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आपको जरूर पता होना चाहिए अरंडी के तेल के ये 18 फायदे (18 Health Benefits Of Castor Oil You Need To Know In Hindi)

हमारी दादी–नानी की सबसे लोकप्रिय सलाह याद है आपको कि ‘बालों पर तेल लगाना मत भूलना’। जितनी गहराई से बालों में तेल लगाएंगे, उसी आधार पर हमारे  बालो का स्वास्थय और यह परंपरा बनी रहती है, खैर यहां हम आपको अरंडी के तेल (जिसे की कैस्टर ऑयल भी कहा जाता है) के 18 स्वास्थय लाभ के बारे में बताएंगे।

अरंडी का पौंधा हमारे लिए बहुत लाभकारी है तो क्यों ना आप भी इसका उपयोग करें। स्वास्थयवर्धक अरंडी के तेल के दस्तावेज बताते हैं कि यह मिस्र की सभ्यता का हिस्सा था। ऐसा कहा जाता है कि क्लियोपेट्रा की जादू औषधी में भी अरंडी के तेल का इस्तेमाल किया जाता था। इसलिए नए आधुनिक तेल को इस्तेमाल करने से पहले एक बार अरंडी के तेल के बारे में भी सोचें। इस लेख में हम आपको अरंडी के तेल के फायदों और नुकसानों के बारे में बताएंगे तो चलिए जानते हैं...

लेख की विषयसूची

क्या है अरंडी का तेल? (What Is Castor Oil in Hindi)

कैसे बनता है अरंडी का तेल? (Where Does Castor Oil Come From in Hindi?)

अरंडी के तेल का इस्तेमाल कैसे करते हैं? ( How To Use Castor Oi in Hindi?)

अरंडी के तेल के 18 स्वास्थ्य लाभ ( 18 Health Benefits Of Castor Oil in Hindi)

अरंडी के तेल के साइड़ इफैक्ट ( Castor Oil Side Effects in Hindi)

क्या है अरंडी का तेल? (What Is Castor Oil in Hindi)

अरंडी का तेल या कैस्टर ऑयल एक वनस्पति तेल है, जो अरंडी के बीजों को दबाकर  निकाला जाता है। यह तेल रंगहीन से लेकर हल्का-पीला द्रव होता है। इसमें कोई गंध और स्वाद नहीं होता है। यह 6 महत्वपूर्ण घटक असंतृप्त फैटी एसिड, स्टार घटक और रिकिनोलिक एसिड से भरपूर होता है। अरंडी के तेल के प्रमुख गुण इस प्रकार है।

1)एनाल्जेसिक, 2) लैक्सेटिव, 3) मॉइस्चराइजिंग, 4) एंटी- एंजिंग, 5) एंटी- इनफ्लेमेंट्री, 6) एंटीऑक्सीडेंट, 7) एंटीफंगल, 8) एंटी-बैक्टीरिया, 9) एंटीमिक्राबियल, 10) एंटीसाइकोटिक।

कैसे बनता है अरंडी का तेल? (Where Does Castor Oil Come From in Hindi?)

अरंडी का तेल अरंडी के पौधे से बनता है। इसे रिसिनस कॉम्यूनिस के नाम से भी जाना जाता है। अरंडी के पौधे में हरे रंग के बड़े-बड़े पत्ते होते हैं।

इसके बीज को भूनकर इससे तेल निकाला जाता है। गुजरात में बड़े पैमाने पर अरंडी की खेती की जाती है। भारत अरंडी के तेल का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। इसके बाद चीन और ब्राजील दूसरे नम्बर पर हैं।

अरंडी का तेल दो तरह का होता है। दोनों तरह का तेल एक ही पौधे से आता है लेकिन तेल निकालने की विधि इन तेल के होने वाले स्वास्थय लाभ को अलग कर देती है। ये दो प्रकार के तेल हैं –

1. कोल्ड़ प्रेशड़ अरंडी तेल

2. जमैकन ब्लैक अरंडी तेल

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अरंडी के तेल का इस्तेमाल कैसे करते हैं? ( How To Use Castor Oi in Hindi?)

