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5 तरीके ससुराल वालों के साथ अच्छा और प्यार भरा संबंध बनाये रखने के


अपने ससुरालवालों से एक बेहतर और स्थायी संबंध बनाए रखने की क़ोशिश हमेशा एक अच्छी पहल मानी जाती है| यह आपके और आपके पति के बीच में तनाव को कम करने में मदद करती है और ऐसा क्यों न हो? अब आपके पति को आपके और उनके बीच किसे चुने ,इसकी जरुरत ही नहीं पड़ती| यह ना सिर्फ़ आपके बच्चो को दादा दादी के प्यार और देखभाल के साथ बढ़ने का मौका देता है, बल्कि उनके साथ जीवन भर के लिए कभी ना भूल पाने वाली यादों का खज़ाना छोड़ जाता है| आप भी जिंदगी की गाड़ी मानसिक शांति के साथ आगे चलातीं हैं| जीवन के उतार चढ़ाव में ससुरालवालों का सहारा एक मज़बूत आधार का काम करता है|

 

नीचे दिए गए सुझावों को अपने जीवन में हिस्सा दें, और आप पायेंगी कि आपके रिश्ते अपने ससुरालवालों से जिंदगी भर के लिए मजबूत हो गए हैं :

 

1. अपने आप को समय दें 

 

 

आपने अपने साथी को , जीवनसाथी बनाने में एक लम्बा समय लिया | एक दुसरे को समझकर जिंदगी साथ बिताने का फैसला लिया पर इस दौरान आपको अपने ससुरालवालों को जानने का ज्यादा समय नहीं मिल पाया | थोड़ा वक़्त ले और उन्हें समझने की कोशिश करें | धैर्य के साथ उनके पसंद -नापसंद को जानने की कोशिश करे | पता करने की कोशिश करे कि उनका व्यक्तिव्य कैसा है ?ध्यान दें ,तो पायेंगी कि वे भी ख़ासकर ,आपकी सास आपको आरामदायक माहौल देने की कोशिश कर रहीं हैं | आप भी अपने कदम ,इस रिश्ते को मज़बूत करने के लिए आगे बढ़ायें क्योकि अब यह आपका परिवार भी है | थोड़ी सी कोशिश आपको उनकी लाड़ली बना देगा |

 

2. एक दुसरे की भावनाओं सम्मान करें 

 

यह सच है कि अब आप इस परिवार का हिस्सा है पर इसे हल्के में ना लें | ससुरालवालों के प्रति सम्मान दिखाएँ ,उनके लिए आदर का भाव रखें | उनके सम्मान को गाहे- बे- गाहे चोट न पहुँचाये ,ख़ासकर यह घर के बुज़ुर्गों को बहुत अच्छा लगता है | उन्हें आपको समझने में थोड़ा वक़्त लगेगा पर जब वह आपको समझने लगेंगे ,तब वो अपनी बातों और व्यवहार से आपको जताने लगेंगे कि वो आपकी क़द्र करतें हैं |

 

3. उन्हें अपने परिवार का दर्ज़ा दें 

 

 

"उनका " और "हमारा" की रेखा ,संबंधो के बीच ना खींचें ,ख़ासकर तब ,जब आपके परिवार में आपके बच्चे भी शामिल हो गए हों | मत भूलें कि ससुरालवाले आज भी आपके परिवार के अभिन्न अंग है | उन्हें विश्वास दिलायें कि आज भी उनका, उनके बेटे और पोते -पोतियों पर उतना ही हक़ है ,जितना हक़ आपका है | उन्हें अपने से अलग ना करें | जब भी बाहर जाएँ ,एक साथ जाएँ , इससे परिवार में प्यार का बंधन हमेशा मजबूत बना रहेगा |

 

4. किसी का पक्ष न लें 

 

आपके पति और उनके माता -पिता के बीच हो रही किसी भी बहस में शामिल होने से बचें | आप उनकी बात बाद में सुन सकतीं है ,पर किसी भी विवाद में सीधे -सीधे शामिल न हों क्योकि यह विवाद को और भी बढ़ा सकता है | यह बात तब भी जरुरी रहती है, जब विवाद आप ससुरालवाले और आपके माता पिता के बीच हो रहा हो | किसी का भी पक्ष न ले और न ही अपने पति को ऐसा करने दें | इसकी जग़ह विवाद का हल खोजने की कोशिश करें क्योकि हर समस्या का कोई न कोई समाधान तो होता ही है | दोनों पक्षों के बीच समझौता कराना भी एक अच्छी पहल होती है ,इससे रिश्तों में तनाव नहीं आ पाता |

5.  संबंधों में अच्छे पहलु को देखें 

 

हमेशा याद रखें कि आपके सास -ससुर ने आपके पति को जन्म दिया है और उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है कि आपने उन्हें अपने पति के रूप में चुना | उनके व्यक्तित्व के विकास में उनके माता -पिता का अमूल्य योगदान और प्रभाव रहता है | जब आपने अपने पति के व्यक्तित्व से प्यार किया ,उन्हें अपना जीवनसाथी चुना तो उनके माता पिता में जरूर कुछ बात तो होगी जिसे आप पसंद करतीं हों | उनकी अच्छाइयों को जानें | समझने की कोशिश करें कि वो क्यों आपसे किसी बात पर असहमत होतें हैं ? क्या उनकी असहमति का कारण आपके प्रति उनका प्यार या परवाह तो नहीं ?

 

थोड़ा सा धैर्य और समझदारी आपके और आपके ससुरालवालों के सम्बन्ध को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचा सकता है और आपका यह सुखी परिवार ,प्यार और देखभाल के माहौल में शांति के साथ जीवन बीता सकता है | ऊपर दिए गए सुझावों पर ध्यान देकर आप सबकी लाड़ली बन सकतीं हैं | 

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