सकता है। जब लड़ाई सार्वजनिक रूप से करते हैं तो इस बात की संभावना होती है की स्वंय को बचाने के लिए लोग अपनी रक्षा करते हैं। इसका मतलब यह है की वह अजीब और बेवकूफाना बातें बोलते हैं लेकिन इस समय स्वंय को बचाना पहली प्राथमिकता होती है। अपने परिवार और दोस्तों के बीच लड़ाई करने से आपके बीच तनाव और बढ़ सकता है।

तीसरे व्यक्ति को बीच में ना लाएं – अगर आप अपने आप को अपने पति के साथ संघर्ष की स्थिति में पाएं तो किसी और को शामिल ना होने दें, खासतौर पर अपने बच्चों को। इससे लड़ाई और बढ़ सकती हैं और यह आपके बच्चों को ऐसी स्थिति में डाल सकती है जिसमें वह नहीं पड़ना चाहेंगे। यह आपके बच्चों के लिए बुरा हो सकता है। इससे भी बुरा यह होगा की अगर आपका बच्चा किसी एक का पक्ष लेने लगेगा तो दूसरे को यह बुरा ही महसूस कराएगा।

सीखें – अपने साथी के साथ लड़ाई से बचने का सबसे बेहतर तरीका यही है की आप अपनी की गई ग़लतियों से सीखें। समझें की आपके पति के किस व्यवहार से आपको समस्या होती है और आपके किस व्यवहार से उन्हें समस्या होती हैं, इससे आप लड़ाई को स्तर तक पहुंचने से पहले ही रोक सकते हैं। अगर ऐसी ही लड़ाई पहले भी हो चुकी है तो याद करें की आपने उसे कैसे हल किया था। सीखें की इससे बाहर कैसे आया जाए।

पति-पत्नी में झगड़े होना सामान्य है। लेकिन यह बात ध्यान में रखना जरूरी है की लड़ाई को सही तरीके से समाप्त किया जाए। यह सुझाव आपको अपने पति के पहले से भी और नज़दीक ले आएँगे।

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