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11 महीने के बच्चे के लिए आहार चार्ट

8 महीने की उम्र और 11 माह के उम्र वाले बच्चे के आहार चार्ट के बीच में कोई बड़ा अंतर नहीं है। अंतर सिर्फ बस इतना ही है कि 8 महीने में पहली बार दिया जाने वाला भोजन अब 11 महीने के बच्चे के लिए नियमित रूप से आहार चार्ट का एक हिस्सा बन गया है । अब जैसे कि आपका बच्चा बड़ा हो गया है तो अब वह बहुत अच्छी तरह से खाना खाएगा और नियमित आहार लेने में भी बहुत कम नखरे करेगा । वास्तव में शिशु अब आनन्द के साथ परिवर्तन को स्वीकार करते हैं और बहुत नखरे करने की बजाय आराम से खाना खा लेते हैं।

अगर बच्चा आहार बदलाव में कुछ समय लेता है तो घबराएं नहीं क्योंकि उन्हें इन नए खाद्य पदार्थों को अपने स्वाद की कलियों के अनुसार अनुकूल करने में कुछ समय तो लगता हीं हैं। माता-पिता के रूप में हम सभी को धैर्य रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे का सही पोषण हो रहा हो, जिससे बच्चे के विकास में सहायता मिलें ।

माता-पिता को 11महीने के बच्चे के लिए आहार चार्ट तैयार करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी होता है । जिस के लिए नीचे दिए गए आहार चार्ट से काफ़ी सहायता मिलेगी। आपका बच्चा अब लगभग एक वर्ष का हो गया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपने बच्चे को स्तनपान करवाना छोड़ सकते हैं ।

जब तक आपका बच्चा 12 महीने का नहीं हो जाता है, तब तक स्तनपान शिशु के आहार चार्ट का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा होता है ।

सोमवार

सप्ताह की शुरुआत सुबह स्तनपान से करें। इसके बाद नाश्ते के लिए दलिया खिचड़ी दे सकते हैं। माता-पिता को यह ध्यान रखना चाहिए कि मध्य सुबह आपके शिशु ने स्तनपान का सेवन जरूर किया हो। दोपहर के भोजन के लिए चावल और कोई भी सादा दाल दिया जा सकता है । जैसे कि फल एक बहुत अच्छे प्रकार का नाश्ता है तो शाम के दौरान कोई भी फल जो आपके बच्चे को पसंद हो छोटे-छोटे टुकड़े बनाकर दे सकते है ।अपने बच्चे को रात के खाने में पनीर डोसा दे और रात के समय सोने से पहले स्तनपान करवाएँ ।

मंगलवार

स्तनपान के साथ दिन की शुरुआत करें । नाश्ते के लिए सब्जी डोसा या इडली बनाकर दे सकते हैं। मध्य सुबह भोजन में स्तनपान का सेवन होना चाहिए। दोपहर के भोजन के लिए घर का बना दही और चावल दे। शाम के नाश्ते के लिए पकाया हुआ गाजर या आलू का सलाद देना चाहिए। रात के खाने के लिए जई और केले का दलिया दे और आखिर में माँ के दूध के साथ दिन की समाप्ति करें ।

बुधवार

नाश्ते के लिए मैकरोनी और पनीर जैसे मजेदार खाद्य पदार्थों को पेश करने का यह एक बढ़िया समय है परंतु सुबह का स्तनपान बच्चे को जरूर करवाएँ। दिन के भोजन के लिए आप मूंग दाल खिचड़ी बनाकर दे सकते हैं। शाम के नाश्ते के लिए केले का चिल्ला दे सकते हैं ,जो कि आजकल बच्चे बहुत ज्यादा पसंद करते है । रात के खाने के लिए भरवां पराठा दे सकते है । इन सभी आहार चार्ट को ध्यान में रखते हुए यह याद रखे कि सुबह के समय, मध्य सुबह और बच्चे को बिस्तर पर जाने से पहले स्तनपान जरूर करवाएँ ।

गुरूवार

हर दिन की तरह आज भी दिन की शुरुआत स्तनपान से करें। आज डोसा बनाते समय डोसा बैटर में रागी का प्रयोग करके नाश्ता बनाएं। अगर आपके बच्चे को दोपहर के भोजन और नाश्ते के बीच भूख लगी हो तो उसे स्तनपान करवा सकते है । दोपहर के भोजन में चावल और हल्का सांभर दे। शाम के नाश्ते के लिए सेब गाजर का सूप दे । कार्बोहाइड्रेट के सेवन को बरकरार रखते हुए रात के भोजन के लिए आप रोटी किसी भी सब्जी तरकारी जो आपका बच्चा बहुत पसंद करता हो के साथ दे सकते है और साथ में सोने से पहले स्तनपान जरूर करवाएँ ।

शुक्रवार

समय-सारणी को बरकरार रखते हुए सुबह के समय स्तनपान करवाएँ और नाश्ते के लिए अपने बच्चे को गेहूं का चिल्ला या डोसा दे सकते है । दोपहर और रात के भोजन के लिए आप मिश्रित चावल या इडली / डोसा रख सकते है । शाम के नाश्ते के लिए एक गिलास सेब मिल्कशेक दे। याद रहें कि सुबह, मध्य सुबह और रात को सोने से पहले स्तनपान जरूर करवाएँ ।

शनिवार

सप्ताहांत की शुरुआत सुबह स्तनपान से करें। नाश्ते के लिए एक डबल रोटी और आमलेट दे सकते हैं। दोपहर के भोजन में अच्छी तरह से मसले हुए घी चावल अंडा भुरजी के साथ दे। आपका बच्चा अब इतना बड़ा हो गया है कि वो आराम से खाने को पचा लेगा और वह उस खाने का आनंद भी लेगा । शाम के नाश्ते में उसे एक कटोरा दही का फलों के साथ दे। रात के खाने के लिए किसी भी प्रकार का डोसा दे सकते है । लेकिन याद रखें कि सुबह के दौरान, मध्य सुबह और रात्रि सोने से पहले के स्तनपान कराने का सिलसिला बनाए रखें ।

रविवार

रविवार की सुबह स्तनपान के बाद अपने बच्चे को नाश्ते में उपमा खिलाएं । मसूर की दाल और चावल रविवार दोपहर के भोजन के लिए एक अच्छा चुनाव है। नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच आपके बच्चे को स्तनपान जरूर करवाएँ । अगर आपका बच्चा पनीर पसंद करता हो तो उसे शाम के नाश्ते में पनीर के छोटे-छोटे टुकड़े दे सकते है । रात के खाने में आप उसे फिर से उपमा खिला सकते है और बाद में बच्चे को सोने से पहले स्तनपान करवाएँ ।

आप अपने बच्चे को उसके योग्य भोजन को खाता देख बहुत आनंद लेते हैं परंतु सावधानी से खाद्य पदार्थों को मसलना मत भूलें। यह सच है कि अब इस समय ज्यादातर बच्चे दांत विकसित करने लगते हैं जिससे उन्हें भोजन चबाने में मदद मिलती हैं । लेकिन सुरक्षा हेतु हमेशा यह अच्छा होगा कि आप अपने बच्चे को हर बार खानें को अच्छी तरह से मसल कर और छोटे-छोटे टुकड़े कर के दे ताकी ठोस भोजन बच्चे के गले में न अटक जाएं । बहुत शुभकामनाएँ और खुशी से पालन-पोषण करे ।

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