प्रत्येक अरंडी के तेल के लाभों का उल्लेख निम्नलिखित है। कोल्ड़ प्रेशड़ ऑयल का इस्तेमाल औषधी और सामयिक दोनों के लिए किया जा सकता है जबकि जैमकन ब्लैक तेल का प्रयोग केवल सामयिक उद्देशय या कॉस्मेटिक उत्पादों के लिए किया जाता है। यहां जानिए अरंडी के तेल का उपभोग कैसे करना है।

बालों के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल

- झड़ते बालों के लिए – अरंडी का तेल + नारियल का तेल + बादाम का तेल।

- सफेद बालों के लिए – अरंडी का तेल + सरसों का तेल + जोबोजा या हिबिस्कस तेल।

- ड्रैंडफ के लिए – अरंडी का तेल + एलोवेरा जैल + टी ट्री ऑयल

- बालों के विकास के लिए – अरंडी का तेल + बादाम का तेल + रोजमेरी तेल।

- बालों पर अरंडी के दोनों प्रकार का तेल कोल्ड प्रेशड़ ऑयल और जमैकन ब्लैक ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

- अरंडी के तेल से 20 से 30 मिनट तक सिर की मसाज के बाद बालों को स्टीम दें और फिर शैम्पू से धो लें।

अरंडी के तेल के 18 स्वास्थ्य लाभ ( 18 Health Benefits Of Castor Oil in Hindi)

यूं तो अरंडी के पौधे में भी कई स्वास्थ्य लाभ छुपे हुए हैं लेकिन हम अधिकतर अरंडी के तेल का ही इस्तेमाल करते हैं। अरंडी के तेल में मौजूद 6 घटक (रेजिनोलिक एसिड, ओलेइक एसिड, लिनोलेइक एसिड, ए – लोनोलेनिक एसिड, स्टीयरिक एसिड, पाल्मिक एसिड) अरंडी के तेल को फायदेमंद बनाते हैं। ये छह घटक कोल्ड़ प्रेशड़ ऑयल और जमैरक ब्लैक ऑयल दोनों में पाए जाते हैं।

लोगों में गलत धारणा है कि अरंडी का तेल का इस्तेमाल सिर्फ बालों या त्वचा के लिए ही फायदेमंद होता है जबकि अरंडी के तेल औषधीय गुणों से भरपूर है। जिसका उपयोग दवाईयों और कॉस्मेटिक उत्पादों दोनों के लिए किया जाता है।

1. आंखों के लिए अरंडी तेल का लाभ

- मिस्र, चीन और आयुर्वेद के इतिहास में अरंडी के तेल का उपयोग देखा जा सकता है।

- अरंडी तेल का उपयोग आंखों की जलन, शुष्क आंखें, आखों का लाल होना, आंख आना और मोतियाबिंद के इलाज में काम आता है।

- इसके लिए कांच की बोतल या ड्रापर में अरंडी के तेल को भरें और फिर बूंद-बूंद करके आंख में डालें।

- आंखों से कॉन्टैक्ट लैंस हटाने के लिए या आंखों के आस-पास मेकअप हटाने के लिए अरंडी के तेल की कुछ बूंदे लें और इससे दो से तीन मिनट मसाज करें। इसके अलावा अरंडी का तेल आंखों के आस -पास की सूजन और मुहांसों को भी दूर करता है।

2. त्वचा के लिए अरंडी तेल का लाभ

- अरंडी का तेल त्वचा में प्राकृतिक नमी बनाए रखता है।

- नहाने से पहले अरंडी के तेल से मालिश करने से त्वचा का रुखापन खत्म हो जाता है और मुहांसे भी कम हो जाते हैं।

- यह कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाने में मददगार होता है। जिससे बढ़ती उम्र का असर चेहरे पर नहीं दिखता है।

- यह चेहरे से निशान और घाव को हटाने में भी मदद करता है।

- मच्छर के काटने पर भी अरंडी का तेल त्वचा को राहत पहुंचाता है।

- कोल्ड़ प्रेशड़ अरंडी तेल को अन्य तेलों के साथ मिलाकर भी लगाया जा सकता है।

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3. कब्ज के लिए अरंडी के तेल का लाभ

