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अपने बच्चें की संयुक्त परिवार में परवरिश करने के फायदे

इस वास्तविकता से इंकार नहीं किया जा सकता है कि एकल परिवारों की बढ़ोतरी हो रही है, मगर कुछ परिवार अभी भी एक साथ एक छत के नीचे रहना पसंद करते हैं। संयुक्त परिवार में रहने के अपने ही लाभ और हानि है। पहले परिवार की तरह सांझा घर बच्चों के लिए वरदान है। इस सांझे घर में बच्चों के लिए हमेशा ही कोई ना कोई होता है जिससे वो मदद ले सकते हैं।

अपने बच्चें की संयुक्त परिवार में परवरिश करने के फायदों की सूची नीचे दी हुई है जिससे आप जरूर सहमत होंगें :

1. नैतिकता !

घर के बड़ो के सामने परवरिश होने से बच्चों में नैतिकता का बीज बढ़ता हैं जो उनका नैतिक चरित्र बनाता है, जो जीवनभर उनके साथ रहता हैं। यह संयुक्त परिवार में परवरिश होने का सबसे महत्वपूर्ण और अमूल्य फायदों में से एक है।

2. अच्छी तरह से देखभाल!

अगर आप एक कामकाजी महिला है तो अपने बच्चे को परिवार के साथ छोड़ कर जाना, किसी की मदद के सहारे या शिशु नर्सरी में छोड़ कर जाने से कहीं बेहतर विकल्प है। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि उनकी अच्छी निगरानी और देखभाल की जा रही हो और उनकी जरूरतों और इच्छाओं पर ध्यान दिया जाता है, जो कि बच्चे को सुरक्षित और अनउपेक्षित महसूस कराता है।

3. अनुशासित!

संयुक्त परिवारों में पले बड़े बच्चों को एकल परिवारों में पले बड़े बच्चों से अधिक अनुशासित पाया गया है। उसके पीछे यह कारण है कि घर में बड़े प्रेरणास्रोत होतें है और माता पिता के लिए बच्चों को अच्छी आदतें सिखाना आसान हो जाता है।

4. अधिक परस्पर संवादों का संचार !

संयुक्त परिवारों में पले बढ़े बच्चों में एकल परिवारों से बेहतर संचार कौशलता होती हैं। यह इसलिए क्योंकि उन्हें अपने शुरूआती सालों से ही परिवार के सदस्यों से बातचीत करने की आदत होती हैं और उन्हें आगे चलकर लोगों से संपर्क या बातचीत करने में मुश्किल नहीं होती।

5. एकता में विश्वास!

संयुक्त परिवार में होने के कारण बच्चों को छोटी आयु से ही "एकता में अटूट शक्ति", मुहावरे का अर्थ सीख जाते है। आगे चलकर जिंदगीं में ऐसे बच्चें सम्मिलित कार्य के समर्थक बन जाते हैं और दूसरों के साथ काम करना उन्हें कठिन नहीं लगता।

6. चचेरा भाई बहन होने के फायदे!

अपने पूरे परिवार के साथ रहने का अर्थ है, अपने चचेरे भाई बहनों के साथ रहना, और इसमें कोई भी निराशाजनक पल नहीं होता। हर बच्चे का, खासकर किशोर आयु में, अपने चचेरे भाई बहनों के साथ एक खास रिश्ता होता है। उनके साथ एक साथी होता है जिससे वे लगातार बातें कर सकें और अनंत मौज मस्ती कर सकें।

7. जीवन के लिए सबक

दादा दादी बहुत अच्छे वक्ता और बढ़िया कहानी सुनाने वाले भी होतें है। वह कई बार अपने पोते पोतीयो को कहानी सुनाते हैं, जो उनके पुरानी याद और कई अनुभवो से जुड़े होतें है जो बाद में बच्चों के लिए जिंदगी का सबक बन जातें है |

इसमें कोई शक नहीं कि संयुक्त परिवार के सरंक्षण में पल रहे बच्चे ,एकल परिवार में पल रहे बच्चों से कही ज्यादा सुरक्षित और विश्वास से भरे होतें है |

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