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3 ऐसे पौष्टिक पदार्थ जो हर शिशु को देने चाहिए।

अपने शिशु को खाना खिलाना हमेशा से माँ के लिये एक बहुत कठिन काम रहा है। हमारी ही तरह बच्चे की भी यही उम्मीद रहती है कि उनका खाना और उसका स्वाद उनके पसंद के अनुसार ही हो। उन्हें जल्द ही समझ आ जाता है कि कौन सी चीज़ का स्वाद कैसा है? खासकर ऐसी चीज़े जो उन्हें बिलकुल भी पसंद न हो, वो उन्हें अच्छे तरह याद रह जाती हैं। जब बात खाने की आती है, तो उसमे बच्चें बहुत नखरें करने वाले साबित हो सकते हैं, लेकिन एक माँ होने के नाते आपको थोड़ी चिंता तो रहती ही है कि आपके बच्चे को सही तरह का आहार मिल रहा है या नही और उसे उसके आयु के अनुसार पोषण मिल भी रहा है या नही? इस सूची में हम देखेंगे 3 ऐसे बेहद पौष्टिक आहार जो हर एक शिशु के लिए लाभदायक और ज़रूरी हैं:

1. अलसी का बीज (फ्लॅक्ससेड सीड)

यह अखरोट जैसा पौधा ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर होता है, जो मस्तिष्क के उत्तम विकास के लिए बहुत आवश्यक होतें हैं। फ्लॅक्ससेड को पाउडर के रूप में या समूचा बेचा जाता है, लेकिन संशोधन से पता चलता है कि पाउडर के रूप मे अलसी का बीज हमारे शरीर द्वारा बेहतर पचाया जाता है। इस पाउडर को बच्चे के ख़ाने में छिड़क दें या पेैनकेक जैसे मीठे पदार्थों में मिलाने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपके बच्चों का अनजाने मे ही सही, पर स्वस्थ भोजन हो जाएगा!

2. शकरकंद (स्वीट पोटेटो)

यह कंद मूल सबसे पौष्टिक (और सस्ती) सब्जियों में से एक है। शकरकंद में पाए जाने वाला विटामिन ए आँखों को स्वस्थ रखता है, और शरीर में एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह भी काम करता है। शकरकंद अपने प्राकृतिक मिठास और आकर्षक रंग की वजह से शिशुओं का पसंदीदा खाना होता है, लेकिन बच्चें बड़े होने जाने के बाद अक्सर ही इनकी मिठास भूल जाते हैं। इन्हें पकाने के सबसे अच्छे और सरल तरीके है,उन्हे मैश करना और उनकी फ्राईस बनाकर परोसना।

3. ब्लैक बीन्स

ब्लैक बीन्स प्रोटीन का एक बहुत अच्छा स्रोत होते हैं, साथ ही साथ यह फाइबर और कैल्शियम - दो ऐसी चीजें जो बच्चों को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पातीं हैं, उनका भी अच्छा स्रोत होते हैं। जितना गहरा उनका रंग होगा, उतने ही बेहतर वो बीन्स भी होंगें। वे दिल की बीमारी और उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसी चीज़ों से लड़ने में हमारी मदद करते हैं, जो केवल वयस्कों में पांई जाने वाली समस्याएं नहीं हैं। इन दिनों तो 7-9 साल के बच्चे भी उच्च कोलेस्टोरोल की समस्या से ग्रस्त हैं। अपने बच्चे के आहार में काली दाल को शामिल करने के तरीके है: काली बीन्स से नाचोस या केसाडिया बनाना या सिर्फ दाल बनाकर परोसना।

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