- अरंडी के तेल में लैक्सेटिव होने के कारण इससे कब्ज का इलाज किया जा सकता है।

- अरंडी के तेल का उपभोग उम्र और वजन के आधार पर  किया जाता है। सामान्यत कम से कम 15 मिली और अधिकतम 40 मिली खुराक आदर्श मानी जाती है।

- इसे गर्म पानी, दूध, जूस, फलों के रस के साथ मिलाकर पिया जा सकता है।

- इसे सोने से पहले ना पिएं। सोने के दौरान इसका प्रभाव नहीं होता है। यह चार से छह घंटों के अंदर कब्ज को ठीक करता है।

4. जोड़ों के दर्द और अल्सर के लिए अरंडी तेल

- गाठिया दर्द या दुर्घटना के बाद होने वाले जोड़ों के दर्द के लिए अरंड़ी का तेल बेहद फायदेमंद है।

- इसके लिए तेल को थोड़ा सा गर्म करें और प्रभावित हिस्से पर मालिश करें।

- बेकिंग सोड़ा और पानी की मदद से प्रभावित हिस्से को साफ करें।

- अरंड़ी के तेल को कपड़े पर लगाएं और कपड़ें को शरीर के प्रभावित हिस्से पर लगा दें।

- फिर लगभग 50 से 60 मिनट के लिए कपड़े को बांध दें और उसके ऊपर गर्म पानी की बोतल से सेंक लगाएं। एक या दो महीने ऐसा करने से दर्द कम होने लगेगा। ध्यान रहें पानी गर्म होना चाहिए नाकि उबलता हुआ।

5. बच्चों के लिए अरंडी का तेल

- केवल मालिश के लिए इस्तेमाल करें।

- त्वचा की मॉइस्चराइजिंग के लिए मालिश सबसे बेहतर उपाय है और मालिश के लिए अरंड़ी के तेल से बेहतर कुछ नहीं।

- अपने बच्चे के सिर पर नियमित रुप से अरंड़ी के तेल की मालिश करने से बालों का विकास होगा।

- बच्चे की मालिश करने से पहले अरंडी तेल को गर्म करने के लिए 20-30 संकेड़ के लिए अपनी हथेली पर रगड़ें।

- ध्यान रहें, कि तेल बच्चे की आंखों और मुंह में ना जाए।

6. ऊतक फाइब्रॉएड और पीसीओएस के इलाज के लिए अरंडी तेल पैक

- अरंड़ी का तेल सूजन को कम करने में मदद करता है।

- अरंड़ी तेल का पैक को बनाने के लिए किचन में इस्तेमाल होने वाले कपड़े को तेल में भिगोए और प्रभावित क्षेत्र पर रख दें। इसके ऊपर प्लास्टिक की गर्म पानी की बोतल से सेंक लगा दें।

- दो-तीन दिन तक ऐसा करने से तकलीफें कम हो जाएंगीं।

7. उपचार प्रक्रिया को तेज करने में सहायक

- अरंड़ी तेल का एंटी बैक्टरिया का गुण रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह रक्त परिसंचरण में वृद्ध करता है और सूजन को कम करने में मददगार होता है।

- प्रभावित क्षेत्र पर इसकी मालिश करना ही पर्याप्त है। खुले घाव पर गर्म तेल का इस्तेमाल ना करें।

8. लेबर पेन के लिए अरंड़ी तेल

- अरंड़ी तेल में मौजूद लैक्सटिव का गुण गर्भवती महिलाओं के लेबर पेन में सहायक होता है।

- इसका इस्तेमाल केवल डॉक्टर के मार्गदर्शन में करना चाहिए।

9. पूर्व स्खलन के लिए अरंड़ी का तेल

- पूर्व स्खलन यौन संबंधों को प्रभावित कर सकता है।

- अरंड़ी के तेल की मसाज रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है और पूर्व स्खलन को रोकने में मदद मिलती है।

10. अच्छी नींद के लिए अरंडी का तेल

- अरंड़ी के तेल में एंटी-मनोविकार के गुण होने के कारण यह अच्छी नींद लाने में सहायक होता है।

- सोने से पहले पलकों पर इससे अच्छी तरह मसाज करें।

11. बाहरी हेमोराइड के उपचार के लिए

- यह केवल बाहरी उपयोग के लिए है। यह दर्द को कम कर धीरे-धीरे हेमोराइड़ को कम करने में मदद करेगा।

- इस्तेमाल के लिए तेल का तापमान, कमरे के तापमान जितना ही होना चाहिए।

 

12. एलर्जी के लिए अरंडी का तेल

- इसमें मौजूद एंटी -बैक्टरिया के गुण एलर्जी से बचाते हैं।

- हर दिन पांच से छह बूंदें लें और प्रभावित क्षेत्र पर लगाए, आपको राहत मिलेगी।

13. खरांटों को कम करने में मददगार

- यह रक्त परिसंचरण में सुधार करता है, जिससे खरांटों को कम करने में मदद मिलती है।

- इसके लिए रोजाना छाती पर मालिश करें।

14. कान के लिए अरंडी का तेल

- इसमें मौजूद लैक्सटिव का गुण कान के अंदर के मैल को बाहर निकालने में सहायक होता है।

- इसके लिए रुई पर या ड्रापर से गर्म तेल की कुछ बूंदे कान के अंदर डालें।

15. आईब्रो के लिए अरंडी का तेल

- यह भौहें और पलकों का विकास करने में सहायक होता है।

- रक्त परिसंचरण को बढ़ाकर आंखों के नीचे के काले घेरों को भी मिटाता है।

- इस्तेमाल करने के लिए तेल का तापमान ,कमरे के तापमान जितना होना चाहिए। 

16. नाखून और होठों के लिए फायदेमंद

- नेलपॉलिश की खाली शीशी में अरंडी का तेल भरें और इसे नेलपॉलिश की तरह ही लगाएं। इससे नाखूनों की मसाज होगी।

- रोजाना होठों पर मालिश करें।

17. पैरों के लिए अरंडी का तेल

- अरंडी तेल में मौजूद विटामिन आपके पैरों को मुलायम बनाते हैं।

- सोने से पहले अपने पैरों पर मालिश करें और मौजे पहनकर सो जाएं।

18. घरेलू उपयोग के लिए अरंडी तेल

- जी हां, घरेलू उपयोग के लिए भी।

- अरंडी का तेल घर को मच्छर और मक्खियों से दूर रखता है।

- फ्लाईपेपर को अरंडी के तेल में गर्म करें और इसे एक कोने में रख दें। इससे मच्छर आस-पास नहीं फटकेंगे।

- घरेलु उपयोग के लिए कोल्ड़ प्रेशरड़ ऑयल का ही इस्तेमाल करें।

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अरंडी के तेल के साइड़ इफैक्ट ( Castor Oil Side Effects in Hindi)

 

अरंड़ी तेल का इस्तेमाल करने से पहले कुछ सावधानी रखनी चाहिए। जिससे इसके साइड़ इफैक्ट से बचा जा सकें। हमने इसके बाहरी और आतंरिक दोनों उपयोग के स्वास्थय लाभ को देखा। अगर बाहरी उपयोग के दौरान शरीर पर लाल निशान, खुजली, चकत्ते, आदि दिखते हैं तो इसका इस्तेमाल ना करें। साथ ही आंतरिक उपभोग पर अगर चक्कर आना, पेट में ऐंथन, दस्त या मितली होती है तो भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जिन लोगों को इसके साइड़ इफैक्ट दिख जाएं उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

- शिशुओं के लिए अरंडी का तेल इस्तेमाल करने से पहले इसका परीक्षण कर जरूर करना चाहिए।

- लेबर पेन के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इसे सिर्फ डॉक्टर के मार्गदर्शन में ही इस्तेमाल करें।

- कब्ज के लिए इसका इस्तेमाल करने पर यह पेट की प्रकृति को प्रभावित कर सकता है।

- हालांकि त्वचा के लिए अरंडी का तेल बहुत ही फायदेमंद हैं लेकिन फिर भी इसको टेस्ट करके ही इस्तेमाल करें। यदि त्वचा लाल हो जाएं, चकत्ते पड़े, खुजली हो तो इसका मतलब है कि आपको अरंडी के तेल से एलर्जी है और इसलिए आप बाह्य या आंतरिक किसी भी प्रकार से इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।

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