Link copied!
Sign in / Sign up
119
Shares

सात कारण क्यों गर्भावस्था  में आपको अपने पति का साथ चाहिए।


गर्भवती होना चुनौती पूर्ण हो सकता है। नए जमाने में हालात और भी खराब है। इस दौरान शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का दबाव होता है। हार्मोन के स्तर में उतार चढ़ाव, जो भावनाओं को नियंत्रित करते हैं, शायद इस दौरान आपको आपकी किशोरावस्था की याद दिला दे। इस दौरान मूड स्विंग से जूझना, शारीरिक तकलीफ़ को सहना व अन्य चीजें जो उनके लिए मुश्किल साबित होती है।

ज्यादा से ज्यादा जो उनका साथी उनके लिए कर सकता है, वह है इस दौर में उनके साथ रहना। क्यों?यहां बताए जा रहे हैं सात कारण की,क्यों गर्भावस्था के दौरान पति को अपनी पत्नी के साथ होना चाहिए।

  1. उन्हें भावनात्मक सहारे के लिए एक दोस्त की जरूरत होती है– गर्भावस्था के दौरान हार्मोन का स्तर बिल्कुल डगमगा जाता है, इसके कारण कई सारे मूड स्विंग होते हैं। वह एक पल में बहुत शांत होती है वहीं दूसरे पल में बहुत गुस्सा हो सकती है क्योंकि आपने अपने मोजों का जोड़ा फर्श पर ही छोड़ दिया है। उनके साथी को समझना चाहिए की उनका इस तरह व्यवहार करना सामान्य है और जो कुछ आप कर सकते हैं वह यह है की उनके साथ रहें और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुनें। बात करने से दुनिया की आधी समस्याएं सुलझ जाती है और यह बात कुछ अलग नही है। उनसे छोटी से छोटी बात करने के लिए समय निकालें, इतना करना बहुत होगा उनके मूड सही करने के लिए और पूरा दिन उन्हें खुश रखने के लिए।
  2. शारीरिक रूप से भी सहारे की जरूरत– गर्भावस्था के दौरान शरीर कई सारी तकलीफ़ और दबाव का अनुभव करता है। मालिश दर्द और तनाव को कम करने में मदद करता है। पति के लिए यह जरूरी है की वह अपने साथी को ज्यादा शारीरिक परिश्रम ना करने दें, बिल्कुल भी शारीरिक क्रिया ना करना और बुरा हो सकता है। लेकिन भारी शारीरिक काम करने से उन्हें सिर्फ नुकसान ही होता है। ऐसे में उनका साथी सामान्य काम कर सकते हैं जैसे- खाना बनाना, सफाई आदि। कई बार कुछ खाने की महक से उनकी तबियत भी खराब हो सकती है इसलिए यह बेहतर होगा की पति इस बात को समझें और इसी के अनुसार में काम करें, इन छोटे लेकिन ज़रुरी काम करने से उन्हें बहुत मदद मिलेगी।
  3. उन्हें किसी पर भरोसा करने की जरूरत है– उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से किसी की देखरेख की जरूरत होती है। सलाह लेने के लिए, जरूरी फैसले लेने के लिए, डॉक्टर के पास जाने के लिए और अपनी चिंताओं को बताने और बांटने के लिए उन्हें किसी पर भरोसा करने की जरूरत होती है। एक बच्चा उनकी पूरी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देता है। अपनी गर्भावस्था के पहले दिन से उनका जीवन बच्चे के साथ व्यस्त हो जाता है। वह मातृत्व की दुनिया में कदम रखती है इसलिए उन्हें किसी की जरूरत होती है, जो आवश्यकता पड़ने पर उनके साथ रहें।
  4. स्वस्थ गर्भावस्था के लिए– स्वस्थ गर्भावस्था बहुत आवश्यक है। मां और शिशु की सेहत किसी भी गर्भावस्था की पहली चिंता होती है। स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक है की उनका विशेष ध्यान रखा जाए, खासकर की उनके साथी द्वारा उनका ध्यान रखा जाना चाहिए और उन्हें पोष्टिक आहार खिलाना चाहिए। यह सुझाव है की पति अपनी पत्नी को महीने में एक बार डॉक्टर के पास ले जाएं।
  5. स्वस्थ शिशु के लिए– शिशु का स्वास्थ्य मां के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। उनके साथी द्वारा इस बात का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए की मां को गर्भावस्था के दौरान कोई भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ना हो। यह बहुत जरूरी है की हर समय उनका ध्यान रखा जाए और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाऐं उपलब्ध कराई जाएं। उनके साथी को उनकी ज़रूरतों का ध्यान रखना चाहिए। इससे शिशु की अच्छी सेहत के लिए भी आप सुनिश्चित हो सकते हैं।
  6. नौ महीने मज़ाक नहीं होते हैं– नौ महीने एक इंसान को अपने पेट में रखना मज़ाक की बात नहीं है। सभी चुनौतियों का सामना करना और कई सारे मूड स्विंग से गुजरना बहुत मुश्किल काम है और आखिरकार जो उनका साथी उनके लिए कर सकता है वह है, उन्हें सहारा और इस मुश्किल दौर में उनके साथ रहना, उनसे बात करना,उनके लिए छोटे-छोटे काम करना और उनकी सभी ज़रूरतों का ध्यान रखना। यह चीजें उनके साथी उनके लिए कर सकते हैं।
  7. क्योंकि यह उनका भी बच्चा है,सिर्फ अकेले आप का नहीं– सबसे जरूरी कारण की क्यों गर्भावस्था के दौरान आपके साथी को आपके साथ होना चाहिए। वह यह है की वह अकेले आपका बच्चा नहीं है। आप इस बच्चे को अपने अंदर पाल रही है। इसका मतलब यह नहीं है की सारे हालातों से आपको अकेले गुजरना पड़े। आपका साथी भी गर्भावस्था का बराबर का हिस्सा होता है, इसलिए उन्हें इसके लिए सहयोगी होना चाहिए।
Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
100%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon