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अपने बच्चें को सूईयों के भय से मुक्त करने के 5 तरीके।

क्या आपने कभी डाॅक्टर के क्लीनिक पर अव्यवस्था का अनुभव किया है? बच्चों के टीकाकरण के समय यह बहुत बार होता है। क्या आपने यह तथ्य को मद्देनजर रखा कि आपके बच्चें को ट्राईनोफोबिआ हो सकता है? सूईयों का भय जो 2 से 10 साल के बच्चों में बहुत सामान्य हैं। ज्यादातर बच्चे इस भय से मुक्त हो जाते है मगर कई बच्चों में यह उमर भर रहता है। उनकी मदद करने की कोशिश करें।

नीचे दिए सुझावों का पालन करें जिनसे आप अपने बच्चों में यह भय दूर कर सकतीं है :

1. उनका ध्यान बटाँए।

यह अद्भुत है। डॉक्टर और नर्सें सामान्य मुद्दों पर सवाल पूछकर यह सुनिश्चित करते हैं कि बच्चे का ध्यान टीके की सूई की बजाय कहीं और आकर्षित हो। ध्यान हटाने के निष्क्रिय तरीके भी हो सकते हैं जिससे बच्चा सीधा शामिल नहीं रहता। उनका ध्यान प्रश्न और उत्तर से बेहतर सामने लगीं कोई कार्टून या फिल्म ज्यादा आकर्षित कर सकतीं हैं।

2. उसके साथ तर्क करें और उसे शिथिल करें।।

5 वर्ष तक के बच्चे चीजों को समझते हुए स्वीकार करते हैं अगर उन्हें उस उस चीज के बारे में बताया जाए। अगर उसने सहयोग नहीं दिया तो अपने बच्चे को शांत कीजिए और बताएँ कि उन्हें सूई क्यों लगाई जा रही है और इसका क्या प्रमाण होगा । ऐसा करते हुए आप यह ध्यान रखें कि आप उसे डराने के बजाय सही कारण बताएँ।

3. उनके पास रहें।।

अगर आपके बच्चे को टीका लग रहा है और जाहिर है वह डरा हुआ है, तो सुनिश्चित करें कि माँ बाप में से कोई या कम से कम वह जिसे आपका बच्चा अच्छे से जानता है, उसके साथ हो जब वह सूई का सामना कर रहा हैं। इससे बच्चे के मनोविज्ञान पर सुखदायक प्रभाव पड़ता हैं और वह सुरक्षित महसूस करता है। बच्चे यह जानते हैं कि अगर कुछ गलत होता है तो आप सब उन्हें संभालने के लिए यहीं हैं।

 

4. साँस लेने के लिए व्यायाम।।

साँस लेने के लिए व्यायाम ,आपके बच्चे को आराम देने और व्यग्रता से उभरने के काम आता है। यह उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से शांत रहने के लिए सहायक है। कई बार सूईयों के डर की वजह बचपन का कोई बुरा अनुभव होता है; और ऐसे में आप किसी मनोविज्ञानी से सलाह ले जो आपके बच्चे के सूईयों के भय पर काबू पाने में सक्षम होगा।

5. व्यग्रता के लिए चिकित्सा।।

व्यग्रता के लिए चिकित्सा आखरी विकल्पों की तरह होने चाहिए जब बाकी सब कुछ असफल हो गया हो। सुन्न करने की क्रीम और गोलियों से टीकाकरण द्वारा हुई पीड़ा और तनाव से कुछ हद तक मुक्ति मिल जाती है। यह भविष्य के व्यग्रता की प्रतिक्रिया को कम करने में सहायक होगा।

अपने बच्चों को सूईयों के डर से मुक्ति देने के लिए इन सभी का पालन करें । बच्चों के साथ समझदार और धैर्यवान बनें रहे।

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