Link copied!
Sign in / Sign up
68
Shares

आपके शिशु के प्यार जताने के 10 तरीके

कई बार हम सोचते हैं कि, यह छोटा सा जीव जिन्हें हम बाँहों में पकड़ते है, इनके तेजी से बढ़ रहे दिमाग में क्या चल रहा होगा? अक्सर उठाकर पकड़ने पर, जब वह बेचैनी के लक्षण दिखाते है, तो हमें यह चिंता होती है कि ये इन्हें पसंद नहीं करते या फिर चाहते है कि कोई और उन्हें उठाए। हमारी सभी उलझनों तथा प्रशनों के लिए, वह सब चीजें जो बच्चे प्यार जताने के लिए करते है, उन्हें यहाँ समझाया गया है:-

1. नज़रे मिलाना

आपके लिए प्यार दिखाने के लिए बच्चों का अजीब संकेत है उनका आपसे नजरें मिलाना। कुछ हफ्तों की उम्र के बच्चे अपनी माँ की आँखों में ज्यादा समय के लिए घूरना शुरू कर देते हैं । यह दर्शाता है कि बच्चा आपके साथ सुखद महसूस करता है और इसी एक तरीके से आपको समझने और पहचानने की कोशिश करता है। वे ध्यानपूर्वक आपको घूरते हैं और आपके चेहरे को पढ़ने की कोशिश करते हैं। यह एक तरीका है जिससे वह खुद को उस वस्तु से परिचित करते हैं जो उन्हें प्यार, चैन और ध्यान देती हैं।

2. मुस्कुराहट

6 से 8 हफ्ते के भीतर, आपके बच्चे, अनैच्छिक क्रिया की वजह से नहीं बल्कि सौद्देश्य इरादे से ,आप पर मुस्कुराना शुरू कर देते हैं। उनकी दिल पिघला देने वाली मुस्कान उनके प्यार जताने का एक सर्वश्रेष्ठ संकेत है। वे इसलिए मुस्कुराते है क्योंकि वे असल में आपको देखकर या सुनकर प्रसन्न हो जाते है। ऐसे ही आपको देखकर हँसना भी प्यार जताता है। यह एक संकेत है कि वे किसी और की जगह आपके आस पास रहना पसंद करते हैं क्योंकि वह समझते है आप उनकी जरूरतों को सफलता पूर्वक पूरा कर सकते हो। आप अपने शिशु के बेहतर साथी है और दूसरों के मुकाबले ज्यादा खुशी दे सकते हैं। यह मुस्कान जब लौटाई जाती हैं तो यह आप दोनों के बीच के बंधन को बनने और मजबूत करने में मदद करती हैं।

3. पहचान

मनोवैज्ञानिक खोज से पता चला है कि शिशु कुछ ही हफ्तों में अपने प्रथम देखभालकर्ता, जो अक्सर माँ ही होती है, को पहचानना शुरू कर देते हैं और दूसरे से ज्यादा उसकी ओर प्रतिक्रिया करते हैं अर्थात आपका बच्चा लोगों से भरी जगह में भी आपकी शक्ल और आवाज आसानी से पहचान लेगा, और उसकी तरफ आकर्षित होगा। आप यह भी पाएँगे कि आपका बच्चा दूसरों की आवाज से ज्यादा आपकी आवाज पर प्रतिक्रिया करेगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी ने आपके बच्चे को उठाया हो, और आप उससे बात कर रहे हो, तो सम्भावना है कि आपका बच्चा आपकी ओर ध्यान देगा जब आप बात करेंगे या इधर उधर से घूम रहे होंगे, बावजूद इसके कि उसे किसने उठाया है। आपका बच्चा समझता है कि आप उसका ध्यान रखते हैं और वह आपके साथ एक अलग संबंध बना चुका होता है।

