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आपके पीरियड्स होने का कारण- इंद्रदेव का श्राप


यद हम इस सदी की बात करें तो आज के समय में मर्द और औरत में कोई भेद भाव नहीं किया जाता, महिलाएं मर्दों से कंधे से कन्धा मिलाकर चलने की क्षमता रखती हैं| लेकिन क्या आपको लगता है की ये वाकई सही है? क्या महिलाओं को मर्दों से अभिन्न माना जाता है? खैर इसके बारे में मुझे काफ़ी शक़ है क्योंकि ऐसे बहुत सारे पुराने ख़्यालात हैं जिनके कारण महिलाएं अपने ख़यालात खुलकर प्रकट नहीं कर पाती हैं|

इसका सबसे अच्छा उदहारण है महिलाओं को होने वाले पीरियड्स! हमारे देश में इतने बदलावों के बाद भी महिलाओं को उनके पीरियड्स के समय निचा माना जाता है| लोगों की सोच तो बदल गयी लेकिन ये कहना मुश्किल है की महिलाओं के प्रति भेदभाव ख़त्म हुए हैं या नहीं|

हम सभी को पीरियड्स होने के पीछे वैज्ञानिक वजह मालूम है लेकिन क्या आपको ये पता है की पीरियड्स को लेकर बहुत सारी पुरानी कथाएं कही गयी हैं| आइये हम आपको उस कथा के बारे में बताते हैं-

ऐसा माना जाता है की जब गुरु बृहस्पति भगवान इंद्रा देव से गुस्सा होगये थे तो इस बात का फायदा उठाते हुए असुरस ने देवलोक पर हमला बोल दिया| आक्रमण के डर से इंद्रदेव ने अपने राज्य से भागने की ठानली|

ब्रह्मा ने इंद्रा के सामने एक शर्त रखी की यदि उन्हें अपना राज्य वापस चाहिए तो उन्हें एक साधू की सेवा करनी होगी और अगर वो साधू उनके काम से खुश होगये तो इंद्रा को उनका राज्य वापस मिल जाएगा| इस राये को सुनकर इंद्रदेव ने साधू की सेवा करनी शुरू करदी लेकिन उन्हें इसकी बिलकुल खबर नहीं थी की उस साधू की माँ एक असुरा थी और इसी कारण वो साधू असुरों के इतने करीब थे|

वो साधू हवन की सामग्री भगवान को अर्पित करने की जगह असुरों को दिया करते था| जब इंद्रदेव को साधू की सच्चाई पता चली तो उन्होंने साधू की हत्या करदी और एक गुरु को मन्ना उस समय में घोर अपराध माना जाता था और इसी कारण इंद्रदेव अपनी सुरक्षा के लिए भाग गए और कुछ सालों के लिए एक फूल में छुपकर विष्णु देवता से प्रार्थना करते रहे|

इंद्रदेव की भक्ति देखकर विष्णु देवता बहुत खुश हुए और उन्हें अपने गुरु की हत्या के आरोप से मुक्त होने की सलाह दी| उन्होंने इंद्रदेव को अपने पाप का बोझ पेड़, धरती, पानी और महिलाओं के भीतर छुपाने की सलाह दी और साथ की उन सारी वस्तुओं को एक-एक प्रदान भी देने को बोला|

श्राप का एक हिस्सा पेड़ को दिया गया जिसके बदले उन्हें अपने मन मुताबिक़ जीवित रहने का एक प्रदान भी दिया गया|

जब पानी को श्राप दिया गया तो बदले में उसे प्रदान मिला की वो दुनिया की सारी चीज़ों को पवित्र कर सकते हैं और इसी कारण हिन्दुओं की परम्परा के मुताबिक हर पूजा में पानी को बहुत पवित्र माना जाता है|

श्राप का तीसरा हिस्सा ज़मीन को दिया गया और बदले में उसे वापस ठीक होने की ताकत प्रदान की गयी| अब श्राप का आखरी हिस्सा महिलाओं को मिला पीरियड्स के रूप में| पीरियड्स के बदले में महिलाओं को प्रदान मिला की उन्हें अपने काम में मर्दों से अधिक मज़ा आएगा|

खैर अब आपको पता चल ही गया होगा की हर महीने आपके पीरियड्स होने का कारण है ब्रह्मा की हत्या!

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