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9 आदतें जो आपको अपने बच्चे से सीखना चाहिए!

हमने हमेशा अपने बच्चों को चीज़े सिखाई हैं लेकिन क्या कोई इस बारे में बात करता है कि  क्या हम भी उनसे कुछ सीख सकते हैं? आप चकित रह जायेंगे ,जब आप जानेगे कि आप कितनी सारी चीज़ें अपने बच्चे से सीख सकते हैं|

1. ना बोलना !

अपने बच्चे की एक चीज़ आपको बहुत बुरी लगती होगी कि वह कई चीज़ों को “ना” बोलता है| सब्जियां खाने पर, नहाने पर, माफ़ी मांगने पर, आदि| शायद इसी सन्दर्भ में नहीं, लेकिन ‘नहीं’ बोलना ज़रूरी है| जब कुछ लोग आपसे वो काम करवाते हैं जो आपको पसंद नहीं है, आपको ‘ना’ बोलना सीखना पड़ेगा| इसके बारे में बच्चों को सबसे ज्यादा पता है|

2. हँसना !

हँसना  सीखें| अगर आपको कुछ मजेदार लगता है तो ज़रूर हँसिये ! खुलकर हँसे| परिस्थितियों में कुछ मनोरंजन  चीज़ें देखें| बच्चे हर छोटी चीज़ पर हँसते  हैं और दिन के अंत तक वें बड़ों से ज्यादा खुश रहते हैं| हम सब इनसे कुछ सीख सकते हैं|

3. थोडा सा  खतरा मोल  लें!

बच्चों शरारत  करते रहते हैं| वो ऐसी चीज़ें करते हैं जिनमे उनको पकड़ा जा  सकता है | वो यह सब इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि यह सब करने से उनको कुछ मज़ेदार परिणाम  प्राप्त होगा| हम कभी-कभी हमें नये प्रयास करने में  डर  लगता है क्योंकि हमे उनका परिणाम नहीं मालूम होता है| धीरे धीरे हमारी यह मानसिकता हमारी प्रगति रोक देती है | आप थोड़ी हिम्मत करें और एक सही योजना के साथ जीवन में आगे बढ़ें |

4. मज़े करें!

आपके बच्चे यह करने में माहिर हैं| उनको हर जगह कुछ मनोरंजन दिखता है| आप भी अपनी जिंदगी में  मनोरंजन को स्थान दें  , इससे आपका तनाव कम हो सकता है| अपने काम की  जगह पर, घर पर, लोगों के बीच, हर जगह में मज़े करें|

5. सोने का वक़्त

अगर सोने का कोई पुरस्कार होता तो बच्चे ज़रूर जीतते| लेकिन यह असलियत में शायद सही रास्ते पर हैं| झपकियाँ लेने से आपके दिमाग को आराम मिलता है| यह आपको ताजगी देता हैं|

6. खेल!

सब्जियां खिलाने से मुश्किल है ,बच्चों को खेलने से रोकना |बच्चों को खेलना सबसे ज्यादा पसंद होता है और इन सब में शारीरिक खेल सबसे ज्यादा होता है| यह इंसान के लिए बहुत  महत्पूर्ण है| शारीरिक खेल खेलने से होर्मोनेस रिलीज़ होते हैं जो तनाव को कम करतें  है और दिमाग और शरीर को आराम देंते  है|आप भी अपने आप को किसी खेल से जोड़े ज़ो आपको न सिर्फ शारीरिक रूप से चुस्त रखे और मानसिक तौर भी आप तरोताज़ा महसूस करवाए |

7. मदद माँगना!

मदद मांगने से डरिये नहीं| आपका बच्चा मदद के लिए रोने से पहले सोचता नहीं है| उनके दिमाग में यह साफ़ है| आजकल, लोगों में गर्व बहुत है जिसके कारण वे मदद नहीं मांगते हैं| मदद माँगना कोई शर्म की बात नहीं है| हर कोई थोड़ी मदद से फायदे में रह सकता है| याद रहे, आदमी सामाजिक  जीव है| हमे एक-दुसरे की ज़रुरत है|

8. माफ़ करना!

बच्चोंकी  सबसे ख़ास चीज़ यह है कि अगर वो गुस्सा भी हो तो, दुसरे मिनिट वो आपके गोद में हँस  रहे होंगे| वो लोगों के खिलाफ शिकायतें नहीं रखते हैं और आसानी से माफ़ करते हैं| हम बड़े लोगों में यह बहुत बड़ी मुशकिल है| यह याद रखें कि आप लोगों को माफ़ करने पर कुछ खोएंगे नहीं| माफ़ करें और भूल जाएँ|

9. मन में जो है उसे बोलना!

एक चीज़ है जिससे हम सब कतराते हैं और वो है मन में जो है उसे बोलना| यह चीज़ आप अपने बच्चे में नहीं देखेंगे| बच्चे कुछ भी बोलते हैं| यह कभी-कभी कष्टप्रद हो सकता  हैं| यह सहायक  भी होता है ,इससे हमे उनकी मन की बात समझ में आती है  कि उनको क्या चाहिए? मन की बात कहने से रिश्ता निभाना आसान हो जाता है |

ज़िन्दगी को अच्छे से जीए और मज़े करें| आप सिर्फ एक बार जीते हैं, तो अपने बच्चों से ज़िन्दगी की कुछ चीज़ें सीखें|

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