4. जुड़ाव

जब आप अपने शिशु के साथ एक बढ़िया बंधन बना लेते हैं, तो यह जाहिर होने लगता हैं कि वह आपकी ओर प्रतिक्रिया करते है। आपके शिशु के साथ आपके अच्छे संबंध का एक संकेत है, वो मुस्कान जब आप कमरे में प्रवेश करते हैं और उसका खुशी से आपकी तरफ देखना, जितना खुश वह किसी और को देख कर भी नहीं होता/होती। वह आपकी ओर ऐसे देखेंगे जैसे केवल आप ही कमरे को रौशन कर रहे हैं, और यह मुस्कुराहट आपके दिल को रौशन कर देगी। वह खुशी में किलकारी निकालेगें और आपके मिलने पर वे आप तक पहुंचने का प्रयास करेंगे।।

5. पहुँचना

प्यार का एक संकेत यह है कि आपका बच्चा आप तक पहुंचने की कोशिश करता है या आपको देखकर अपनी बांहे फैलाकर उठाने के लिए संकेत देता है । वह आपकी बांहो में रहना चाहते हैं और दूसरों की जगह आपको प्राथमिकता देते हैं। अगर उन्हें कोई और पकड़ता है तो वह आपके पास ना आ पाने के कारण रोएंगे। शिशु उनके साथ भौतिक निकटता रखना पसंद करते हैं जिनसे वह प्यार करते है या जिनके साथ वे संबंधित हैं।

6. बड़बड़ाना

बच्चे कई बार अस्पष्ट सी आवाजें निकालते हैं। जब बच्चे उन लोगों के आस पास होते हैं जिन्हें वे पसंद करते है या जो उन्हें खुश रखते हैं, तो वे बड़बड़ाने और हँसी की आवाजें निकालते हैं। अगर आपका बच्चा आप से बच्चों जैसी बातें करने की कोशिश करें तो यह दर्शाता है कि वे आपके साथ सुखद अनुभव करते हैं और आपकी उपस्थिति पसंद करते है।

7. व्याकुलता

प्यार का एक संकेत तब है जब आपके बच्चे को माँ बाप से बिछड़कर व्याकुलता महसूस होती है। वह रोना शुरू कर देंगे और यह उनके मनोदशा को खराब करता है, वे बुरा महसूस करते हैं यदि उन्हें डेकेयर में छोड़ दिया जाए या नौकरानी के साथ छोड़ा दिया जाए । वे आपके साथ रहना पसंद करते हैं और आपके ना होने पर बेचैनी महसूस करते हैं।

8. चूमना

बड़े शिशु चूमना सीख लेते हैं और इसका उपयोग अपना प्यार जताने के लिए करते हैं। शुरुआत में मुँह खोलकर चूमने से मुँह गीला करने में ये माहिर हो जाते हैं।

9. नकल करना

जब शिशु किसी को बेहद प्यार करते हैं, वह उनकी हरकतों एवं मुखाकृति की नकल करने की कोशिश करते हैं। इसलिए कई सामाजिक परिस्थितियों में आप अपने बच्चे की कोई प्रतिक्रिया करने से पहले अपनी ओर देखते हुए पाएँगे , क्योंकि वह आपको ही आस पास की परिस्थिति के माहौल का निर्देशक समझते हैं।

10. निकटता

एक बार आपका शिशु रेंग कर चलना सीख ले, तो वह साधारणत कई चीजों को खोजने लगेंगे। शिशु उत्सुक होते हैं और उनके पास सीखने के लिए बहुत कुछ बाकी होता है, इसलिए वह हमेशा आगे बढ़ते रहते हैं ( जब वह ना चल रहे हो)। आप देखेंगे कि जैसे आपका शिशु जब रेंग कर चलेगा तो कुछ देर बाद वह आपकी तरफ आएगा। जो शिशु आपके साथ सुखद महसूस करता है और आपसे प्यार करता है वह आपको अपनी सुरक्षा कवच समझेगा, जो उसे बाहर की दुनिया के खतरों से सुरक्षित रखता हैं।

Tinystep Baby-Safe Natural Toxin-Free Floor Cleaner

Dear Mommy,

We hope you enjoyed reading our article. Thank you for your continued love, support and trust in Tinystep. If you are new here, welcome to Tinystep!

We have a great opportunity for you. You can EARN up to Rs 10,000/- every month right in the comfort of your own HOME. Sounds interesting? Fill in this form and we will call you.

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon