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अपना पसंदीदा बच्चा होना- यह क्यों गलत है?


माता-पिता अपने सभी बच्चों को बराबर प्यार करते हैं और उनके मन में किसी विशेष के लिए कोई द्वेष नहीं होता है। यह कथन बहुत मधुर है लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। अपना चहीता बच्चा होना एक ऐसी बात है जिससे फर्क नहीं पड़ता है और सभी माता-पिता इस बात को अस्वीकार करते हैं।

चाहे वह इसे माने या ना माने लेकिन हर माता-पिता का एक चहीता बच्चा होता है। और नहीं,यह अच्छी बात नहीं है। हो सकता है आपके बच्चों को इसके बारे में ना पता हो लेकिन यह उन्हें कई तरीकों से प्रभावित करता है, जिनके बारे में शायद आपको भी पता ना हो। माता-पिता की पसंद बच्चे की उम्र और स्तर पर निर्भर करती है और बदलती है।

माता-पिता अक्सर अपने छोटे बच्चे को ज्यादा प्यार करते हैं। वह बहुत प्यारे होते हैं और लगातार अपने विभिन्न कौशल और क्षमताओं से ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करते हैं। वह कमजोर होते हैं और सभी कामों में उन्हें माता-पिता के सहयोग की आवश्यकता होती है। इससे उनके माता-पिता को उनसे प्यार हो जाता है। लेकिन दूसरी ओर, कुछ इससे नफरत करते हैं क्योंकि उनकी वजह से माता-पिता को पूरी रात जागना पड़ता है।

मध्य उम्र के बच्चों को कई बार संभालना जा सकता है, जबकि अधिकतर उन्हें संभालना भी आसान नहीं होता है। किशोर बच्चे सबसे ज्यादा खीझ दिलाने वाले होते हैं। बात यह नहीं है की माता-पिता अपने बच्चों से कितना प्यार करते हैं, बात यह है की वह प्रत्येक को समय-समय पर कितना पसंद करते हैं।

इस प्रकार आपका पक्षपात आपके बच्चों को प्रभावित करता है:

मनौवैज्ञानिक प्रभाव

अगर आपके बच्चे को यह पता लग गया की आप किसी एक को ज्यादा पसंद करते हैं,तो निश्चित रूप से वह बहुत बड़े मानसिक विकार से गुजरेंगे। याद रखें की उनके पास इस पूरे संसार में सिर्फ आप ही है और बेहतर होगा अगर आप उनकी भावनाओं को बदलेंगे। आपका चहीता बच्चा यह सोचकर अपने भाई-बहन को चिढ़ा सकता है की यह करना ठीक है और जो बच्चा आपका चहीता नहीं है वह डिप्रेशन में भी जा सकता है।

बच्चे को महसूस होता है की वह अच्छा इंसान नहीं है और इससे उसका आत्मविश्वास कम होता है। आत्मसम्मान उन विशाल विकास क्षेत्रों में से एक है, जिनमें बच्चे को समृद्ध होना चाहिए। अगर कम उम्र में ही इसे नुकसान होगा,तो भविष्य पर इसका असर पड़ सकता है।

माता-पिता को अपने इस व्यवहार को जाहिर नहीं होने देना चाहिए। और यह निश्चित रूप से आपका अपना बच्चा या पति-पत्नी नहीं होना चाहिए। अपने अच्छे दोस्त को बताएं,हो सकता है वह आपको सही निर्णय लेने के लिए अच्छी सलाह दे। कभी-कभार आपको अपने विचारों पर भरोसा करना चाहिए।

यह बात समझने की कोशिश करें की किस कारण आप अपने एक बच्चे को दूसरे से ज्यादा प्यार कर रहें हैं। हो सकता है आपके पसंदीदा बच्चे में कुछ खास गुण हों,जो दूसरे में ना हों। आपको यह समझना चाहिए की हर कोई अलग है, अपने बच्चे के अच्छे गुणों पर ध्यान देने का प्रयास करें।इस तरीके से आप कुछ चीजों को संतुलित करने में सक्षम होंगे।

भविष्य में समस्याएं

हर कोई द्वेष अपने अंदर रखता है और अगर आपके शिशु को पता लग जाए की वह आपका पसंदीदा बच्चा नहीं है। तो हो सकता है वह आपसे सही से बात ना करें या पलट के जवाब दें, इससे भविष्य में समस्या और घर में संघर्ष बढ़ेगा।

अस्वीकार होकर जीने में कोई लाभ नहीं है। स्वयं में सुधार और परिवर्तन करने के लिए आपको अपनी भावनाओं को स्वीकार करना होगा। अंत में, यह ध्यान रखें की वह आपका बच्चा है और आप उनके लिए सबकुछ है।

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